कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। कोरबा शहर ले एक अइसन हृदयविदारक घटना सामने आइस हे, जेन ह हर झन ला झकझोर के रख दे हे। पड़ोसी जिला जांजगीर-चांपा ले अपन परिवार संग रोजी-रोटी कमाय बर कोरबा आए एक मजदूर परिवार ऊपर दुख के अइसन पहाड़ टूटिस, जेनकर कल्पना घलो कोनो नई कर सकय। परिवार के सिरिफ पांच बछर के मासूम बेटा प्रकाश पटेल ऊपर आवारा कुकुर मन झुंड बनाके हमला कर दिन, अऊ गंभीर रूप ले नोच-नोच के ओकर जान ले लिहिन।
ये दर्दनाक घटना के बाद पूरा इलाका मं शोक के माहौल बन गे हे। संग-संग शहर मं बढ़त आवारा कुकुर मन के आतंक अउ नगर निगम के श्वान नियंत्रण व्यवस्था ऊपर घलो गंभीर सवाल उठे लगिन।
मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप ले ग्राम मोहतरा, जिला जांजगीर-चांपा निवासी किशोर पटेल करीब तीन महीना पहिली अपन पत्नी, दू झन बेटा अउ एक बेटी संग कोरबा आके बसे रहिस। परिवार दादरखुर्द इलाका मं किराया के मकान मं रहिके दिहाड़ी मजदूरी करके अपन परिवार के गुजर-बसर करत रहिस।
हर रोज के जइसने गुरुवार बिहान घलो किशोर पटेल अउ ओकर पत्नी मजदूरी करे बर एक ग्रामीण के घर गीस रहिन। ओकर संग पांच बछर के बेटा प्रकाश घलो रहिस। दूनों पति-पत्नी अपन काम मं लगे रहिन। एही बीच दुपहर करीब तीन बजे प्रकाश अपन माई-बाबू ला कहिस कि वो रथयात्रा देखे घर जल्दी जाही। माता-पिता घलो काम निपटा के जाय के बात कहिन, फेर मासूम खुशी मं अकेल्ला घर बर निकल परिस।
प्रकाश जब पैदल घर जावत रहिस, तभे रद्दा मं घूमत आवारा कुकुर मन ओकर ऊपर हमला कर दिन। कुकुर मन झुंड बनाके हमला करिस अऊ मासूम ला नोच-नोच के गंभीर रूप ले घायल कर दिन। डर अउ पीरा ले प्रकाश लगातार चिल्लावत रहिस, फेर ओकर आवाज समय मं कोनो तक नई पहुंच पाइस।
कुछ देर बाद जब किशोर पटेल अउ ओकर पत्नी काम पूरा करके घर लहुटत रहिन, तभे रद्दा मं अपन बेटा ला कुकुर मन ले घिरे देखिन। दूनों दौड़त पहुंचिन अउ कुकुर मन ला भगाइन। तब तक मासूम गंभीर रूप ले घायल हो चुके रहिस। परिवार तुरंत ओकर ला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गीस, जिहां डॉक्टर मन जांच के बाद प्रकाश ला मृत घोषित कर दिन।
एक पल मं हंसत-खेलत परिवार ऊपर अइसन दुख टूट परिस कि पूरा परिवार बदहवास होगे। जेन बेटा कुछ देर पहिली रथयात्रा देखे के खुशी मं उछलत-कूदत रहिस, ओकर निर्जीव देह अस्पताल मं देखके माई-बाबू के रो-रो के बुरा हाल होगे। अस्पताल परिसर मं मौजूद लोगन के आंख घलो नम होगे।
ये घटना के बाद शहर मं आवारा कुकुर मन के बढ़त आतंक फिर एक बार चर्चा के विषय बन गे हे। स्थानीय नागरिक मन कहत हें कि कई इलाका मं कुकुर मन झुंड बनाके घूमथें, जेन ले छोटे लइका, बुजुर्ग अउ राहगीर मन हमेशा डरे रहिथें। लोगन के कहना हे कि नगर निगम के ओर ले समय-समय मं श्वान बधियाकरण अउ नियंत्रण अभियान चलाय जाथे, फेर जमीनी स्तर मं ओकर असर दिखई नई देय।
रहवासी मन मांग करत हें कि आवारा कुकुर मन के बढ़त संख्या ऊपर तत्काल नियंत्रण करे जावय, ताकि अइसन दर्दनाक घटना फेर ले कोनो परिवार संग नई होवय। विशेषज्ञ मन के अनुसार श्वान बधियाकरण, नियमित टीकाकरण, सुरक्षित पुनर्वास अउ निगरानी के काम लगातार अउ प्रभावी ढंग ले होय के जरूरत हे।
घटना के बाद पुलिस घलो मामला के जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई मं जुट गे हे। वहीं नगर निगम ले घलो आवारा कुकुर के समस्या ऊपर ठोस कदम उठाय के मांग तेज होवत जावत हे।
ये घटना सिरिफ एक परिवार के निजी दुख नई, बल्कि शहर के सार्वजनिक सुरक्षा ऊपर घलो गंभीर सवाल खड़ा करथे। अब देखना ये होही कि जिम्मेदार विभाग ए घटना ले सबक लेकर भविष्य मं अइसन हादसा रोके बर कइसन ठोस कदम उठाथें।
स्थानीय लोगन के आरोप, मरे मवेशी फेंके जाए के बात ले बढ़त हे खतरा
ए घटना के बाद स्थानीय रहवासी मन एक अउ गंभीर मुद्दा उठावत हें। इलाका के कई लोगन के आरोप हे कि गोकुल नगर के कुछ खटाल मन मं जब मवेशी मर जाथें, त ओमन के शव ला दादर के जंगल इलाका मं ले जाके फेंक देय जाथे। स्थानीय मन के कहना हे कि एही कारण ले जंगल अउ आसपास के इलाका मं आवारा कुकुर मन के झुंड लगातार जुटत हें।
रहवासी मन के मुताबिक, जब कुकुर मन ला ए तरह के भोजन आसानी ले मिलथे, त ओमन के संख्या अउ आक्रामक व्यवहार दुनों बढ़थे। बाद मं एही कुकुर मन रिहायशी इलाका मं घुसके राहगीर, मजदूर, स्कूल जावत लइका अउ बुजुर्ग मन ऊपर हमला करथें।
स्थानीय नागरिक मन के दावा हे कि पिछले करीब तीन महीना मं दादर अउ आसपास के इलाका मं कम से कम छह झन लोग आवारा कुकुर के हमला के शिकार हो चुके हें। अब पांच बछर के मासूम प्रकाश पटेल के मौत के बाद लोगन मं भारी आक्रोश देखे जात हे।
रहवासी मन प्रशासन ले मांग करत हें कि ए मामला के निष्पक्ष जांच कराय जावय। अगर जंगल मं मरे मवेशी फेंके जाए के बात सही पाए जाथे, त जिम्मेदार मन ऊपर कड़ी कार्रवाई होवय। संग-संग मरे मवेशी के वैज्ञानिक अउ सुरक्षित निपटान के व्यवस्था सुनिश्चित करे जावय, ताकि आवारा कुकुर मन के आतंक ऊपर लगाम लग सके।
ए घटना के बाद नागरिक मन नगर निगम अउ जिला प्रशासन ले मांग करत हें कि श्वान बधियाकरण अभियान, आवारा कुकुर नियंत्रण, मरे मवेशी के वैज्ञानिक निपटान अउ संवेदनशील इलाका मं नियमित निगरानी जइसने उपाय तत्काल लागू करे जावं, ताकि भविष्य मं कोनो अउ परिवार ला अइसन दुखद हादसा के सामना नई करना पड़े।
