छत्तीसगढ़ में बारिश के दौरान बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए CSPDCL ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। जानिए करंट से बचने
रायपुर,(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में लगातार हो रही बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी बढ़ गया है। हर साल बारिश के मौसम में बिजली के टूटे तार, झुके हुए खंभे, जलभराव वाले क्षेत्रों में फैला करंट और खराब विद्युत उपकरण कई गंभीर हादसों की वजह बनते हैं। कई मामलों में लोगों की जान तक चली जाती है।
इन्हीं संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि बारिश के दौरान बिजली से जुड़े सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।
थोड़ी सी लापरवाही बन सकती है बड़ी दुर्घटना
सीएसपीडीसीएल ने कहा है कि बारिश के मौसम में बिजली के खंभों, हाईटेंशन (एचटी) लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और खुले विद्युत उपकरणों के आसपास विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। लगातार बारिश के कारण कई बार विद्युत तारों में खराबी आ जाती है या वे टूटकर जमीन पर गिर सकते हैं। ऐसे में आसपास के पानी में भी करंट फैलने की आशंका रहती है, जो किसी भी व्यक्ति या पशु के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं भी बिजली का खंभा झुका हुआ दिखाई दे, ट्रांसफॉर्मर से चिंगारी निकल रही हो, बिजली का तार टूटा हो या कोई अन्य विद्युत उपकरण क्षतिग्रस्त नजर आए तो उसे स्वयं छूने या ठीक करने का प्रयास बिल्कुल न करें।
तुरंत दें सूचना, खुद न करें सुधार का प्रयास
सीएसपीडीसीएल ने नागरिकों से कहा है कि किसी भी विद्युत खराबी की जानकारी मिलते ही तत्काल टोल-फ्री नंबर 1912, ‘मोर बिजली’ ऐप, निकटतम वितरण केंद्र अथवा संबंधित जोन कार्यालय में सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से बिजली विभाग की टीम जल्द मौके पर पहुंचकर खतरे को टाल सकती है और किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता है।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बारिश के समय यदि किसी स्थान पर बिजली के तार, ट्रांसफॉर्मर या अन्य विद्युत उपकरण मौजूद हों तो वहां जमा पानी में जाने से बचें। पानी में करंट फैलने का खतरा रहता है, जो दिखाई नहीं देता लेकिन गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
घर में किसी भी विद्युत उपकरण का उपयोग करते समय हाथ और पैर पूरी तरह सूखे रखें। यदि संभव हो तो रबर या प्लास्टिक के जूते-चप्पलों का उपयोग करें। गीले हाथों से स्विच, प्लग या बिजली के उपकरणों को छूने से बचें।
खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी अहम सलाह
बिजली कंपनी ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। खेत या बाड़ी की सुरक्षा के लिए कंटीले तारों में बिजली प्रवाहित करना पूरी तरह अवैध है। यह न केवल इंसानों बल्कि पशुओं के लिए भी बेहद खतरनाक है। ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसके अलावा खेतों में अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने के लिए कटे-फटे या पुराने तारों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है। केवल मानक गुणवत्ता वाले विद्युत उपकरणों और तारों का ही उपयोग करना सुरक्षित माना गया है।
बिजली की लाइनों के नीचे निर्माण से बचें
सीएसपीडीसीएल ने नागरिकों से अपील की है कि बिजली की लाइनों के नीचे या उसके बिल्कुल पास स्थायी अथवा अस्थायी निर्माण कार्य न करें। निर्माण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा दूरी बनाए रखना बेहद आवश्यक है। कई बार निर्माण सामग्री या लोहे की सरिया बिजली की लाइन के संपर्क में आ जाती है, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं।
यदि कहीं कोई विद्युत तार टूटकर जमीन, सड़क, नदी, नाले या तालाब में गिरा हुआ दिखाई दे तो उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखें और तुरंत संबंधित लाइनमैन, कनिष्ठ अभियंता या टोल-फ्री नंबर 1912 पर सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराएं।
बच्चों की सुरक्षा भी है बेहद जरूरी
बारिश के मौसम में बच्चों को बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों, खुले तारों और अन्य विद्युत उपकरणों के आसपास खेलने से रोकें। कई बार बच्चे अनजाने में ऐसे स्थानों के पास चले जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। अभिभावकों की थोड़ी सी सतर्कता किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है।
इसके साथ ही कपड़े सुखाने के लिए बिजली के खंभों, स्टे वायर या विद्युत संरचनाओं का उपयोग बिल्कुल न करें। कपड़े सुखाने वाले तार भी बिजली की लाइनों से पर्याप्त दूरी पर लगाए जाएं।
यदि किसी को करंट लग जाए तो क्या करें?
सीएसपीडीसीएल ने प्राथमिक उपचार को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। यदि किसी व्यक्ति को करंट लग जाए तो सबसे पहले मुख्य स्विच बंद कर बिजली का प्रवाह रोकें।
यदि स्विच बंद करना संभव न हो तो सूखी लकड़ी, सूखी रस्सी या सूखे कपड़े की सहायता से पीड़ित को बिजली के स्रोत से अलग करें। किसी भी स्थिति में पीड़ित को सीधे हाथ से न छुएं, क्योंकि ऐसा करने पर बचाने वाला व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है।
पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दें। आवश्यकता पड़ने पर कृत्रिम श्वास (सीपीआर की जानकारी होने पर) देने का प्रयास करें और बिना समय गंवाए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
बिजली कर्मियों के सहयोग की भी अपील
सीएसपीडीसीएल ने बताया कि भीषण गर्मी, तेज आंधी और लगातार बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना कर्मचारियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। खराब मौसम में फॉल्ट ढूंढ़ने और उसे ठीक करने के लिए लाइनमैन तथा तकनीकी कर्मचारी लगातार जोखिम भरे हालात में कार्य करते हैं।
ऐसे में यदि किसी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाए तो उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि घबराने की बजाय 5 से 10 मिनट तक प्रतीक्षा करें। यदि इसके बाद भी बिजली बहाल नहीं होती है तो टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं और सुधार कार्य के दौरान बिजली कर्मचारियों का सहयोग करें।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
बारिश का मौसम अपने साथ राहत के साथ-साथ कई चुनौतियां भी लेकर आता है। बिजली से जुड़ी दुर्घटनाएं अक्सर छोटी-छोटी लापरवाहियों के कारण होती हैं। यदि नागरिक सुरक्षा नियमों का पालन करें, समय पर सूचना दें और विद्युत उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, तो अधिकांश हादसों को रोका जा सकता है।
सीएसपीडीसीएल ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि बारिश के पूरे मौसम में सावधानी बरतें, अफवाहों से बचें और किसी भी विद्युत समस्या की सूचना तुरंत विभाग को दें। आपकी छोटी-सी सतर्कता न केवल आपकी बल्कि आपके परिवार और आसपास के लोगों की जान भी बचा सकती है।
