रायगढ़ के पुसौर थाना क्षेत्र मं सड़क दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-53 जाम करे वाले लोगन ऊपर पुलिस के कड़ा कार्रवाई। बलवा, शासकीय काम मं बाधा, धमकी अउ राजमार्ग जाम करे के आरोप मं बीएनएस के कई धारामं अपराध दर्ज। पढ़व पूरा खबर।
रायगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)।रायगढ़ जिला के पुसौर थाना क्षेत्र मं सड़क दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (एनएच-53) ला घंटों तक जाम करके यातायात बाधित करना अब प्रदर्शनकारी मन बर भारी पड़त दिखत हवय। कानून-व्यवस्था बिगड़ना अउ आम जनता के आवागमन मं बाधा खड़ा होय के मामला ला गंभीरता ले लेते हुए पुसौर पुलिस संबंधित लोगन ऊपर कड़ा वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दे हवय। पुलिस बलवा, राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करना, शासकीय काम मं बाधा पहुंचाना, गाली-गलौज अउ धमकी देय जइसने आरोप मं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अलग-अलग धारामं अपराध दर्ज करके जांच शुरू कर दे हवय।
पुलिस ले मिले जानकारी के मुताबिक, हाल ही मं पुसौर थाना क्षेत्र मं होय एक सड़क दुर्घटना के बाद बड़ी संख्या मं ग्रामीण अउ स्थानीय लोग राष्ट्रीय राजमार्ग-53 ऊपर जुट गिन। घटना के विरोध मं लोगन सड़क मं उतरके चक्काजाम कर दिन, जेनकर चलते राष्ट्रीय राजमार्ग के दूनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गे। ए जाम के कारण यात्री बस, मालवाहक ट्रक, निजी वाहन, एम्बुलेंस अउ जरूरी सेवा ले जुड़े कई वाहन घंटों तक फंसे रहिन।
प्रत्यक्षदर्शी मन के अनुसार, दुर्घटना के बाद लोगन मं भारी नाराजगी देखे गीस। प्रदर्शनकारी मन तत्काल कार्रवाई अउ अपनी मांग मन ला पूरा करे के मांग करत रहिन। जाम के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग मं यातायात पूरी तरह ठप होगे, जेनकर असर दूर-दूर ले आना-जाना करे वाले हजारों लोगन ऊपर परे।
घटना के सूचना मिलते ही पुसौर पुलिस अउ प्रशासनिक अधिकारी मौके मं पहुंचिन। अधिकारी मन पहिली प्रदर्शनकारी मन ला शांतिपूर्ण ढंग ले समझाइस देवत रहिन अउ राजमार्ग खाली करे के आग्रह करिन, ताकि यातायात बहाल हो सके। कुछ देर तक बातचीत के बाद स्थिति नियंत्रण मं आय, फेर तब तक आम जनता ला भारी परेशानी झेलना परिस।
पुलिस के कहना हवय कि लोकतांत्रिक व्यवस्था मं हर नागरिक ला अपन बात रखे के पूरा अधिकार हवय, फेर सार्वजनिक सड़क, खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग ला घंटों तक जाम करके आम जनता ला परेशान करना कानून के दायरा मं अपराध आय। ए प्रकार के आंदोलन ले सिरिफ यातायात बाधित नइ होवय, बल्कि आपातकालीन सेवा घलो प्रभावित होथे, जेन ले गंभीर परिस्थिति बन सकथे।
पुलिस के प्रारंभिक जांच मं ए बात सामने आय हवय कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के आवाजाही जानबूझकर रोक दीस गे रहिस। एखर अलावा शासकीय काम मं बाधा पहुंचाय, सरकारी कर्मचारी मन संग अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज अउ धमकी देय जइसने शिकायत घलो दर्ज कराय गीस।
ए सब तथ्य के आधार ऊपर थाना पुसौर मं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत धारा 190, 191(2), 126(2), 296 अउ 351(2) मं अपराध पंजीबद्ध करे गे हवय। पुलिस मामला के विवेचना शुरू कर दे हवय अउ घटना मं शामिल बाकी लोगन के पहचान करे के काम घलो जारी हवय।
जांच अधिकारी मन के मुताबिक, घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी कैमरा, मोबाइल रिकॉर्डिंग अउ प्रत्यक्षदर्शी मन के बयान के आधार ऊपर पूरा घटनाक्रम के जांच करे जात हवय। जेन-जेन लोग कानून व्यवस्था बिगाड़े, राजमार्ग जाम करे अउ शासकीय काम मं बाधा पहुंचाय के दोषी पाए जाहीं, ओमन ऊपर नियमानुसार कार्रवाई होही।
पुलिस अधिकारी मन साफ कहिन कि विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र के हिस्सा जरूर आय, फेर एखर तरीका कानून के भीतर होना जरूरी हवय। राष्ट्रीय राजमार्ग जइसने महत्वपूर्ण सड़क ला बंद करके हजारों निर्दोष नागरिक मन ला घंटों तक परेशान करना कानूनन उचित नइ माने जा सकय।
विशेषज्ञ मन के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग देश के आर्थिक अउ परिवहन व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्सा आय। एमा लंबे समय तक जाम लगना ले व्यापार, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा अउ आम जनजीवन ऊपर सीधा असर पड़थे। एखर से प्रशासन घलो अइसने मामला मं तुरंत हस्तक्षेप करके कानून व्यवस्था बहाल करे के प्रयास करथे।
पुलिस विभाग ह आम नागरिक मन ले अपील करे हवय कि यदि कभू अइसने घटना होथे, त कानून हाथ मं लेय के बजाय प्रशासन संग बातचीत करके समाधान निकालना चाही। कानून के दायरा मं रहिके आंदोलन करे ले समस्या के समाधान जल्दी निकल सकथे अउ आम जनता ला परेशानी घलो नइ होवय।
फिलहाल पुसौर पुलिस पूरा मामला के गंभीरता ले जांच करत हवय। उपलब्ध साक्ष्य, वीडियो फुटेज अउ प्रत्यक्षदर्शी मन के बयान के आधार ऊपर आगे के वैधानिक कार्रवाई जारी रहिही। पुलिस के कहना हवय कि कानून व्यवस्था बिगाड़े वाले कोनो घलो व्यक्ति ला बख्शा नइ जाही अउ दोषी पाए जाय के बाद नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे जाही।
छत्तीसगढ़ मं लगातार बढ़त सड़क दुर्घटना के मामला मन के बीच पुलिस प्रशासन ह एक बार फेर साफ संदेश दे हवय कि दुर्घटना के बाद विरोध दर्ज कराय के अधिकार सबो ला हवय, फेर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ना अउ राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करना कानून के नजर मं गंभीर अपराध आय। एही कारण पुसौर थाना मं दर्ज ए मामला आने वाले समय मं अइसने घटना मन बर एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हो सकथे।
