कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत तरदा से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। गांव के एक सुनसान और नव-निर्मित मकान में संदिग्ध चिकित्सीय (बायोमेडिकल जैसा प्रतीत होने वाला) कचरा मिलने का दावा ग्रामीणों ने किया है। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से तत्काल जांच कर मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच गांव के एक बंद और सुनसान मकान की ओर से तेज दुर्गंध आने लगी। पहले तो लोगों ने इसे सामान्य बात समझा, लेकिन जब बदबू लगातार बढ़ती गई, तब कुछ ग्रामीण कारण जानने के लिए मौके पर पहुंचे।
मकान के भीतर प्रवेश करने पर ग्रामीणों ने दावा किया कि कमरे के अंदर बड़ी मात्रा में ऐसा कचरा पड़ा हुआ था, जो प्रथम दृष्टया चिकित्सीय अपशिष्ट (बायोमेडिकल वेस्ट) जैसा प्रतीत हो रहा था। वहां फैली तेज दुर्गंध और बिखरे हुए कचरे को देखकर लोग घबरा गए और इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों को दी।
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में यह चिकित्सीय अपशिष्ट है, तो इससे संक्रमण और गंभीर स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है।
हालांकि, अब तक संबंधित विभागों की जांच में यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि बरामद सामग्री बायोमेडिकल वेस्ट ही है। इसलिए इसकी वास्तविक प्रकृति का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि किसी अस्पताल, क्लिनिक या अन्य संस्था द्वारा नियमों के विरुद्ध इस प्रकार का कचरा सुनसान स्थान पर फेंका गया है, तो यह पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, उरगा थाना पुलिस और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से तत्काल मौके का निरीक्षण कर वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि संदिग्ध सामग्री के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी स्थान पर बायोमेडिकल कचरे का अनुचित तरीके से निपटान किया जाता है, तो इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में वैज्ञानिक जांच और सुरक्षित निस्तारण बेहद आवश्यक होता है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में सामने आने वाली रिपोर्ट क्या कहती है और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
