कोरबा में दर्री डेम से रुंमगड़ा होते हुए परसाभाठा चौक तक जर्जर सड़क निर्माण की मांग को लेकर एनएसयूआई ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने 3 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर चक्काजाम और जनआंदोलन की चेतावनी दी है।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। जिले में खराब सड़कों को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी समस्या को लेकर अब छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी आवाज उठाई है। एनएसयूआई जिला कोरबा ने दर्री डेम से रुंमगड़ा होते हुए परसाभाठा चौक तक जाने वाली बेहद खराब और क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने सड़क की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए जल्द से जल्द मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष आकाश सिंह राज के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जिलाधीश के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान क्षेत्र की जर्जर सड़क की ओर आकर्षित कराया गया और आम नागरिकों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया गया।
सड़क की बदहाल स्थिति से हजारों लोग प्रभावित
एनएसयूआई ने अपने ज्ञापन में बताया कि दर्री डेम से रुंमगड़ा होते हुए परसाभाठा चौक तक की सड़क लंबे समय से खराब हालत में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके कारण रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मार्ग का उपयोग बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के अलावा स्कूली और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा वाहन चालकों द्वारा किया जाता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को न केवल समय की बर्बादी झेलनी पड़ रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
संगठन का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है।
विद्यार्थियों और आम लोगों को हो रही परेशानी
एनएसयूआई ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन हजारों लोग इस रास्ते से गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को उठानी पड़ रही है।
छात्र संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। संगठन का कहना है कि बेहतर सड़क सुविधा लोगों का मूल अधिकार है और लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।
तीन दिन में काम शुरू करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से एनएसयूआई ने जिला प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी है कि दर्री डेम से परसाभाठा चौक तक सड़क निर्माण और आवश्यक मरम्मत का कार्य तीन दिनों के भीतर प्रारंभ कराया जाए।
संगठन ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा तय समय सीमा के भीतर कोई ठोस पहल नहीं की जाती है तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा। एनएसयूआई ने राखड़ डेम के समीप शांतिपूर्ण चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
संगठन ने कहा कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर वह पीछे नहीं हटेगा और आम लोगों की परेशानी को दूर कराने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।
प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति काफी समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। कई बार मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा।
कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर सड़क व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी, श्रमिक और आम नागरिक रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में खराब सड़कें न केवल आवागमन में बाधा बनती हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बन जाती हैं।
एनएसयूआई ने दी आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष आकाश सिंह राज ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग पूरी तरह जनहित से जुड़ी हुई है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि लोगों की परेशानियों को देखते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो संगठन मजबूर होकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित चक्काजाम शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
फिलहाल ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब सभी की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। देखना होगा कि प्रशासन इस सड़क समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी कदम उठाता है।
