Chhattisgarh IPS Transfer: छत्तीसगढ़ सरकार ने 31 वरिष्ठ IPS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल किया है। पवन देव, एसआरपी कल्लूरी, दीपांशु काबरा समेत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलीं। जानें पूरी जानकारी।
रायपुर(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस प्रशासन में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 31 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नए पदस्थापन आदेश जारी किए हैं। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में पुलिस विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में महानिदेशक स्तर से लेकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और सहायक पुलिस महानिरीक्षक स्तर तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सरकार के इस फैसले को राज्य की पुलिस व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण, यातायात, तकनीकी सेवाओं और विशेष इकाइयों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि नई पदस्थापन सूची में नगर सेना, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन सेवा, पुलिस प्रशिक्षण, पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, प्रशासन, चयन, अभियोजन, वित्त, योजना, रेल, यातायात, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, डायल-112 और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं।
पुलिस प्रशासन के अहम पदों पर नई नियुक्तियां
जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पवन देव को महानिदेशक, नगर सेना, नागरिक सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं की जिम्मेदारी दी गई है। उनके कंधों पर अब नगर सेना के संचालन के साथ नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी होगी। आपदा, आगजनी और आपातकालीन परिस्थितियों में इन विभागों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
वहीं गुरजिंदर पाल सिंह को महानिदेशक, प्रशिक्षण एवं महानिदेशक, राज्य पुलिस अकादमी का दायित्व सौंपा गया है। पुलिस बल के प्रशिक्षण और भविष्य के अधिकारियों एवं जवानों को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने में राज्य पुलिस अकादमी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बदलते अपराधों, साइबर अपराध, तकनीकी जांच और आधुनिक पुलिसिंग के दौर में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना एक बड़ी जिम्मेदारी माना जा रहा है।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एसआरपी कल्लूरी को प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन बनाया गया है। पुलिसकर्मियों और पुलिस विभाग से जुड़े आवासीय एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों में पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की अहम भूमिका रहती है। नई जिम्मेदारी के साथ पुलिस अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन और अभियोजन व्यवस्था में भी बदलाव
आदेश के मुताबिक प्रदीप गुप्ता को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रशासन एवं चयन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें संचालक अभियोजन का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस बल में चयन से संबंधित जिम्मेदारियों के अलावा अभियोजन से जुड़ा अतिरिक्त दायित्व उन्हें और महत्वपूर्ण भूमिका में रखता है।
इसी तरह विवेकानंद को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वित्त, योजना एवं प्रबंध का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पुलिस विभाग जैसे बड़े तंत्र के लिए वित्तीय योजना, संसाधनों का प्रबंधन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार कार्ययोजना तैयार करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
रेल और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
राज्य में रेल सुरक्षा और सड़क यातायात से जुड़े मामलों को देखते हुए दीपांशु विजय काबरा को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, रेल एवं यातायात का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव के बीच यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और रेल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संबंधित विभाग की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। आने वाले समय में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर नई रणनीतियों पर भी काम होने की संभावना है।
नशे के खिलाफ अभियान को मिल सकती है नई धार
छत्तीसगढ़ सरकार ने एंटी नारकोटिक्स व्यवस्था में भी जिम्मेदारियों का पुनर्गठन किया है। अमित कुमार को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
वहीं अंकित कुमार गर्ग को पुलिस महानिरीक्षक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ विशेष शाखा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की भूमिका काफी अहम है।
नई जिम्मेदारियों के बाद नशे के अवैध कारोबार, अंतरराज्यीय नेटवर्क और संगठित तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की उम्मीद की जा रही है। विशेष शाखा का अतिरिक्त प्रभार मिलने से खुफिया और संवेदनशील मामलों में भी समन्वय बढ़ने की संभावना है।
तकनीकी सेवाएं और डायल-112 भी नई जिम्मेदारी के दायरे में
डॉ. आनंद छाबड़ा को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं, डायल-112 एवं दूरसंचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अपराध नियंत्रण से लेकर आपातकालीन प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था और पुलिस की तकनीकी क्षमता तक कई महत्वपूर्ण काम इस विभाग से जुड़े हैं।
डायल-112 जैसी आपातकालीन सेवा आम नागरिकों के लिए पुलिस सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करना और आपातकालीन प्रतिक्रिया को अधिक तेज एवं प्रभावी बनाना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की कमान पर नया दायित्व
वरिष्ठ अधिकारी ओमप्रकाश पॉल को पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, महत्वपूर्ण आयोजनों की सुरक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिसिंग और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय के लिहाज से यह महत्वपूर्ण पद है।
कानून-व्यवस्था किसी भी राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होती है। इसलिए इस पद पर नई जिम्मेदारी को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
31 अधिकारियों के फेरबदल का क्या हो सकता है असर?
31 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पदस्थापन में बदलाव केवल अधिकारियों के स्थानांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को नई दिशा देने वाले व्यापक प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार ने जिन विभागों में जिम्मेदारियों में बदलाव किया है, वे सीधे तौर पर पुलिस की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े हुए हैं।
नगर सेना और अग्निशमन से लेकर पुलिस प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था, यातायात, रेल सुरक्षा, तकनीकी सेवाएं और डायल-112 तक कई महत्वपूर्ण विभाग इस फेरबदल के दायरे में हैं। इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
विशेष रूप से एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दिया जाना यह संकेत देता है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई प्रशासन की प्राथमिकताओं में बनी रह सकती है। इसी तरह तकनीकी सेवाओं और डायल-112 पर विशेष जिम्मेदारी आधुनिक और त्वरित पुलिसिंग की जरूरत को भी दर्शाती है।
सरकार के नए आदेश के बाद आगे क्या?
नए पदस्थापन आदेश के बाद संबंधित अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियां संभालेंगे। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की प्राथमिकताओं और कार्ययोजनाओं में बदलाव देखने को मिल सकता है। पुलिस प्रशासन के शीर्ष स्तर पर हुए इस व्यापक फेरबदल का असर आने वाले दिनों में राज्य की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, पुलिस प्रशिक्षण और आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर दिखाई दे सकता है।
फिलहाल, 31 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपे जाने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन में व्यापक चर्चा है। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था में बेहतर समन्वय और महत्वपूर्ण विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।
