रायपुर के माना क्षेत्र के नकटी गांव मं विधायक कॉलोनी बर होवत बेदखली कार्रवाई ऊपर सांसद बृजमोहन अग्रवाल नाराज होगे हवंय। रात मं तोड़फोड़, बरसात के बखत कार्रवाई अऊ अफसर मन ऊपर कार्रवाई के मांग ला पढ़व विस्तार ले।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। राजधानी रायपुर के माना इलाका के नकटी गांव मं विधायक कॉलोनी बनाय बर प्रशासन के करवाय गे बेदखली कार्रवाई अब राजनीतिक मुद्दा बन गे हवय। ए मामला मं अब रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल घलो खुलके प्रशासनिक कार्रवाई ऊपर नाराजगी जताय हवंय। ओमन साफ शब्द मं कहिन कि रात के अंधियारी मं गरीब अऊ सामान्य परिवार मन के घर पहुंचके तोड़फोड़ करना कतको घलो जायज नई हो सकय। अइसने कार्रवाई ले प्रभावित परिवार मन ला भारी परेशानी झेलना पड़त हवय, जऊन ला नजरअंदाज नई करे जा सकय।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल कहिन कि प्रशासन के कार्रवाई मानवता अऊ संवेदनशीलता के दायरा मं होय ला चाही। बरसात के मौसम मं जब परिवार मन बर सुरक्षित छत सबसे बड़े जरूरत होथे, त अइसने बखत मं घर उजाड़े के फैसला बिल्कुल सही नई कहे जा सकय। ओमन मांग करे हवंय कि जऊन अधिकारी मन ए कार्रवाई बर जिम्मेदार हवंय, ओमन ऊपर कड़ी कार्रवाई होय अऊ पूरा मामला के निष्पक्ष जांच घलो करवाय जाय।
पहिली ले दे गे रहिस सलाह, फेर घलो होगे कार्रवाई
सांसद बताइन कि बेदखली कार्रवाई होय के पहिली वो संबंधित अधिकारी अऊ जिम्मेदार पक्ष मन ले चर्चा करे रहिन। ओमन साफ कहे रहिन कि बरसात के समय मं मकान मन ला नइ तोड़ा जाय, काबर ए समय प्रभावित परिवार मन बर रहई-बसई के सबसे बड़े संकट खड़ा हो जाही। फेर ए सलाह के बाद घलो प्रशासन ह कार्रवाई कर डारिस, जेन ले अब विवाद अऊ बढ़त दिखाई देत हवय।
ओमन कहिन कि प्रशासन ला विकास कार्य जरूर करना चाही, फेर विकास के संग-संग आम जनता के तकलीफ अऊ मानवीय पक्ष के घलो ध्यान रखे के जरूरत होथे। अगर लोगन के बात सुने बिना अऊ समय के परिस्थिति ला देखे बिना कार्रवाई होही, त ए बात जनता मं असंतोष बढ़ाही।
रात मं कार्रवाई ऊपर उठिस सवाल
नकटी गांव मं रात के समय होय तोड़फोड़ कार्रवाई ऊपर अब लगातार सवाल उठत हवंय। प्रभावित परिवार मन के कहना हवय कि रात मं अचानक प्रशासनिक टीम पहुंचिस अऊ घर खाली करवाय के संग-संग तोड़फोड़ शुरू कर दिस। ए दौरान कई परिवार घबराहट अऊ असुविधा के सामना करे बर मजबूर होगे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल घलो ए तरीका ऊपर नाराजगी जतावत कहिन कि प्रशासन ला दिन के उजाला मं, पूरा सूचना अऊ कानूनी प्रक्रिया के पालन करत कार्रवाई करना चाही। रात मं अइसने कदम उठाय ले जनता मं डर अऊ अविश्वास के माहौल बनथे, जऊन लोकतांत्रिक व्यवस्था बर सही संकेत नई आय।
अफसर मन के जवाबदेही तय करे के मांग
सांसद के कहना हवय कि अगर प्रशासनिक अधिकारी मन मनमानी ढंग ले फैसला लेथें, त ओमन के जवाबदेही तय होना चाही। ओमन मांग करे हवंय कि पूरा मामला के जांच होय अऊ जऊन अधिकारी मन नियम अऊ संवेदनशीलता के अनदेखी करे हवंय, ओमन ऊपर उचित कार्रवाई करे जाय।
ओमन कहिन कि सरकार के योजना अऊ विकास कार्य जनता के हित बर होथे, फेर अगर ए काम जनता ला तकलीफ पहुंचाके होही, त प्रशासन ला अपन तरीका ऊपर फेर ले विचार करे के जरूरत हवय।
राजनीतिक माहौल होवत गरम
नकटी गांव बेदखली मामला अब धीरे-धीरे राजनीतिक रंग घलो लेवत दिखाई देत हवय। विपक्षी दल लगातार सरकार अऊ प्रशासन ऊपर सवाल उठा रहे हवंय, जबकि सत्ता पक्ष के नेता घलो अब ए कार्रवाई के तरीका ऊपर चिंता जतावत नजर आथें।
बृजमोहन अग्रवाल के बयान के बाद ए मामला मं राजनीतिक हलचल अऊ तेज होगे हवय। राजनीतिक जानकार मन के माने त ए बयान के बाद प्रशासन ऊपर दबाव बढ़ सकथे अऊ सरकार ला पूरा मामला के समीक्षा करना पड़ सकथे।
प्रभावित परिवार मन ला राहत के उम्मीद
बेदखली कार्रवाई ले प्रभावित परिवार मन अब प्रशासन अऊ सरकार ले राहत के उम्मीद लगाए बैठे हवंय। ओमन के मांग हवय कि बरसात के मौसम मं कम से कम वैकल्पिक व्यवस्था करे बिना मकान नइ तोड़ा जाय। कई परिवार मन के कहना हवय कि छोटे-छोटे लइका अऊ बुजुर्ग मन ए स्थिति ले सबसे जियादा प्रभावित होवत हवंय।
स्थानीय लोगन के अनुसार विकास कार्य जरूरी हवय, फेर प्रभावित परिवार मन के पुनर्वास, समय अऊ सम्मान के घलो पूरा ध्यान रखे जाना चाही।
आगे का होही?
अब सबो के नजर प्रशासन अऊ राज्य सरकार के अगला कदम ऊपर टिके हवय। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान के बाद ए उम्मीद जताय जा रहल हवय कि पूरा मामला के समीक्षा हो सकथे अऊ अगर कहीं प्रक्रिया मं कमी पाय जाथे, त संबंधित अधिकारी मन ऊपर कार्रवाई घलो हो सकथे।
फिलहाल नकटी गांव बेदखली मामला राजधानी के सबसे चर्चित मुद्दा बन गे हवय। आने वाले दिन मं प्रशासन के जवाब अऊ सरकार के फैसला ले साफ होही कि ए विवाद काबर अऊ कइसे आगे बढ़थे। विकास अऊ मानवीय संवेदना के बीच संतुलन बनाय रखना अब प्रशासन बर सबसे बड़ी चुनौती बन गे हवय।
