रायपुर। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए गए वादों को पूरा कराने की मांग को लेकर प्रदेशभर की स्वास्थ्य मितानिनों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर जिले की हजारों मितानिनें एकजुट होकर सड़कों पर उतरीं और अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान मितानिनों ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया और बाद में विशाल रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
सुबह करीब 11 बजे शहर के घंटाघर चौक पर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य मितानिनें एकत्रित हुईं। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए मितानिनों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने मितानिनों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा का भरोसा दिलाया था, लेकिन सरकार बनने के बाद अब तक उन वादों को पूरा नहीं किया गया है।
वादे पूरे करने की मांग को लेकर जताया आक्रोश
मितानिनों का कहना है कि वे वर्षों से गांव-गांव और शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहली कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात शिशुओं की निगरानी, टीकाकरण अभियान, पोषण कार्यक्रम, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी मितानिनें निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
प्रदर्शन में शामिल मितानिनों ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें कई आश्वासन दिए गए थे। अब समय आ गया है कि सरकार अपने वादों को धरातल पर उतारे और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के हित में ठोस निर्णय ले।
घंटाघर चौक से कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली
धरना प्रदर्शन के बाद मितानिनों ने अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से घंटाघर चौक से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकाली। रैली के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद मितानिन संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार से चुनावी घोषणाओं को शीघ्र लागू करने और मितानिनों की लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की गई।
स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं मितानिनें
मितानिनें प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा मानी जाती हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भी मितानिनों का बड़ा योगदान है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है तो सबसे पहले जमीनी स्तर पर काम करने वाली मितानिनों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग
मितानिन संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार उनके ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करेगी और चुनाव के दौरान किए गए वादों को जल्द पूरा करेगी।
हालांकि, इस प्रदर्शन को लेकर सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार मितानिनों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।
प्रदेशभर में दिखी एकजुटता
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर आयोजित इस सांकेतिक धरना और रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और मितानिनों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार और मितानिन संघ के बीच जल्द सकारात्मक संवाद नहीं हुआ तो यह मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
