रायपुर के ग्राम नकटी मं बेदखली कार्रवाई ला लेके कांग्रेस नेता चुम्मन साहू भाजपा सरकार ऊपर जमके बरसिन। अवैध जमीन, बुलडोजर कार्रवाई अउ सरकारी सुविधा के सवाल मन ला लेके सरकार ले जवाब मांगिन। पढ़व पूरा छत्तीसगढ़ी समाचार।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। राजधानी रायपुर के ग्राम नकटी मं हाल ही मं होए बेदखली कार्रवाई अब राजनीतिक बहस के प्रमुख विषय बन गे हवय। ए मामला ला लेके कांग्रेस नेता चुम्मन साहू भाजपा सरकार ऊपर जमके हमला बोलिन। उनकर कहना हे कि ग्राम नकटी के घटना ले भाजपा के कथित “डबल इंजन सरकार” के असली चेहरा जनता के सामने आ गे हवय। चुम्मन साहू के आरोप हे कि सरकार एक ओर गरीब परिवार मन ला विकास, सुशासन अउ पक्का मकान के भरोसा देवत हे, जबकि दूसर ओर ओही गरीब परिवार मन के घर ऊपर बुलडोजर चलाय जात हवय।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, ए घटना सिरिफ बेदखली तक सीमित नइ, बल्कि सरकार के नीति अउ प्रशासनिक कार्यप्रणाली ऊपर घलो कई गंभीर सवाल खड़ा करथे। उनकर कहना हे कि सरकार ला पूरा मामला मं जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाही।
बेदखली कार्रवाई ऊपर उठाइन कई सवाल
चुम्मन साहू कहिन कि अगर संबंधित जमीन वास्तव मं अवैध कब्जा मं रहिस, त फिर ए सवाल उठथे कि बरसों तक प्रशासन अउ जिम्मेदार विभाग चुप काबर रहिन? उनकर कहना हे कि अचानक बेदखली कार्रवाई करना कई संदेह पैदा करथे।
ओमन सवाल उठाइन कि अगर जमीन सरकारी रिकॉर्ड मं अवैध रहिस, त अइसन स्थिति मं रहवासी मन ला स्थायी बिजली कनेक्शन कइसने मिलिस? सरकारी पानी टंकी के निर्माण बर मंजूरी कोन विभाग ले मिलिस? अउ ए सब सुविधा आखिर काकर अनुमति ले उपलब्ध कराय गीस?
उनकर कहना हे कि ए सवाल मन के जवाब देय बिना पूरा मामला स्पष्ट नइ हो सकय।
सरकारी योजना मन के लाभ ऊपर घलो सवाल
कांग्रेस नेता के अनुसार ग्राम नकटी मं रहत कई परिवार मन ला अलग-अलग सरकारी योजना के लाभ मिलत रहिस। एमा प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण, जल जीवन मिशन के नल कनेक्शन सहित कई बुनियादी सुविधा शामिल बताय गीस।
चुम्मन साहू पूछिन कि अगर जमीन अवैध रहिस, त फिर पात्रता जांच के बादे मिलय वाली योजना मन के लाभ कइसने स्वीकृत होइस? सरकारी धन ले बने रंगमंच अउ दूसर सार्वजनिक निर्माण कार्य काकर अनुमति ले कराय गीस? ए सब बात के जवाब सरकार ला देना चाही।
दस्तावेज जारी होए के आधार ऊपर घलो उठिस सवाल
चुम्मन साहू ए घलो कहिन कि ग्राम नकटी के रहवासी मन ला आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र जइसने जरूरी दस्तावेज जारी करे गे रहिन। ए दस्तावेज जारी करे बर सरकारी रिकॉर्ड के जरूरत होथे।
उनकर सवाल हे कि अगर कब्जा अवैध रहिस, त फिर ए दस्तावेज कऊन आधार ऊपर बनाय गें? का संबंधित विभाग मन बिना जांच-पड़ताल के ए दस्तावेज जारी करत रहिन? ए बात के निष्पक्ष जांच होए के जरूरत हवय।
सरकार ले स्पष्ट जवाब के मांग
कांग्रेस नेता कहिन कि भाजपा सरकार ला ग्राम नकटी के पूरा मामला मं जनता के सामने पारदर्शी जानकारी रखनी चाही। प्रशासनिक प्रक्रिया, सरकारी योजना मन के लाभ, आधारभूत सुविधा के स्वीकृति अउ बेदखली कार्रवाई के समय-सीमा ऊपर स्पष्ट जानकारी देय जरूरी हवय।
उनकर कहना हे कि जनता के मन मं उठत सवाल मन के जवाब शासन के जिम्मेदारी हवय। अगर बरसों ले सरकारी सुविधा उपलब्ध कराय जात रहिस, त अचानक ए कार्रवाई काबर करे गीस, ए बात साफ होनी चाही।
मामला बनिस राजनीतिक चर्चा के केंद्र
ग्राम नकटी के बेदखली मामला अब प्रदेश के राजनीतिक गलियारा मं चर्चा के विषय बन गे हवय। सत्ता पक्ष अउ विपक्ष दूनों अपन-अपन पक्ष रखत हवंय। एक ओर विपक्ष सरकार के कार्यशैली ऊपर सवाल उठा रहिस, त दूसर ओर प्रशासन अपन कार्रवाई ला नियमानुसार बतावत हवय।
आने वाला समय मं ए मामला ऊपर अउ राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकत हवय। फिलहाल जनता के नजर सरकार के आधिकारिक जवाब अउ प्रशासनिक कार्रवाई ऊपर टिके हवय।
जांच अउ आधिकारिक जानकारी के बाद होही स्थिति साफ
ग्राम नकटी के बेदखली मामला मं अलग-अलग पक्ष अपन बात रखत हवंय। कांग्रेस नेता चुम्मन साहू द्वारा उठाए गए सवाल राजनीतिक बयान के रूप मं सामने आए हवंय। वहीं, पूरा मामला के तथ्य प्रशासनिक रिकॉर्ड, सरकारी दस्तावेज अउ आधिकारिक जांच के आधार ऊपर ही स्पष्ट हो सकही।
जनता अब ए उम्मीद करत हवय कि संबंधित विभाग पूरा मामला मं पारदर्शिता रखही अउ जऊन सवाल उठाए गे हवंय, ओकर तथ्यात्मक जवाब सामने रखही।
