बिलासपुर जिला के चर्चित करोड़ों रुपिया के कोयला हेराफेरी अउ मिलावट मामला मं मस्तुरी पुलिस ला बड़ी सफलता मिलिस। लंबे समय ले फरार दू आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल अउ नगदी जब्त। जानव पूरा मामला छत्तीसगढ़ी भाखा मं।
बिलासपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) ।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला मं चर्चित करोड़ों रुपिया के कोयला हेराफेरी अउ मिलावट मामला मं मस्तुरी पुलिस ला एक अउ बड़ी सफलता हाथ लगे हवय। लंबे समय ले फरार चलत दू आरोपी आखिरकार पुलिस के गिरफ्त मं आ गे हवंय। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मन ला विशेष टीम बनाके लगातार खोजबीन करे जात रहिस। तकनीकी साक्ष्य अउ मुखबिर के सूचना के आधार मं आखिरकार दूनों आरोपी मन ला पकड़ ले गे।
गिरफ्तार आरोपी मन ले पुलिस ह दू मोबाइल फोन अउ एक हजार रुपिया नगदी जब्त करे हवय। कानूनी प्रक्रिया पूरा करे के बाद दूनों ला न्यायालय मं पेश करे गीस, जिहां ले ओमन ला न्यायिक रिमांड मं जेल भेज दे गीस।
का हवय पूरा मामला?
पुलिस ले मिले जानकारी के मुताबिक, मामला प्रदेश के प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थान राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड ले जुड़ाय हवय। कंपनी के प्रतिनिधि कप्तान सत्यनारायण ह मस्तुरी थाना मं लिखित शिकायत दर्ज कराय रहिस कि कंपनी ह एसीसीएल गेवरा माइंस, कोरबा ले लगभग 30 हजार टन जी-11 ग्रेड कोयला खरीदे बर ऑर्डर दे रहिस।
ए कोयला ला एसएम एंटरप्राइजेस के माध्यम ले भारी ट्रेलर मन मं भरके कंपनी के प्लांट तक पहुंचाय जात रहिस। शिकायत के मुताबिक, परिवहन के दौरान कोयला के गुणवत्ता मं गड़बड़ी करे गीस अउ बड़े पैमाना मं हेराफेरी करके कंपनी ला करोड़ों रुपिया के आर्थिक नुकसान पहुंचाय गे।
जांच के दौरान ए बात सामने आइस कि कोयला परिवहन के बीच रास्ता मं कथित रूप ले उच्च गुणवत्ता वाला कोयला निकालके ओकर जगह कम गुणवत्ता वाला कोयला अउ दूसर सामग्री मिलाय जात रहिस। ए तरीका ले कंपनी संग आर्थिक धोखाधड़ी करे के आरोप सामने आइस।
लंबे समय ले फरार रहिन आरोपी
मामला दर्ज होय के बाद पुलिस ह कई आरोपी मन ला गिरफ्तार कर ले रहिस, फेर ए मामला के दू आरोपी लंबे समय ले फरार चलत रहिन। पुलिस लगातार ओकर तलाश मं अलग-अलग संभावित ठिकाना मं दबिश देत रहिस। तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन अउ गोपनीय सूचना के आधार मं आखिरकार पुलिस ह दूनों आरोपी मन तक पहुंचगे।
मस्तुरी पुलिस के विशेष टीम ह योजनाबद्ध कार्रवाई करके आरोपी मन ला गिरफ्तार कर थाना लाय, जिहां पूछताछ के बाद कानूनी कार्रवाई पूरी करे गीस।
मोबाइल फोन घलो बन सकथे महत्वपूर्ण सबूत
पुलिस के कब्जा मं आए दू मोबाइल फोन अब जांच के दृष्टिकोण ले काफी महत्वपूर्ण माने जात हवंय। जांच एजेंसी मोबाइल के कॉल डिटेल, चैट, लोकेशन हिस्ट्री अउ दूसर डिजिटल जानकारी के जांच करही। संभावना जताय जात हवय कि ए मोबाइल मन ले पूरा नेटवर्क अउ बाकी आरोपी मन के बारे मं महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकथे।
पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल मन ला फॉरेंसिक जांच बर घलो भेजे जा सकथे, ताकि डिजिटल साक्ष्य के आधार मं पूरा षड्यंत्र के खुलासा हो सके।
करोड़ों के नुकसान के जांच जारी
प्रारंभिक जांच मं सामने आए तथ्य के आधार ऊपर पुलिस मानत हवय कि ए मामला सिरिफ साधारण चोरी के नइ, बल्कि संगठित ढंग ले करे गे आर्थिक अपराध के रूप मं देखे जात हवय। कोयला परिवहन, गुणवत्ता मं मिलावट अउ कथित हेराफेरी के चलते कंपनी ला करोड़ों रुपिया के नुकसान पहुंचे के आशंका जताय जात हवय।
जांच एजेंसियां अब ए बात के घलो पता लगा रही हवंय कि ए पूरा खेल मं अउ कतका लोग शामिल रहिन अउ काकर-काकर भूमिका रहिस।
बाकी आरोपी मन ऊपर घलो नजर
मस्तुरी पुलिस के कहना हवय कि मामला के विवेचना अभी जारी हवय। अब तक मिले साक्ष्य के आधार ऊपर कई बिंदु मन के जांच होवत हवय। यदि जांच मं अउ दूसर लोगन के संलिप्तता सामने आही, त ओमन ऊपर घलो नियमानुसार कार्रवाई करे जाही।
पुलिस अधिकारी मन के मुताबिक, आर्थिक अपराध चाहे कतको बड़ा काबर नइ होवय, दोषी मन ला कानून के दायरा मं जरूर लाय जाही।
औद्योगिक क्षेत्र बर गंभीर मामला
विशेषज्ञ मन के अनुसार, कोयला सिरिफ एक खनिज नइ, बल्कि इस्पात उद्योग, बिजली उत्पादन अउ भारी उद्योग के आधार आय। अइसने मामला ले उद्योग जगत मं भरोसा प्रभावित हो सकथे। एखर से जरूरी हो जाथे कि कोयला परिवहन, गुणवत्ता जांच अउ आपूर्ति व्यवस्था मं पारदर्शिता बने रहय।
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख कोयला उत्पादक राज्य मं ले एक आय। ए कारण कोयला परिवहन मं गड़बड़ी के मामला ऊपर प्रशासन अउ पुलिस विशेष नजर रखथे।
जांच अभी जारी
फिलहाल मस्तुरी पुलिस पूरा मामला के हर पहलू के बारीकी ले जांच करत हवय। गिरफ्तार आरोपी मन ले पूछताछ जारी हवय अउ मिले साक्ष्य के आधार ऊपर आगे के कानूनी कार्रवाई की जावत हवय।
पुलिस के कहना हवय कि मामला मं शामिल बाकी संदेही मन के पहचान अउ गिरफ्तारी बर प्रयास लगातार जारी रहिही। जांच पूरा होय के बाद पूरा षड्यंत्र अउ आरोपी मन के भूमिका स्पष्ट हो सकही।
