(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)| संत शिरोमणि सतगुरु कबीर दास जी के जयंती के अवसर मं सोमवार के दिन कुदमुरा गांव भक्ति, श्रद्धा अऊ सामाजिक समरसता के रंग मं पूरी तरह रंगाय नजर आइस। कबीर पंथ समाज के अगुवाई मं आयोजित ए भव्य धार्मिक आयोजन मं आसपास के गांव-गांव ले हजारों श्रद्धालु पहुंचिन। दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रम, निर्गुण भजन, सत्संग अऊ शोभायात्रा के चलते पूरा इलाका आध्यात्मिक माहौल ले सराबोर होगे।
कार्यक्रम के दौरान चारों ओर “निर्गुण ब्रह्म”, “संत कबीर साहेब अमर रहें” अऊ सतनाम के जयघोष लगातार गूंजत रहिस। श्रद्धालु मन के उत्साह अऊ आस्था देखके लगत रहिस कि कबीर साहेब के विचार आज घलो समाज के हर वर्ग बर प्रेरणा के स्रोत हें।
भव्य शोभायात्रा ले होइस कार्यक्रम के शुरुआत
संत कबीर जयंती समारोह के शुरुआत कुदमुरा के कबीर मंदिर चौरा ले निकले भव्य शोभायात्रा ले होइस। शोभायात्रा मं सतगुरु कबीर साहेब के तस्वीर, पंथ के निशान अऊ धार्मिक ध्वज के संग श्रद्धालु मन पारंपरिक वेशभूषा मं शामिल होइस।
ढोल, मंजीरा अऊ निर्गुण भजन के मधुर स्वर के बीच श्रद्धालु मन गांव के प्रमुख मार्ग मन ले गुजरिन। पूरा रास्ता भक्ति गीत अऊ सतनाम के जयघोष ले गूंजत रहिस। गांव के लोग मन जगह-जगह शोभायात्रा के स्वागत करत फूल बरसाइन अऊ श्रद्धा व्यक्त करिन।
महिला, युवा अऊ नान्हे मन के उत्साह बनिस आकर्षण
ए धार्मिक आयोजन के सबसे खास बात रहिस कि एमा समाज के हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़ के हिस्सा लिन। महिला मन पारंपरिक परिधान मं निर्गुण भजन गावत नजर आइन, त युवा मन शोभायात्रा के व्यवस्था संभालिन।
नान्हे-नान्हे लइका मन हाथ मं ध्वज अऊ कबीर साहेब के संदेश लिखे तख्ती लेके चलत रहिन। बुजुर्ग श्रद्धालु मन घलो पूरे उत्साह ले कार्यक्रम मं शामिल होके कबीर साहेब के उपदेश मन ल याद करिन।
गांव के लोग मन कहिन कि ए प्रकार के आयोजन ले नई पीढ़ी ल अपन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा अऊ संत कबीर के विचारधारा के बारे मं जानई के मौका मिलथे।
निर्गुण भजन अऊ सत्संग ले भक्तिमय होइस माहौल
दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रम मं कबीर पंथ के संत अऊ भजन मंडली मन निर्गुण भजन प्रस्तुत करिन। भजन के माध्यम ले सतगुरु कबीर साहेब के जीवन, दर्शन अऊ समाज सुधार के संदेश ल सरल भाषा मं श्रद्धालु मन तक पहुंचाय गीस।
सत्संग के दौरान वक्ता मन कहिन कि कबीर साहेब अपन पूरा जीवन मानवता, समानता अऊ भाईचारा के संदेश देत बिताइन। जात-पात, ऊंच-नीच अऊ सामाजिक भेदभाव के खिलाफ कबीर साहेब के विचार आज घलो समाज बर उतकेच प्रासंगिक हें।
ओमन कहिन कि कबीर साहेब ह हमेशा प्रेम, सत्य, करुणा अऊ सदाचार के रास्ता अपनाय के प्रेरणा देइन, जेन ल अपन जीवन मं उतारना हर मनखे के जिम्मेदारी हे।
सामाजिक समरसता के संदेश देइस आयोजन
कुदमुरा मं आयोजित ए समारोह सिरिफ धार्मिक कार्यक्रम भर नई रहिस, बल्कि सामाजिक समरसता अऊ आपसी भाईचारा के संदेश देय के माध्यम घलो बनिस। अलग-अलग समाज, वर्ग अऊ गांव ले आए लोग मन एक संग बैठके सत्संग सुनिन अऊ प्रसाद ग्रहण करिन।
कबीर पंथ समाज के पदाधिकारी मन कहिन कि संत कबीर साहेब के पूरा जीवन समाज ल जोड़ई के संदेश देथे। आज के समय मं जब समाज मं कई प्रकार के मतभेद देखे जाथे, त ए प्रकार के आयोजन मन एकता अऊ सद्भावना ल अउ मजबूत करथें।
श्रद्धालु मन के सुविधा बर रहिस बेहतर व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान बाहर ले पहुंचे श्रद्धालु मन बर पेयजल, भोजन, विश्राम अऊ पार्किंग के विशेष व्यवस्था करे गे रहिस। स्वयंसेवक मन पूरे दिन व्यवस्था संभालत रहिन ताकि श्रद्धालु मन ल कोनो प्रकार के असुविधा नई होवय।
आयोजन समिति के सदस्य मन बताइन कि कार्यक्रम के तैयारी कई दिन पहिली ले शुरू कर दीस गे रहिस, ताकि दूर-दराज ले आए श्रद्धालु मन ल सहज अऊ व्यवस्थित माहौल मिल सके।
नई पीढ़ी ल संस्कृति ले जोड़ई के प्रयास
समारोह मं उपस्थित समाज के वरिष्ठ जन मन कहिन कि ए प्रकार के धार्मिक अऊ सांस्कृतिक आयोजन ले युवा पीढ़ी अपन विरासत अऊ संत परंपरा के बारे मं सीखथे। कबीर साहेब के विचार सिरिफ आध्यात्मिक नई, बल्कि सामाजिक जीवन मं घलो सही दिशा देखाथें।
ओमन युवा मन ल कबीर साहेब के दोहा, जीवन दर्शन अऊ मानवता के संदेश ल अपन जीवन मं उतारे के आह्वान करिन।
भक्ति अऊ आस्था के संग संपन्न होइस आयोजन
दिनभर चले भजन, सत्संग, शोभायात्रा अऊ सामूहिक प्रार्थना के बाद समारोह भक्तिमय वातावरण मं संपन्न होइस। कार्यक्रम के आखिर मं श्रद्धालु मन देश, प्रदेश अऊ समाज के सुख-समृद्धि, शांति अऊ आपसी सद्भावना बर प्रार्थना करिन।
गांव के बुजुर्ग मन के कहना रहिस कि हर साल कबीर जयंती के ए आयोजन समाज ल एक सूत्र मं बांधे के काम करथे अऊ कबीर साहेब के अमर संदेश ल नई पीढ़ी तक पहुंचाय मं महत्वपूर्ण भूमिका निभाथे।
कुदमुरा मं मनाय गे संत शिरोमणि सतगुरु कबीर दास जी के जयंती समारोह श्रद्धा, भक्ति अऊ सामाजिक समरसता के सुंदर उदाहरण बनिस। हजारों श्रद्धालु मन के सहभागिता, भव्य शोभायात्रा, निर्गुण भजन अऊ सत्संग ले पूरा इलाका आध्यात्मिक ऊर्जा ले भर गे। ए आयोजन ह फेर एक बेर साबित कर दीस कि संत कबीर साहेब के प्रेम, समानता अऊ मानवता के संदेश आज घलो समाज बर उतकेच प्रेरणादायी अऊ प्रासंगिक हें।
