राष्ट्रीय जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 के लिए बस्तर के पंडरीपानी खेलो इंडिया हॉकी सेंटर की तीन खिलाड़ियों विशाखा कश्यप, जिज्ञासा कश्यप और परमेश्वरी सोड़ी का छत्तीसगढ़ टीम में चयन। जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी और बस्तर में हॉकी के बढ़ते भविष्य के बारे में।
बस्तर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) एक बार फिर अपनी खेल प्रतिभाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। जिले के पंडरीपानी स्थित खेलो इंडिया हॉकी सेंटर की तीन होनहार खिलाड़ी विशाखा कश्यप, जिज्ञासा कश्यप और परमेश्वरी सोड़ी का चयन छत्तीसगढ़ की जूनियर महिला हॉकी टीम में हुआ है। तीनों खिलाड़ी 12 से 23 अगस्त तक महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
यह उपलब्धि केवल तीन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि बस्तर जैसे आदिवासी अंचल में खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता, मेहनत और सरकारी खेल योजनाओं की सफलता का भी प्रमाण है। इन खिलाड़ियों के चयन से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और युवा खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की नई प्रेरणा मिली है।
कड़ी मेहनत और अनुशासन का मिला बड़ा पुरस्कार

राष्ट्रीय टीम तक का सफर किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। लगातार अभ्यास, फिटनेस, तकनीकी कौशल और प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के बाद ही खिलाड़ियों को राज्य टीम में जगह मिलती है।
विशाखा कश्यप, जिज्ञासा कश्यप और परमेश्वरी सोड़ी ने भी वर्षों तक कठिन मेहनत, नियमित प्रशिक्षण और अनुशासित जीवनशैली के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। मैदान पर उनका समर्पण और खेल के प्रति जुनून अब उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक लेकर पहुंचा है।
इन तीनों खिलाड़ियों ने विभिन्न जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और अब वे छत्तीसगढ़ की ओर से देश की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ मुकाबला करेंगी।
पंडरीपानी खेलो इंडिया हॉकी सेंटर बना प्रतिभाओं की नई पहचान
बस्तर का पंडरीपानी खेलो इंडिया हॉकी सेंटर आज प्रदेश में हॉकी प्रतिभाओं को निखारने का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण दिया जाता है।
सेंटर में खिलाड़ियों को केवल हॉकी की तकनीक ही नहीं सिखाई जाती, बल्कि फिटनेस, मानसिक मजबूती, खेल भावना और प्रतिस्पर्धी माहौल में बेहतर प्रदर्शन करने की भी तैयारी कराई जाती है।
यही कारण है कि यहां से लगातार ऐसे खिलाड़ी निकल रहे हैं, जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
आदिवासी अंचल की बेटियां बन रही हैं नई प्रेरणा
बस्तर लंबे समय तक अपनी भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के कारण सुर्खियों में रहा, लेकिन अब यह क्षेत्र खेल प्रतिभाओं के लिए भी नई पहचान बना रहा है।
ग्रामीण और आदिवासी परिवारों से आने वाली बेटियां सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत के बल पर बड़े मंच तक पहुंच रही हैं। यह बदलाव न केवल खेलों के विकास को दर्शाता है बल्कि सामाजिक परिवर्तन की भी मजबूत तस्वीर पेश करता है।
विशाखा, जिज्ञासा और परमेश्वरी जैसी खिलाड़ियों की सफलता यह संदेश देती है कि यदि सही प्रशिक्षण, अवसर और मार्गदर्शन मिले तो गांवों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय मंच पर अपना परचम लहरा सकती हैं।
राष्ट्रीय चैंपियनशिप में होगा कड़ा मुकाबला
पुणे में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप देश की सबसे प्रतिष्ठित जूनियर हॉकी प्रतियोगिताओं में शामिल है।
इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों और संस्थानों की मजबूत टीमें भाग ले रही हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ की टीम के सामने भी कड़ी चुनौती होगी। हालांकि टीम में शामिल खिलाड़ियों की तैयारी और उत्साह को देखते हुए बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
बस्तर की तीन खिलाड़ियों पर भी पूरे प्रदेश की नजरें रहेंगी। यदि वे यहां प्रभावशाली प्रदर्शन करती हैं तो भविष्य में भारतीय जूनियर और सीनियर महिला हॉकी टीम तक पहुंचने का रास्ता भी उनके लिए खुल सकता है।
खेलो इंडिया योजना का दिख रहा सकारात्मक असर
केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना का उद्देश्य देश के दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।
बस्तर का पंडरीपानी हॉकी सेंटर इस योजना की सफलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। यहां खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, खेल उपकरण, फिटनेस सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसी का परिणाम है कि अब बस्तर के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
परिजनों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर
तीनों खिलाड़ियों के चयन की खबर सामने आने के बाद उनके परिवारों, प्रशिक्षकों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
गांव के लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। इससे अन्य बच्चों और युवाओं का भी खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा।
प्रशिक्षकों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को इसी तरह निरंतर अवसर और बेहतर सुविधाएं मिलती रहीं तो आने वाले वर्षों में बस्तर से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकलेंगे।
भविष्य के लिए नई उम्मीद
विशाखा कश्यप, जिज्ञासा कश्यप और परमेश्वरी सोड़ी का चयन केवल एक उपलब्धि नहीं बल्कि बस्तर के खेल भविष्य की मजबूत नींव है। इन खिलाड़ियों की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी शहर या बड़े संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
आज बस्तर की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और कल यही खिलाड़ी देश के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने का सपना भी साकार कर सकती हैं।
प्रदेशवासियों को उम्मीद है कि राष्ट्रीय जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप में ये तीनों खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगी।