कोरबा के साहित्य भवन में सरगम म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित “ये शाम मस्तानी” संगीतमय संध्या में महान पार्श्वगायक किशोर कुमार की जयंती पर उनके सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों का सम्मान, सांस्कृतिक माहौल और संगीत प्रेमियों की उमड़ी भीड़ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। हिंदी सिनेमा के महान पार्श्वगायक, अभिनेता, संगीतकार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी स्वर्गीय किशोर कुमार की जयंती के अवसर पर कोरबा के साहित्य भवन में शनिवार शाम संगीत और यादों से सजी एक यादगार महफिल का आयोजन किया गया। सरगम म्यूजिकल ग्रुप की ओर से आयोजित “ये शाम मस्तानी – एक शाम किशोर के नाम” संगीतमय संध्या ने शहर के संगीत प्रेमियों को एक ऐसा अनुभव दिया, जिसने उन्हें पुराने दौर की मधुर धुनों में खो जाने का अवसर प्रदान किया।
शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक चले इस भव्य कार्यक्रम में एक के बाद एक प्रस्तुत किए गए किशोर कुमार के सदाबहार गीतों ने पूरे सभागार को तालियों और वाहवाही से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों, कलाकारों, साहित्यकारों और शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
जब गूंजा ‘नीले-नीले अंबर पर’, तालियों से गूंज उठा सभागार
कार्यक्रम की शुरुआत मधुर सुरों के साथ हुई और जैसे-जैसे शाम आगे बढ़ी, माहौल पूरी तरह संगीतमय होता चला गया। कलाकारों ने किशोर कुमार के कई लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को पुराने सुनहरे दौर की याद दिला दी।
विशेष रूप से “नीले-नीले अंबर पर चाँद जब आए” गीत की प्रस्तुति ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। इस गीत के समाप्त होते ही पूरा सभागार लंबे समय तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। उपस्थित लोगों ने कलाकार की प्रस्तुति की खुले दिल से सराहना की।
कई दर्शक गीतों के साथ गुनगुनाते नजर आए तो कई लोग मोबाइल कैमरों में इस यादगार शाम को कैद करते दिखाई दिए। पूरे कार्यक्रम के दौरान ऐसा माहौल बना रहा मानो संगीत प्रेमी एक बार फिर 70 और 80 के दशक की सुनहरी यादों में लौट गए हों।
युगल गीत ने बांधा समां, दर्शकों ने की जमकर सराहना
कार्यक्रम का एक और विशेष आकर्षण रहा विशिष्ट अतिथि श्रीमती हेमलता शर्मा और श्री संदीप शर्मा द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय युगल गीत “हाल कैसा है जनाब का”।
दोनों कलाकारों की शानदार केमिस्ट्री और मधुर आवाज ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। गीत समाप्त होते ही सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। इस प्रस्तुति को कार्यक्रम की सबसे पसंदीदा प्रस्तुतियों में से एक माना गया।
मुख्य अतिथि नरेंद्र देवांगन ने संगीत की महत्ता पर रखा अपना विचार
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री नरेंद्र देवांगन ने अपने संबोधन में संगीत की सामाजिक और मानवीय भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि यह जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन प्रदान करता है। उनका कहना था कि संगीत से जुड़े लोग हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहते हैं और जीवन को उत्साह के साथ जीने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा,
“संगीत इंसान के भीतर सकारात्मक सोच पैदा करता है। जो लोग संगीत से जुड़े रहते हैं, उनके जीवन में ऊर्जा, संवेदनशीलता और आनंद बना रहता है। इसलिए संगीत हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा होना चाहिए।”
उनके इस विचार का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।
कलाकारों का सम्मान, प्रतिभा को मिला मंच
कार्यक्रम के दौरान सभी आमंत्रित कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। आयोजकों ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सम्मान समारोह के दौरान आयोजकों ने कहा कि स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना सरगम म्यूजिकल ग्रुप का प्रमुख उद्देश्य है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।
समूह गीत के साथ हुआ कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन
करीब पांच घंटे तक चले इस संगीतमय आयोजन का समापन बेहद भावनात्मक माहौल में हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकार मंच पर एक साथ आए और समूह गीत के रूप में “ये शाम मस्तानी, मदहोश किए जाए” प्रस्तुत किया।
इस सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया। दर्शक भी कलाकारों के साथ गीत गुनगुनाते नजर आए। कार्यक्रम का यह दृश्य पूरे आयोजन का सबसे भावुक और आकर्षक पल बन गया।
इसके बाद ज्योति शर्मा ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
कोरबा की सांस्कृतिक पहचान को मिला नया आयाम
संगीत प्रेमियों का मानना है कि इस तरह के आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करते हैं। कोरबा में लगातार बढ़ रही सांस्कृतिक गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि यहां कला और संगीत के प्रति लोगों का लगाव लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय कलाकारों को मंच मिलने से उनकी प्रतिभा निखरती है और युवा पीढ़ी भी संगीत एवं संस्कृति की ओर प्रेरित होती है। यही कारण है कि “ये शाम मस्तानी” जैसे आयोजन शहर के सांस्कृतिक कैलेंडर में विशेष स्थान रखते हैं।
किशोर कुमार: एक ऐसा नाम जो आज भी हर दिल में बसता है
भारतीय सिनेमा के इतिहास में किशोर कुमार का नाम सदाबहार गायकों में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और हर दौर के श्रोताओं के दिलों पर अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी गायकी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने रोमांटिक, भावनात्मक, हास्य, प्रेरणादायक और मस्ती से भरपूर हर तरह के गीतों को अपनी अनोखी शैली में अमर बना दिया। आज भी उनके गीत नई पीढ़ी के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं जितने अपने समय में थे।
कोरबा में आयोजित “ये शाम मस्तानी” कार्यक्रम इसी अमर विरासत को समर्पित रहा, जहां संगीत प्रेमियों ने सुरों के माध्यम से अपने प्रिय गायक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
