छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार सुखनंदन बंजारे के निधन का समाचार पूरे प्रदेश के पत्रकारिता जगत के लिए अत्यंत दुखद और भावुक करने वाला है। उनके निधन से न केवल मीडिया जगत ने एक अनुभवी और समर्पित पत्रकार को खो दिया है, बल्कि समाज ने भी एक ऐसे व्यक्तित्व को अलविदा कहा है, जिन्होंने वर्षों तक निष्पक्ष, जिम्मेदार और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई।
वरिष्ठ पत्रकार सुखनंदन बंजारे के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने X पर व्यक्त की संवेदना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा,
“वरिष्ठ पत्रकार सुखनंदन बंजारे के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं शुभचिंतकों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति।”
मुख्यमंत्री के इस संदेश के बाद विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने भी सुखनंदन बंजारे के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सुखनंदन बंजारे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और समाज के विभिन्न वर्गों की आवाज़ को मंच प्रदान किया। उनकी लेखनी में तथ्य, संवेदनशीलता और निष्पक्षता की झलक साफ दिखाई देती थी।
पत्रकारिता को उन्होंने केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम माना। यही कारण था कि वे अपने सहयोगियों और पाठकों के बीच समान रूप से सम्मानित थे। उनके निधन से छत्तीसगढ़ के मीडिया जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई आसान नहीं
सुखनंदन बंजारे के निधन की खबर सामने आने के बाद पत्रकारों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया।
कई वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि सुखनंदन बंजारे अपने सरल स्वभाव, सकारात्मक सोच और ईमानदार पत्रकारिता के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने अपने जीवनभर पत्रकारिता के मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा बने रहे
पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानी जाती है और सुखनंदन बंजारे ने इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया। उन्होंने समाचारों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करने और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की परंपरा को आगे बढ़ाया।
उनकी कार्यशैली में निष्पक्षता, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। यही वजह है कि उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक सम्मानजनक पहचान बनाई और लोगों का विश्वास अर्जित किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में धैर्य एवं शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल सरकार की ओर से श्रद्धांजलि है, बल्कि पत्रकारिता जगत के प्रति सम्मान और संवेदना का भी प्रतीक माना जा रहा है।
एक पत्रकार की पहचान केवल उसकी खबरों से नहीं होती, बल्कि उसके मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी से भी होती है। सुखनंदन बंजारे ने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में इन मूल्यों को पूरी ईमानदारी से निभाया।
उनका निधन निश्चित रूप से पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी सादगी, कार्य के प्रति समर्पण और निष्पक्ष पत्रकारिता की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिवार, मित्रों तथा शुभचिंतकों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।
