मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद की छाया से निकलकर शांति, विकास, निवेश और रोजगार के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जानिए कैसे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और उद्योग के जरिए बदल रही है बस्तर की तस्वीर।
बस्तर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) में विकास का नया अध्याय, मुख्यमंत्री ने गिनाईं बदलते दौर की उपलब्धियां एक समय नक्सल हिंसा और असुरक्षा के कारण देशभर में चर्चा का केंद्र रहने वाला बस्तर अब तेजी से अपनी नई पहचान बना रहा है। अब यहां की चर्चा केवल सुरक्षा चुनौतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास, निवेश, पर्यटन, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं को लेकर भी हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अब शांति और विश्वास के नए वातावरण में विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री निवास में चेन्नई से आए वरिष्ठ पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास, सुरक्षा बलों की बहादुरी तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना भी है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र से विकास के मॉडल की ओर बढ़ता बस्तर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गया था। कई गांव ऐसे थे जहां सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाती थीं।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद प्रशासन की पहुंच दूरस्थ इलाकों तक बढ़ी है। अब जिन क्षेत्रों में कभी सरकारी योजनाएं पहुंचने में कठिनाई होती थी, वहां सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, पेयजल, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां शांति होगी, वहीं निवेश आएगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि बस्तर में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दूरस्थ गांवों तक बेहतर सड़क संपर्क स्थापित किया जा रहा है ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिले और किसान अपने उत्पाद आसानी से बाजार तक पहुंचा सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में नए विद्यालय, छात्रावास और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार लगातार निवेश कर रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सशक्त बनाने के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक चिकित्सा संसाधनों में भी वृद्धि की जा रही है।
मेडिकल शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल शिक्षा को भी मजबूत बनाया जा रहा है।
दूर-दराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन पर लगातार कार्य हो रहा है।
सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े और उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
पर्यटन और जनजातीय संस्कृति बनेगी विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, जलप्रपातों, घने जंगलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है।
सरकार इन विशेषताओं को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर तैयार कर रही है।
पर्यटन के विकास से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, गाइड सेवा और छोटे व्यापारों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं और महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि विकास के साथ बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक विरासत भी सुरक्षित रहे।
स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ रहे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति स्थापित होने के बाद निवेशकों का भरोसा भी बस्तर पर बढ़ा है।
सरकार उद्योग, कृषि आधारित प्रसंस्करण, वनोपज, हस्तशिल्प, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में नए अवसर विकसित कर रही है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
महिला स्व-सहायता समूहों, वन उत्पाद संग्रहकर्ताओं और ग्रामीण उद्यमियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी लगातार कार्य किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य—समावेशी और संतुलित विकास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहती।
दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
जनभागीदारी बनी बदलाव की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में आए सकारात्मक बदलाव के पीछे स्थानीय लोगों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है।
ग्रामीणों का विश्वास बढ़ने के कारण सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हुआ है। पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी विकास कार्यों को गति दे रही है।
सरकार भविष्य में भी इसी साझेदारी के साथ बस्तर को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने का प्रयास करेगी।
नई पहचान की ओर बढ़ रहा बस्तर
आज बस्तर केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि बदलती विकास यात्रा के लिए भी चर्चा में है। शांति और सुरक्षा के बेहतर माहौल ने निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोले हैं।
यदि विकास की यही गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में बस्तर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए समावेशी विकास का एक सफल उदाहरण बन सकता है।
