GMCH कोरबा में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल लगातार जारी है। डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने, बेहतर सुविधाएं और दूसरे राज्यों के बराबर मानदेय की मांग कर रहे हैं। जानिए आंदोलन की वजह, डॉक्टरों की मांगें और पूरा मामला।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) कोरबा में इंटर्न डॉक्टरों का शांतिपूर्ण आंदोलन लगातार जारी है। अपनी मांगों को लेकर डॉक्टर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे हैं और हाथों में पोस्टर व बैनर लेकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। आंदोलनरत डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग करना है।
धरने पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों की सबसे बड़ी मांग स्टाइपेंड (मानदेय) में वृद्धि है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में मेडिकल इंटर्न को मिलने वाला स्टाइपेंड देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। ऐसे में समान कार्य करने के बावजूद उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
‘दूसरे राज्यों में दो से तीन गुना अधिक स्टाइपेंड’

आंदोलन में शामिल डॉक्टर डॉ. एलन ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड कई राज्यों की तुलना में बेहद कम है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों में मेडिकल इंटर्न को यहां की तुलना में दो से तीन गुना तक अधिक मानदेय दिया जा रहा है।
उनका कहना है कि मेडिकल शिक्षा पूरी करने के बाद इंटर्नशिप का एक वर्ष बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान डॉक्टर अस्पतालों में लगातार मरीजों की सेवा करते हैं, इमरजेंसी ड्यूटी निभाते हैं और कई बार लंबे समय तक बिना पर्याप्त आराम के काम करना पड़ता है। इसके बावजूद यदि उन्हें उचित आर्थिक सहयोग नहीं मिलता, तो यह उनके साथ न्याय नहीं है।
मरीजों की सेवा के साथ कर रहे शांतिपूर्ण आंदोलन
धरने पर बैठे डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल या संगठन से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह मेडिकल इंटर्न के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है।
डॉक्टरों का कहना है कि वे सरकार से टकराव नहीं चाहते, बल्कि चाहते हैं कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनका विश्वास है कि यदि सरकार उनकी समस्याओं को समझेगी तो सकारात्मक समाधान निकल सकता है।
आंदोलन में शामिल डॉक्टरों ने यह भी बताया कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रख रहे हैं और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना उनका उद्देश्य नहीं है।
इंटर्न डॉक्टरों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
धरने पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी प्रमुख मांगों को सामने रखते हुए कहा कि सरकार को निम्न बिंदुओं पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए—
- इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में तत्काल वृद्धि की जाए।
- छत्तीसगढ़ में स्टाइपेंड को अन्य राज्यों के अनुरूप किया जाए।
- मेडिकल इंटर्न को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- कार्य परिस्थितियों में सुधार किया जाए।
- भविष्य में स्टाइपेंड की नियमित समीक्षा की व्यवस्था बनाई जाए।
डॉक्टरों का कहना है कि बेहतर कार्य वातावरण और सम्मानजनक मानदेय मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
लंबी ड्यूटी और बढ़ती जिम्मेदारियां बनी चिंता
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या, इमरजेंसी सेवाएं, वार्ड ड्यूटी, ओपीडी और अन्य चिकित्सकीय कार्यों के कारण उन्हें प्रतिदिन कई घंटे काम करना पड़ता है।
उनका कहना है कि इंटर्नशिप केवल प्रशिक्षण नहीं होती, बल्कि अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। ऐसे में यदि आर्थिक रूप से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलेगा तो इसका असर डॉक्टरों के मनोबल पर भी पड़ सकता है।
दूसरे राज्यों का दिया उदाहरण
धरने पर बैठे डॉक्टरों ने बताया कि देश के कई राज्यों में मेडिकल इंटर्न को कहीं अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। उनका कहना है कि समान चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने और समान जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद छत्तीसगढ़ के इंटर्न डॉक्टर अपेक्षाकृत कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि अन्य राज्य अपने मेडिकल इंटर्न को बेहतर आर्थिक सहायता दे सकते हैं, तो छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जाना चाहिए।
‘मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन’
आंदोलनरत डॉक्टरों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं और समाधान संवाद के माध्यम से ही निकलना चाहिए।
डॉक्टरों ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस विषय पर सकारात्मक पहल करेगी ताकि इंटर्न डॉक्टरों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके।
स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल इंटर्न अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। वे वरिष्ठ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में मरीजों के उपचार, जांच, आपातकालीन सेवाओं और अस्पताल की दैनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में यदि इंटर्न डॉक्टरों से जुड़े आर्थिक और कार्य संबंधी मुद्दों का समय पर समाधान किया जाता है तो इससे न केवल डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल GMCH कोरबा में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी है और सभी की नजरें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यदि जल्द बातचीत होती है और मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन समाप्त हो सकता है। वहीं यदि समाधान में देरी होती है तो आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
