सुकमा, 13 जून। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। चलती कार में अचानक तकनीकी खराबी आने के बाद आग लग गई, जिससे कुछ समय के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार परिवार के सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल गए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन जलकर लगभग पूरी तरह खाक हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना उस समय हुई जब परिवार अपने निजी वाहन से राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सफर कर रहा था। यात्रा के दौरान अचानक वाहन के इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल सिस्टम में खराबी आ गई। चालक ने महसूस किया कि कार सामान्य तरीके से प्रतिक्रिया नहीं दे रही है और उसे नियंत्रित करने में कठिनाई हो रही है। स्थिति को भांपते हुए चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और किसी तरह वाहन को सड़क किनारे सुरक्षित रोक दिया।
कार रुकने के कुछ ही क्षण बाद बोनट से धुआं निकलता दिखाई दिया। शुरुआत में परिवार के लोगों को लगा कि शायद इंजन गर्म हो गया है, लेकिन देखते ही देखते धुआं तेजी से बढ़ने लगा। स्थिति गंभीर होती देख वाहन में सवार सभी लोग तुरंत बाहर निकल आए। कुछ ही मिनटों के भीतर आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना स्थल पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने पानी और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि किसी को सफलता नहीं मिली। देखते ही देखते कार आग की लपटों में घिर गई और उसका अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो गया।
हादसे के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। आग की ऊंची लपटों और धुएं के कारण आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों में भी भय का माहौल देखने को मिला। कई वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां रोक दीं और घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन में लगी आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक वाहनों में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि वायरिंग, बैटरी सिस्टम या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किसी प्रकार की खराबी आ जाए तो आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर वाहन सुरक्षा और नियमित तकनीकी जांच की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी यात्रा पर निकलने से पहले वाहन की सर्विसिंग, वायरिंग, बैटरी, इंजन और अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम की जांच कराना बेहद जरूरी है। समय पर रखरखाव से इस प्रकार की घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चालक समय रहते वाहन को सड़क किनारे नहीं रोकता और परिवार को बाहर नहीं निकालता, तो यह घटना एक बड़े हादसे का रूप ले सकती थी। चालक की सतर्कता और त्वरित निर्णय के कारण पूरे परिवार की जान बच गई।
गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को शारीरिक चोट नहीं पहुंची। हालांकि परिवार को अपने वाहन का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद परिवार के सदस्य सदमे में नजर आए, लेकिन उन्होंने सुरक्षित बच निकलने पर राहत भी व्यक्त की।
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर हुई इस घटना ने वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश छोड़ा है कि वाहन में किसी भी प्रकार की असामान्य आवाज, धुआं, जलने की गंध या तकनीकी खराबी महसूस होने पर तुरंत वाहन रोककर उसकी जांच करानी चाहिए। थोड़ी सी सतर्कता किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
फिलहाल घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।
