बिलासपुर के पचपेड़ी मं शासकीय महाविद्यालय भवन के निर्माण स्थल बदलई के विरोध मं ग्रामीण मन अऊ ग्राम पंचायत कलेक्टर ल ज्ञापन सौंपिन। तय जमीन मं ही कॉलेज भवन बनाय के मांग, नइ त आंदोलन के चेतावनी। पढ़व पूरा खबर।
बिलासपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। बिलासपुर जिला के पचपेड़ी क्षेत्र मं प्रस्तावित नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन के निर्माण स्थल बदलई के खबर सामने आइस त पूरा इलाका मं भारी नाराजगी देखे ला मिलत हे। ग्राम पंचायत पचपेड़ी सहित क्षेत्र के हजारों ग्रामीण मन एकजुट होके जिला प्रशासन के खिलाफ अपन विरोध दर्ज कराइन। ग्रामीण मन जिला कलेक्टर बिलासपुर ल ज्ञापन सौंपके साफ कहिन कि महाविद्यालय भवन के निर्माण ओही जमीन मं कराय जाय, जऊन जमीन ग्राम पंचायत पहलेच महाविद्यालय खातिर उपलब्ध करा चुके हे। अगर प्रशासन भवन के जगह बदलई के फैसला करथे, त क्षेत्र के जनता उग्र आंदोलन करे बर मजबूर होही।
ग्रामीण मन के कहना हे कि महाविद्यालय सिरिफ एक भवन नइ, बल्कि क्षेत्र के हजारों गरीब अऊ मध्यम वर्गीय परिवार के लइका-लइकी मन के भविष्य के आधार आय। एखर निर्माण मं किसी प्रकार के राजनीति या प्रशासनिक हस्तक्षेप स्वीकार नइ करे जाही।
तीन बछर ले अस्थायी भवन मं चलत हे कॉलेज
पचपेड़ी शासकीय महाविद्यालय के स्थापना के बाद ले अब तक अपन खुद के भवन नइ बन पाए हे। पिछले तीन बछर ले महाविद्यालय के पढ़ई-लिखई शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भवन मं संचालित होवत हे। सीमित संसाधन, कमरा के कमी अऊ दूसर सुविधा के अभाव के बावजूद विद्यार्थी मन उच्च शिक्षा हासिल करे बर रोजाना कॉलेज पहुंचत हवंय।
ग्रामीण मन के कहना हे कि जब शासन महाविद्यालय खोल दे हे, त अब ओकर स्थायी भवन बनाय मं देरी करना उचित नइ हे। महाविद्यालय के अपन भवन बन जाही त विद्यार्थी मन ल बेहतर वातावरण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल मैदान अऊ दूसर जरूरी सुविधा मिल सकही।
ग्राम पंचायत पहलेच दे चुके हे जमीन
ग्राम पंचायत पचपेड़ी के अनुसार 26 अप्रैल 2025 के ग्राम सभा मं विधिवत प्रस्ताव पारित करके महाविद्यालय भवन निर्माण बर जरूरी जमीन शासन ल उपलब्ध करा दीस। ए प्रस्ताव कानूनी प्रक्रिया के तहत पारित होइस अऊ ओकर बाद संबंधित विभाग मन के जानकारी मं लाए गे रहिस।
ग्रामीण मन के मुताबिक ए जमीन के संबंध मं आज तक न त काकरो विभाग ले आपत्ति आइस, अऊ न ही गांव के कोनो नागरिक विरोध करे रहिस। ए स्थिति मं अब अचानक भवन निर्माण के जगह बदलई के प्रक्रिया शुरू होना कई सवाल खड़ा करत हे।
जगह बदलई के प्रयास ले बढ़िस नाराजगी
क्षेत्र के लोगन के आरोप हे कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तूरी के स्तर ले महाविद्यालय भवन के निर्माण स्थल बदलई के प्रक्रिया चलाय जा रहल हे। ए खबर फैलतेच पूरा पचपेड़ी क्षेत्र मं आक्रोश बढ़गे।
ग्रामीण मन के कहना हे कि बिना ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि अऊ आम जनता के राय ले भवन के जगह बदलना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ आय। ए फैसला सिरिफ प्रशासनिक विषय नइ, बल्कि हजारों परिवार के भविष्य अऊ शिक्षा ले जुड़ाय मामला आय।
हजारों विद्यार्थी मन के भविष्य के सवाल
पचपेड़ी अऊ आसपास के कई गांव के विद्यार्थी मन ए महाविद्यालय मं पढ़ई करे बर आथें। अगर भवन के निर्माण गांव ले दूर या दूसर जगह कर दे जाही, त छात्र-छात्रा मन ल रोजाना लंबा दूरी तय करना पड़ सकथे।
ग्रामीण मन के कहना हे कि ए इलाका के अधिकांश परिवार किसान अऊ मजदूर वर्ग ले संबंध रखथें। आर्थिक स्थिति मजबूत नइ होय के कारण दूर-दराज तक पढ़ई बर भेजना हर परिवार बर संभव नइ होवय। ए स्थिति मं कई विद्यार्थी, खासकर बेटी मन, उच्च शिक्षा ले वंचित हो सकथें।
एखर असर आने वाला बछर मन मं क्षेत्र के शिक्षा व्यवस्था ऊपर घलो पड़ सकथे।
ग्राम पंचायत अऊ ग्रामीण मन के साफ चेतावनी
कलेक्टर बिलासपुर ल सौंपे गे ज्ञापन मं ग्राम पंचायत अऊ ग्रामीण मन साफ लिखिन कि महाविद्यालय भवन के निर्माण ओही भूमि मं कराय जाय, जऊन जमीन पंचायत द्वारा पहलेच शासन ल उपलब्ध कराय गे हे।
ज्ञापन मं चेतावनी घलो दीस गे हे कि अगर निर्माण स्थल बदलई के फैसला वापस नइ ले जाही, त क्षेत्र के जनता बड़े स्तर मं आंदोलन करे बर बाध्य होही। जरूरत पड़िस त धरना, प्रदर्शन अऊ जनआंदोलन के रास्ता अपनाय जाही।
ग्रामीण मन के कहना हे कि शिक्षा के विषय मं राजनीति या प्रशासनिक प्रयोग बिल्कुल स्वीकार नइ हो सकय।
क्षेत्रवासी मन एकजुट, शिक्षा बर लड़ई जारी

पचपेड़ी मं ए मुद्दा अब सिरिफ महाविद्यालय भवन के नइ रहि गे हे, बल्कि पूरा क्षेत्र के शिक्षा अऊ विकास के सवाल बन गे हे। गांव के बुजुर्ग, युवा, महिला समूह, जनप्रतिनिधि अऊ विद्यार्थी मन एकजुट होके अपन मांग रखत हवंय।
ग्रामीण मन के मानना हे कि महाविद्यालय के भवन अगर तय जगह मं बनही, त आने वाला समय मं पूरा क्षेत्र के हजारों विद्यार्थी मन ल फायदा मिलही। एखर ले शिक्षा के स्तर सुधरही अऊ गांव के विकास ल नई दिशा मिलही।
प्रशासन ले निष्पक्ष फैसला के उम्मीद
क्षेत्र के लोगन के उम्मीद हे कि जिला प्रशासन जनता के भावना, ग्राम पंचायत के प्रस्ताव अऊ शिक्षा के महत्व ल ध्यान मं रखके उचित फैसला लेही। ग्रामीण मन चाहथें कि प्रशासन जल्द ले जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाय, ताकि तीन बछर ले अस्थायी भवन मं पढ़त विद्यार्थी मन ल अपन खुद के महाविद्यालय मिल सके।
फिलहाल पूरा क्षेत्र के नजर जिला प्रशासन के अगला कदम ऊपर टिके हवय। अगर प्रशासन जनता के मांग स्वीकार करथे, त लंबे समय ले चलत आ रहे इंतजार खत्म हो सकथे। फेर अगर निर्माण स्थल बदलई के फैसला बरकरार रहिथे, त पचपेड़ी मं आंदोलन तेज होए के संभावना ले इंकार नइ करे जा सकय।
