कोरबा म बालको के दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ के समापन म 280 ले ज्यादा छायाचित्र प्रदर्शित होइन। 2 हजार ले ज्यादा दर्शक पहुंचे, जानिए प्रदर्शनी के खास आकर्षण।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। तस्वीर सिर्फ एक पल ला कैमरा म कैद नइ करय, बल्कि वो पल के भावना, कहानी अउ याद ला घलो जिंदा रखथे। कोरबा के बालको टाउनशिप म आयोजित दू दिन के फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ म कुछ अइसने ही रंग देखने ला मिलिस। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित ये प्रदर्शनी म बालको परिवार के रचनात्मक सोच, बालकोनगर के खूबसूरती, प्रकृति के अलग-अलग रूप अउ कंपनी के लंबा विरासत ला तस्वीर के माध्यम ले बेहद खूबसूरत ढंग ले सामने रखे गे।
दू दिन चले ये फोटोग्राफी प्रदर्शनी ला कर्मचारी, कर्मचारी मन के परिवार, स्कूली विद्यार्थी अउ फोटोग्राफी म रुचि रखे वाले लोगन समेत 2 हजार ले ज्यादा दर्शक देखे बर पहुंचिन। प्रदर्शनी म रखे गे तस्वीर मन ला देखके कई दर्शक रुक-रुक के फोटो के बारीकी, ओकर कहानी अउ फोटोग्राफर के नजरिया ला समझे के कोशिश करत नजर आइन।
‘मेघ मल्हार’, ‘बरखा’ अउ ‘धरा’ म दिखिस प्रकृति के अलग-अलग रंग
‘मल्हार 4.0’ म तीन अलग-अलग विषय रखे गे रहिस—‘मेघ मल्हार’, ‘बरखा’ अउ ‘धरा’। इन तीनों थीम के आधार म प्रतिभागी मन अपन-अपन नजरिया ले फोटो खींचिन अउ प्रदर्शनी म प्रदर्शित करिन।
प्रदर्शनी म 280 ले ज्यादा छायाचित्र रखे गे रहिस। कोनो तस्वीर म आसमान म छाए काले बादर नजर आइन, त कोनो म बारिश के बूंद मन प्रकृति ला नया रूप देत दिखिन। कई तस्वीर मन म धरती, हरियाली अउ रोजमर्रा के जीवन के छोट-छोट पल ला बेहद खूबसूरत ढंग ले कैद करे गे रहिस।
एके विषय ऊपर अलग-अलग प्रतिभागी मन के नजरिया म अंतर साफ नजर आइस। यही बात ‘मल्हार 4.0’ ला खास बनाइस। हर फोटो अपन अलग कहानी कहत रहिस अउ दर्शक मन ला प्रकृति ला एक नवा नजरिया ले देखे के मौका मिलिस।
फोटोग्राफी के संग रचनात्मकता ला मिलिस मंच
‘मल्हार 4.0’ के उद्देश्य सिर्फ फोटो के प्रतियोगिता या प्रदर्शनी तक सीमित नइ रहिस। ये बालको परिवार के भीतर मौजूद रचनात्मक प्रतिभा ला सामने लाय के एक बढ़िया मंच बनके उभरिस।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अउ पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ह समापन समारोह म प्रतियोगिता के विजेता मन ला सम्मानित करिन। तीनों प्रतियोगी श्रेणी म विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा तस्वीर मन के मूल्यांकन करके विजेता मन के चयन करे गे।
इस साल प्रदर्शनी म एक नवा श्रेणी ‘दर्शकों की पसंद’ घलो जोड़े गे रहिस। एकर माध्यम ले प्रदर्शनी देखे बर आए हर दर्शक ला अपन पसंद के फोटो चुने के मौका मिलिस। दर्शक मन क्यूआर कोड के माध्यम ले अपन पसंदीदा छायाचित्र बर मतदान करिन।
ये पहल के चलते प्रदर्शनी सिर्फ निर्णायक मन के नजरिया तक सीमित नइ रहिस, बल्कि आम दर्शक मन के पसंद अउ राय ला घलो महत्व मिलिस।
राजेश सिंह कहिन—तकनीकी दक्षता के संग रचनात्मक प्रतिभा घलो जरूरी
समापन समारोह म बालको के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ह कहिन कि ‘मल्हार’ म प्रदर्शित छायाचित्र बालको परिवार के रचनात्मकता अउ अलग-अलग नजरिया के प्रतिबिंब हवंय।
उन्होंन कहिन कि बालको अपन कर्मचारी मन के तकनीकी दक्षता के संग-साथ उनके भीतर के रचनात्मक प्रतिभा ला घलो प्रोत्साहित करे ला जरूरी मानथे। ‘मल्हार’ कर्मचारी मन ला अपन कल्पना अउ रचनात्मक सोच ला तस्वीर के माध्यम ले दूसर मन तक पहुंचाय के मंच देथे।
उन्होंन ये घलो कहिन कि कंपनी के प्रयास रहिही कि आने वाले समय म ‘मल्हार’ ला अउ व्यापक बनाय जावय अउ ज्यादा प्रतिभाशाली लोगन अउ हितधारक मन ला एकर संग जोड़े जावय, ताकि अइसने रचनात्मक सोच अउ नजरिया ला बड़े मंच तक पहुंचाय जा सके।
तीन साल ले ‘मल्हार’ म तस्वीर साझा करत हवंय मिथिला प्रधान
प्रदर्शनी म बालको के कर्मचारी मिथिला प्रधान घलो प्रतिभागी के रूप म शामिल रहिन। उन्होंन बताइस कि वो पिछले तीन साल ले लगातार ‘मल्हार’ म अपन तस्वीर साझा करत आइन हवंय।
इस साल के अनुभव उनके बर अउ खास रहिस, काबर उनके कुछ दोस्त मन घलो प्रदर्शनी म हिस्सा लीन। अपन तस्वीर के संग दोस्त मन के फोटो ला घलो प्रदर्शनी म सुंदर ढंग ले सजे देखके वो बहुत खुश होइन।
मिथिला के मुताबिक, एके मंच म अपन रचनात्मकता ला दूसर प्रतिभागी मन के नजरिया के संग देखना फोटोग्राफी के प्रति अउ ज्यादा उत्साह पैदा करथे। अइसने आयोजन कर्मचारी मन ला अपन काम के अलावा अपन भीतर के कला अउ रुचि ला सामने लाय के मौका देथे।
बालको के 1965 ले अब तक के सफर ला तस्वीर म देखिन दर्शक
‘मल्हार 4.0’ के एक खास आकर्षण रहिस बालको के विरासत ला दिखावत फोटो संग्रह। इस संग्रह म साल 1965 ले बालको के विकास यात्रा ला तस्वीर के माध्यम ले दिखाय गे।
पुराना समय के फोटो मन के माध्यम ले दर्शक मन ला बालको के शुरुआती दौर ले लेके आज तक के सफर ला करीब ले देखे के मौका मिलिस। कंपनी के विकास, परिसर म आए बदलाव अउ समय के संग बदलत कामकाज के झलक इन तस्वीर मन म देखे ला मिलिस।
कई दर्शक मन बर ये फोटो संग्रह सिर्फ पुराना तस्वीर नइ रहिस, बल्कि बालको के इतिहास अउ विकास के कहानी जानय के एक माध्यम बनिस।
पुराने कैमरा ले आधुनिक डिजिटल कैमरा तक के सफर
प्रदर्शनी म फोटोग्राफी के बदलत तकनीक ला समझाय बर कैमरा के विशेष संग्रह घलो रखे गे रहिस। यहां पुराने क्लासिक कैमरा ले लेके आधुनिक डिजिटल कैमरा तक के सफर ला दिखाय गे।
पुराना कैमरा देखके कई दर्शक मन ला फोटोग्राफी के शुरुआती दौर के बारे म जानय के जिज्ञासा होइस। वहीं आज के डिजिटल कैमरा के तकनीक देखके ये बात समझ म आइस कि बीते कुछ दशक म फोटोग्राफी के दुनिया म कतका बदलाव आ गे हे।
कैमरा के ये संग्रह खासकर स्कूली विद्यार्थी मन बर आकर्षण के केंद्र रहिस। तकनीक के विकास ला एके जगह म देखे के मौका मिलना प्रदर्शनी के अनुभव ला अउ रोचक बनाइस।
2 हजार ले ज्यादा दर्शक मन के मिलिस सहभागिता
‘मल्हार 4.0’ ला मिले दर्शक मन के प्रतिक्रिया ले साफ रहिस कि फोटोग्राफी अउ कला के प्रति लोगन के रुचि बढ़त हे। दू दिन के आयोजन म 2 हजार ले ज्यादा दर्शक प्रदर्शनी देखे बर पहुंचे।
कर्मचारी अउ उनके परिवार के अलावा स्कूली विद्यार्थी मन घलो बड़ी संख्या म शामिल रहिन। विद्यार्थी मन प्रकृति, बारिश अउ फोटोग्राफी के अलग-अलग पहलू ला तस्वीर के माध्यम ले देखिन। कुछ लोगन बर ये आयोजन फोटोग्राफी सीखे अउ समझे के मौका घलो बनिस।
