छत्तीसगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) के राजनीति मं फेर ले बयानबाजी के दौर तेज होगे हवय। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अउ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अउ पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के लगातार संयुक्त दौरा अब राजनीतिक चर्चा के केंद्र मं आ गे हवय। ए दौरा मन ऊपर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मन तंज कसत कई बयान दे हवंय, जेनकर बाद प्रदेश के सियासी माहौल गरमा गे हवय।
भाजपा के वरिष्ठ नेता अउ मंत्री रामविचार नेताम ह दूनों कांग्रेस नेता मन ऊपर चुटकी लेत टिप्पणी करिन, जबकि भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ह घलो अपन बयान मं राजनीतिक कटाक्ष करिन। ए बयान मन के बाद राजनीतिक गलियारा मं फेर ले कांग्रेस अउ भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज होवत दिखत हवय।
संयुक्त दौरा बने राजनीतिक चर्चा के विषय
पिछला कुछ समय ले भूपेश बघेल अउ टीएस सिंहदेव अलग-अलग जिला मं एकसाथ कार्यक्रम अउ दौरा करत नजर आथें। कांग्रेस के भीतर ए दौरा ल संगठनात्मक गतिविधि अउ जनसंपर्क अभियान के रूप मं देखे जावत हवय।
दूसर तरफ भाजपा ह ए दौरा ल लेके लगातार सवाल उठावत हवय अउ राजनीतिक टिप्पणी करत हवय। एही कड़ी मं भाजपा नेता मन के ताजा बयान चर्चा के विषय बन गे हवय।
रामविचार नेताम के तंज
मंत्री रामविचार नेताम ह पत्रकार मन संग बातचीत करत भूपेश बघेल अउ टीएस सिंहदेव के संयुक्त दौरा ऊपर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करिन।
ओमन कहिन कि,
“बाबा ल भेलपुरी खवावत हवंय, नट-बोल्ट वाले कड़कनाथ घलो खवावंय। दिल मिले या नइ मिले, आंखी जरूर मिला रहे हवंय।”
रामविचार नेताम ह ए घलो कहिन कि कांग्रेस अपन संगठन मं काकर ल का जिम्मेदारी देवय, ए पूरी तरह ओ पार्टी के आंतरिक मामला आय।
ओमन के अनुसार, कांग्रेस यदि भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव या कोनो अउ नेता ल प्रदेश अध्यक्ष बनाथे अथवा राष्ट्रीय स्तर मं जिम्मेदारी सौंपथे, त ए फैसला कांग्रेस संगठन के अधिकार क्षेत्र मं आवत हवय।
पुरंदर मिश्रा के बयान ले बढ़िस राजनीतिक चर्चा
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ह घलो ए मुद्दा ऊपर टिप्पणी करत कहिन,
“2018 मं हनीमून के सरकार बने रहिस, फेर ओकर तलाक होगे। अब फेर ले दूनों हनीमून मनावत हवंय।”
ओमन के ए बयान के बाद राजनीतिक हलका मं अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आवत हवय। भाजपा समर्थक एला राजनीतिक कटाक्ष बतावत हवंय, जबकि कांग्रेस समर्थक मन ए बयान ऊपर आपत्ति जतावत चर्चा करत हवंय।
राजनीतिक बयानबाजी फेर तेज
छत्तीसगढ़ के राजनीति मं चुनावी माहौल ले पहिली राजनीतिक बयानबाजी तेज हो जाना नई बात नइ आय। सत्ता पक्ष अउ विपक्ष अक्सर एक-दूसर के कार्यक्रम, बयान अउ राजनीतिक गतिविधि ऊपर प्रतिक्रिया देथें।
भूपेश बघेल अउ टीएस सिंहदेव के संयुक्त कार्यक्रम मन ल लेके भाजपा के लगातार प्रतिक्रिया ए बात के संकेत देथे कि प्रदेश मं राजनीतिक सक्रियता बढ़त जावत हवय।
कांग्रेस के भीतर संयुक्त कार्यक्रम के अलग मायने
राजनीतिक विश्लेषक मन के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन के एकसाथ दौरा ल संगठन के कार्यकर्ता मन बर सकारात्मक संदेश के रूप मं घलो देखे जावत हवय।
हालांकि, ए दौरा के राजनीतिक महत्व ऊपर अलग-अलग दल अपन-अपन नजरिया रखथें। भाजपा जिहां एला कटाक्ष के माध्यम बनावत हवय, वहीं कांग्रेस के नेता मन एला संगठनात्मक मजबूती अउ जनता ले जुड़ाव के अभियान बतावत आ सकथें।
प्रदेश मं बढ़त हवय सियासी सरगर्मी
राज्य मं अलग-अलग राजनीतिक दल लगातार जिला स्तर मं बैठक, जनसंपर्क अभियान अउ दौरा करत हवंय। अइसने मं वरिष्ठ नेता मन के एकसाथ मंच साझा करे या दौरा करे ल राजनीतिक दृष्टि ले महत्वपूर्ण माने जाथे।
एही कारण ले भूपेश बघेल अउ टीएस सिंहदेव के संयुक्त दौरा ऊपर भाजपा के प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक चर्चाएं अउ तेज होगे हवंय।
बयान मन ऊपर नजर, जवाब के इंतजार
भाजपा नेता मन के बयान के बाद अब राजनीतिक हलका के नजर कांग्रेस के प्रतिक्रिया ऊपर टिके हवय। खबर लिखे जाए तक कांग्रेस के ओर ले ए टिप्पणी मन ऊपर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नइ आइस।
आने वाला दिन मं ए मुद्दा ऊपर अउ बयान सामने आ सकथें, जेन ले प्रदेश के राजनीतिक माहौल मं गरमाहट बने रहे के संभावना जताय जा सकत हवय।
राजनीतिक कटाक्ष लोकतंत्र के हिस्सा, फैसला जनता के हाथ
लोकतांत्रिक राजनीति मं अलग-अलग दल मन एक-दूसर के कार्यक्रम अउ रणनीति ऊपर टिप्पणी करत रहिथें। बयानबाजी चुनावी राजनीति के सामान्य हिस्सा माने जाथे। हालांकि, ए प्रकार के राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अंतिम फैसला हमेशा जनता अपन मत के माध्यम ले करथे।
फिलहाल, भूपेश बघेल अउ टीएस सिंहदेव के संयुक्त दौरा अउ ओकर ऊपर भाजपा नेता मन के बयान प्रदेश के राजनीतिक चर्चा के प्रमुख विषय बने हवंय। आने वाला समय मं ए मुद्दा काबर अउ कइसे आगे बढ़थे, ए ऊपर सबो के नजर बने रहिही।
