महासमुंद के बागबाहरा थाना क्षेत्र में जंगल के भीतर संचालित जुए के फड़ पर छापेमारी करती पुलिस।
महासमुंद। (Vande Chhattisgarh Media) जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बागबाहरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल के भीतर संचालित जुए के फड़ का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ग्राम घुचापाली स्थित चंडी मंदिर के पीछे जंगल क्षेत्र में छापेमारी कर मौके से 12 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि चार आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश तेज कर दी है।
यह कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अवैध जुआ गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार बागबाहरा थाना क्षेत्र में लगातार सूचना मिल रही थी कि ग्राम घुचापाली स्थित चंडी मंदिर के पीछे जंगल में कुछ लोग नियमित रूप से जुए का फड़ संचालित कर रहे हैं। इस सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से टीम गठित की और तय समय पर जंगल क्षेत्र में दबिश दी।
जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने जंगल का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी करते हुए 12 आरोपियों को मौके से पकड़ लिया, जबकि चार आरोपी अंधेरे और घने जंगल का लाभ उठाकर फरार हो गए।
12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में किया पेश
छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को थाना लाकर पूछताछ की गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
बागबाहरा पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112, जो छोटे संगठित अपराधों से संबंधित है, भी आरोपियों पर लगाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए कानूनी प्रावधानों के तहत संगठित रूप से संचालित अवैध गतिविधियों पर पहले की तुलना में अधिक सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। यही कारण है कि अब पुलिस केवल जुआ खेलने वालों पर ही नहीं, बल्कि ऐसे आयोजनों के संचालन और नेटवर्क पर भी नजर रख रही है।
जंगल जैसे सुनसान इलाकों में बढ़ रही चुनौती
ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में जुए के फड़ लगाए जाने की घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनती रही हैं। ऐसे स्थानों का चयन इसलिए किया जाता है ताकि बाहरी लोगों की नजर कम पड़े और पुलिस की गतिविधियों की भनक पहले से मिल सके।
हालांकि, इस मामले में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर समय रहते कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को पकड़ने में सफलता हासिल की। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
अवैध जुआ: सिर्फ कानून नहीं, समाज के लिए भी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार जुआ केवल एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है। इससे कई परिवार आर्थिक संकट में फंस जाते हैं और कई बार जुए की लत लोगों को कर्ज, विवाद और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर भी धकेल देती है।
पुलिस का मानना है कि समय-समय पर इस तरह की कार्रवाई न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करती है, बल्कि समाज में भी यह संदेश देती है कि अवैध गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि मौके से फरार हुए चार आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और स्थानीय स्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा ताकि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके।
पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील
बागबाहरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध जुआ, सट्टा या अन्य गैरकानूनी गतिविधियां संचालित हो रही हों तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आम नागरिकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है और समाज की भागीदारी से ही इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
