कोरबा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला कोरबा के तत्वावधान मं प्रेस क्लब, तिलक भवन मं एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता के आयोजन करे गीस। ए अवसर मं धरसींवा विधायक अऊ भाजपा नेता अनुज शर्मा आपातकाल के विषय ऊपर विस्तार ले अपन विचार रखिन। उंकर कहना रहिस कि 25 जून 1975 ले 21 मार्च 1977 तक के अवधि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास मं सबसे काला अध्याय के रूप मं याद करे जाथे।
पत्रकार वार्ता के दौरान अनुज शर्मा कहिन कि ए अवधि मं देश के लोकतांत्रिक संस्थान, नागरिक अधिकार अऊ अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता ऊपर गंभीर प्रहार होय रहिस। उंकर मुताबिक आपातकाल के समय देश के जनता ला कई प्रकार के प्रतिबंध अऊ दमनकारी नीतियों के सामना करना पड़िस।
सत्ता बचाय बर लगाय गीस आपातकाल : अनुज शर्मा
विधायक अनुज शर्मा ऐतिहासिक घटनाक्रम के उल्लेख करत कहिन कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्वाचन ला अवैध घोषित करे के बाद देश मं राजनीतिक स्थिति बदल गे रहिस। उंकर कहना रहिस कि ए फैसला के बाद सत्ता बचाय के उद्देश्य ले देश मं आपातकाल लागू करे गीस।
अनुज शर्मा के अनुसार तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद द्वारा संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लागू करे गीस, जेनकर बाद देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था ऊपर व्यापक प्रभाव परे रहिस। उंकर दावा रहिस कि ए दौरान नागरिक मन के मूल अधिकार सीमित कर देय गीस अऊ लोकतांत्रिक संस्थान मन के भूमिका कमजोर होगे रहिस।
विपक्षी नेता अऊ सामाजिक कार्यकर्ता मन के गिरफ्तारी
पत्रकार वार्ता मं विधायक शर्मा कहिन कि आपातकाल लागू होते ही देशभर मं विपक्षी नेता, सामाजिक कार्यकर्ता अऊ विभिन्न संगठन मन के कार्यकर्ता मन ऊपर कार्रवाई शुरू होगे रहिस।
उंकर अनुसार लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई अऊ जॉर्ज फर्नांडिस जइसने कई बड़े नेता मन ला गिरफ्तार करके जेल भेजे गीस। हजारों राजनीतिक कार्यकर्ता अऊ सामाजिक संगठन मन के सदस्य घलो ए कार्रवाई के दायरा मं आइन।
अनुज शर्मा के कहना रहिस कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मन के लंबा संघर्ष अऊ बलिदान ले प्राप्त लोकतंत्र ऊपर ए समय गंभीर संकट आ गे रहिस।
मीडिया ऊपर सेंसरशिप के आरोप
विधायक अनुज शर्मा पत्रकारिता अऊ मीडिया के भूमिका ऊपर बात करत कहिन कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता सबसे ज्यादा प्रभावित होय रहिस।
उंकर अनुसार समाचार पत्र मन ऊपर कड़ा सेंसरशिप लागू करे गीस। कई अखबार मन के प्रकाशन मं बाधा डारे गीस अऊ पत्रकार मन ऊपर कार्रवाई करे गीस। उंकर दावा रहिस कि लोकतंत्र के आवाज ला दबाय के कोशिश करे गीस अऊ स्वतंत्र पत्रकारिता ऊपर प्रतिबंध लगाय गीस।
शर्मा कहिन कि लोकतंत्र के मजबूत आधार अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता अऊ स्वतंत्र मीडिया होथे। ए कारण ले इतिहास के ए घटनाक्रम ला याद रखे जरूरी हे।
युवा पीढ़ी ला इतिहास जानना जरूरी
पत्रकार वार्ता के दौरान अनुज शर्मा विशेष रूप ले युवा पीढ़ी के उल्लेख करिन। उंकर कहना रहिस कि आज के युवा मन ला आपातकाल के इतिहास अऊ ओकर प्रभाव के बारे मं जानकारी होना जरूरी हे।
उंकर अनुसार लोकतंत्र सिरिफ मतदान तक सीमित नई हे, बल्कि नागरिक अधिकार, अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता अऊ संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण घलो लोकतंत्र के महत्वपूर्ण हिस्सा आय।
शर्मा कहिन कि यदि नई पीढ़ी इतिहास के ए अध्याय ला समझही, तबे लोकतांत्रिक संस्थान अऊ संवैधानिक मूल्यों के महत्व ला बेहतर ढंग ले जान सकही।
लोकतंत्र के प्रति जागरूकता अभियान चलावत हे भाजपा
अनुज शर्मा बताइन कि भारतीय जनता पार्टी लगातार लोकतंत्र, संविधान अऊ नागरिक अधिकार मन के प्रति जागरूकता बढ़ाय बर विभिन्न कार्यक्रम अऊ जनजागरण अभियान चलावत हे।
उंकर कहना रहिस कि लोकतंत्र के रक्षा सिरिफ सरकार या राजनीतिक दल के जिम्मेदारी नई, बल्कि हर नागरिक के जिम्मेदारी आय। ए कारण ले लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण बर समाज के हर वर्ग के सहभागिता जरूरी हे।
बड़ी संख्या मं मौजूद रहिन भाजपा पदाधिकारी
ए पत्रकार वार्ता मं भाजपा के कई वरिष्ठ नेता अऊ पदाधिकारी घलो मौजूद रहिन। कार्यक्रम मं महापौर संजू देवी राजपूत, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, जिला सह कोषाध्यक्ष नवीन अरोरा, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, जिला सह संयोजक सोशल मीडिया नीरज ठाकुर, डॉ. राजेश राठौर, योगेश मिश्रा अऊ राकेश नागरमल अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहिन।
लोकतंत्र के इतिहास ऊपर फेर शुरू होई बहस
25 जून के अवसर मं आपातकाल के मुद्दा ऊपर देशभर मं विभिन्न राजनीतिक दल मन द्वारा कार्यक्रम आयोजित करे जात हे। कोरबा मं आयोजित ए पत्रकार वार्ता के बाद घलो आपातकाल, लोकतंत्र अऊ संवैधानिक अधिकार मन के विषय मं चर्चा फेर तेज हो सकथे।
विधायक अनुज शर्मा के अनुसार इतिहास के ए अध्याय ला याद रखे अऊ आने वाली पीढ़ी तक सही जानकारी पहुंचाय लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण बर आवश्यक हे। एही संदेश संग भाजपा नेता मन लोकतंत्र के महत्व अऊ संवैधानिक अधिकार मन के प्रति जागरूकता बढ़ाय के बात कहिन।
