कोरबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद ज्योत्सना महंत ह जंतर-मंतर मं महिला अऊ आम नागरिक मन संग कथित पुलिस कार्रवाई के निंदा करत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ला पत्र लिखिन। घटना के निष्पक्ष जांच अऊ दोषी मन ऊपर कड़ी कार्रवाई के मांग करिन।
कोरबा/नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर मं प्रदर्शन के दौरान आम नागरिक अऊ महिला मन संग कथित पुलिस कार्रवाई ला लेके राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज होगे हवय। कोरबा लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ह ए घटना ऊपर गहरा आक्रोश जतावत एला लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताइस। सांसद के कहना हे कि यदि प्रदर्शन के दौरान महिला मन संग दुर्व्यवहार अऊ अमानवीय व्यवहार होइस हे, त ए बेहद गंभीर मामला आय अऊ एक निष्पक्ष जांच होय के जरूरत हे।
सांसद महंत ह ए संबंध मं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ला पत्र लिखके पूरा घटना के जांच कराय, दोषी मन के पहचान करे अऊ कानून अनुसार सख्त कार्रवाई करे के मांग करिन। ओमन कहिन कि लोकतंत्र मं हर नागरिक ला अपन बात शांति अऊ संविधान के दायरा मं रखे के अधिकार हे, अऊ ए अधिकार के सम्मान होय ला जरूरी हे।
सोशल मीडिया के माध्यम ले जताइन नाराजगी
सांसद ज्योत्सना महंत ह अपन आधिकारिक सोशल मीडिया मंच मं एक भावुक अऊ सख्त संदेश साझा करत जंतर-मंतर मं घलो कथित घटना के निंदा करिन।
ओमन लिखिन कि प्रदर्शन मं शामिल आम नागरिक, खासकर महिला मन संग जेन प्रकार के व्यवहार के बात सामने आथे, वो लोकतंत्र के मूल भावना ला ठेस पहुंचाय वाला बात आय।
सांसद के मुताबिक, अगर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखे के नाम ऊपर महिला मन के सम्मान अऊ अधिकार प्रभावित होथे, त ए स्थिति लोकतांत्रिक समाज बर चिंता के विषय बन जाथे।
महिला मन संग कथित दुर्व्यवहार के आरोप
सांसद महंत ह अपन बयान मं आरोप लगाइन कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी मन अऊ सादा कपड़ा (सिविल ड्रेस) मं मौजूद कुछ अज्ञात व्यक्ति मन द्वारा आम नागरिक अऊ महिला प्रदर्शनकारी मन संग कथित रूप ले दुर्व्यवहार करे गे।
ओमन कहिन कि यदि अइसने आरोप सही साबित होथें, त ए सिरिफ महिला सम्मान के खिलाफ नई, बल्कि संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार मन के उल्लंघन के मामला घलो हो सकथे।
हालांकि, ए आरोप के संबंध मं संबंधित सुरक्षा एजेंसी या प्रशासन के आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जावत तक सामने नई आए रहिस।
अमित शाह ला लिखिन पत्र, जांच के मांग
घटना के गंभीरता ला देखते सांसद ज्योत्सना महंत ह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ला औपचारिक पत्र लिखिन।
पत्र मं ओमन मांग करिन कि—
- पूरा घटना के निष्पक्ष अऊ पारदर्शी जांच कराय जावय।
- कथित रूप ले जिम्मेदार व्यक्ति मन के पहचान करे जावय।
- यदि जांच मं आरोप सही पाय जाथे, त दोषी मन ऊपर कानून अनुसार कार्रवाई करे जावय।
- भविष्य मं अइसने घटना के पुनरावृत्ति रोकाय बर आवश्यक कदम उठाय जावय।
सांसद के मुताबिक, ए मामला ला गंभीरता ले लेना जरूरी हे ताकि जनता के लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रह सकय।
“लोकतंत्र मं आवाज उठाय के अधिकार सबके हे”
ज्योत्सना महंत ह कहिन कि भारत के संविधान हर नागरिक ला शांतिपूर्ण ढंग ले अपन बात रखे अऊ विरोध दर्ज करे के अधिकार देथे।
ओमन कहिन कि लोकतंत्र के मजबूती ए बात मं हे कि नागरिक बिना डर के अपन मांग सरकार तक पहुंचा सकंय।
सांसद के अनुसार, विरोध के अधिकार अऊ कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाय रखना प्रशासन के जिम्मेदारी आय।
महिला सम्मान ऊपर जताइन चिंता
सांसद महंत के बयान मं महिला सुरक्षा अऊ सम्मान के मुद्दा ला विशेष महत्व दे गे रहिस।
ओमन कहिन कि महिला मन देश के लोकतांत्रिक प्रक्रिया मं बराबरी ले भागीदारी निभावत हवंय। अगर प्रदर्शन के दौरान ओमन संग अनुचित व्यवहार के शिकायत सामने आथे, त ए मामला गंभीर जांच के विषय बनना चाही।
ओमन स्पष्ट करिन कि महिला मन के सम्मान अऊ अधिकार के सवाल ऊपर किसी भी प्रकार के समझौता नई होना चाही।
“पीड़ित मन ला न्याय मिलना चाही”
सांसद महंत ह कहिन कि यदि घटना मं प्रभावित महिला मन न्याय के उम्मीद ले आगे आथें, त ओमन हर स्तर मं अपन आवाज उठाही।
ओमन दावा करिन कि ए मामला ऊपर चुप नई बइठे जाही अऊ लोकतांत्रिक तरीका ले न्याय के मांग जारी रहिही।
सांसद के मुताबिक, निष्पक्ष जांच अऊ पारदर्शी कार्रवाई लेच जनता के भरोसा मजबूत हो सकथे।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच घटना चर्चा मं
जंतर-मंतर के घटना के बाद राष्ट्रीय राजनीति मं बयानबाजी तेज होगे हवय। अलग-अलग राजनीतिक दल अपन-अपन दृष्टिकोण रखत हवंय।
कांग्रेस नेता मन ए घटना ला गंभीर बतावत जांच के मांग करत हवंय, जबकि ए विषय मं संबंधित प्रशासनिक अऊ सुरक्षा एजेंसी के आधिकारिक पक्ष घलो महत्वपूर्ण रहिही।
ए कारण ए मामला अब राजनीतिक चर्चा के संग-संग प्रशासनिक जांच के विषय घलो बने हवय।
निष्पक्ष जांच के बाद स्पष्ट होही स्थिति
फिलहाल जंतर-मंतर के घटना ला लेके अलग-अलग दावा अऊ प्रतिक्रिया सामने आथें। पूरा तथ्य अऊ जिम्मेदारी के स्पष्ट जानकारी सक्षम जांच अऊ आधिकारिक रिपोर्ट के बादे सामने आ सकही।
लोकतंत्र मं अइसने मामला मं निष्पक्ष जांच, सभी पक्ष के बात सुने अऊ कानून के अनुसार कार्रवाई करना सबसे जरूरी प्रक्रिया माने जाथे।
