(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) छत्तीसगढ़ मं आम जनता ल जल्दी, सुलभ अउ कम खर्च मं न्याय पहुंचाय बर न्यायपालिका एक अउ महत्वपूर्ण कदम उठाय हवय। परक्राम्य लिखत अधिनियम (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट), 1881 के धारा 138 अंतर्गत चेक बाउंस (चेक अनादरण) से जुड़े प्रकरण मन के त्वरित निराकरण बर राज्यभर मं विशेष लोक अदालत अभियान के शुरुआत करे गे हवय। ए अभियान के शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अउ छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ह दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय ले वर्चुअल माध्यम के जरिये करे।
ए पहल के मकसद सिरिफ लंबित मामला कम करना नई, बल्कि पीड़ित अउ संबंधित पक्षकार मन ल आपसी सहमति के माध्यम ले जल्दी न्याय उपलब्ध कराना घलो हवय। न्यायपालिका के माने जावत हवय कि समझौता आधारित समाधान ले समय, पैसा अउ कानूनी प्रक्रिया तीनों के बचत होथे अउ न्याय व्यवस्था ऊपर पड़त बोझ घलो कम होथे।
राज्यभर मं चिन्हांकित होय हवंय 9,641 चेक बाउंस के मामला
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ह अपन संबोधन मं जानकारी देय कि छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिला न्यायालय मन मं कुल 9,641 चेक बाउंस प्रकरण चिन्हांकित करे गेय हवंय। ए सबो मामला मन के जल्द ले जल्द निराकरण करे बर विशेष अभियान चलाय जा रहिस।
ओमन कहिन कि ए अभियान के सफलता बर सबो जिला न्यायालय, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंकिंग संस्था अउ संबंधित पक्षकार मन के सक्रिय सहयोग बहुत जरूरी हवय। जेन प्रकरण मन मं समझौता के संभावना हवय, ओला प्राथमिकता देके जल्द निपटाय जाही।
शुभारंभ के दिन 1,996 मामला के सफल निराकरण
विशेष लोक अदालत अभियान के शुरुआत के संग-संग राज्यभर मं सकारात्मक परिणाम घलो देखे बर मिलिस। शुभारंभ के दिन 1,996 चेक बाउंस प्रकरण के आपसी सहमति ले सफलतापूर्वक निराकरण करे गेय।
ए आंकड़ा ए बात के संकेत देथे कि यदि पक्षकार मन समझदारी अउ सहयोग के साथ आगू बढ़ंय, त लंबित विवाद मन के समाधान बहुत कम समय मं संभव हो सकथे। ए प्रकार के निपटारा ले न्यायालय मं सालों तक चलइया मुकदमा के जरूरत नई परय।

समझौता आधारित न्याय ल मिलत हवय बढ़ावा
मुख्य न्यायाधीश ह कहिन कि लोक अदालत के सबसे बड़े विशेषता ए हवय कि एमा फैसला किसी एक पक्ष ऊपर थोपे नई जाथे, बल्कि दुनों पक्ष के आपसी सहमति ले समाधान निकालाय जाथे।
चेक बाउंस के अधिकांश मामला व्यापारिक लेन-देन, उधारी, व्यवसायिक भुगतान या निजी आर्थिक व्यवहार ले जुड़े रहिथें। अइसने मामला मं यदि पक्षकार आपस मं सहमत हो जाथें, त बरसों तक मुकदमा लटकाय के जरूरत नई परय।
ए प्रक्रिया ले न केवल न्याय जल्दी मिलथे, बल्कि सामाजिक अउ व्यवसायिक संबंध घलो बने रहिथें।
न्यायालय ऊपर कम होही लंबित मामला के दबाव
छत्तीसगढ़ के न्यायालय मन मं हजारों दीवानी अउ फौजदारी प्रकरण लंबित हवंय। चेक बाउंस के मामला घलो एमा बड़ी संख्या मं शामिल रहिथे। विशेष लोक अदालत अभियान ले ए प्रकरण मन के त्वरित निराकरण होही, जेन ले न्यायालय के लंबित मामला के बोझ मं उल्लेखनीय कमी आ सकथे।
न्यायपालिका के माने जावत हवय कि यदि ए मॉडल सफल रहिस, त भविष्य मं दूसर प्रकार के विवाद मन बर घलो अइसने विशेष अभियान चलाय जा सकही।
“समाधान समारोह” के होही आयोजन
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ह जानकारी देय कि 21 अगस्त ले 23 अगस्त 2026 तक देशभर मं उच्चतम न्यायालय के मार्गदर्शन मं “समाधान समारोह” आयोजित करे जाही।
ए समारोह के मुख्य उद्देश्य लंबित मामला मन के आपसी समझौता के आधार ऊपर निराकरण करना हवय। ए राष्ट्रीय अभियान मं छत्तीसगढ़ घलो सक्रिय भागीदारी निभाही।
ओमन प्रदेश के सबो प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अधिवक्ता संघ, बैंक, वित्तीय संस्था अउ संबंधित पक्षकार मन ल अपील करिन कि ए अभियान ल सफल बनाय बर पूरा सहयोग देवंय, ताकि अधिक ले अधिक प्रकरण के निपटारा हो सके।
आम नागरिक मन ल मिलही सीधा लाभ
विशेष लोक अदालत के सबसे बड़े फायदा आम जनता ल मिलही। लंबा समय तक न्यायालय के चक्कर लगाय, बार-बार तारीख मं उपस्थित होय अउ बढ़त कानूनी खर्च ले राहत मिल सकही।
चेक बाउंस जइसने आर्थिक विवाद के समय रहते समाधान हो जाही, त व्यापारी, कारोबारी, छोटे उद्योगपति अउ आम नागरिक मन ल आर्थिक नुकसान ले घलो बचाय जा सकही। ए व्यवस्था न्याय के संग-संग विश्वास अउ पारदर्शिता ल घलो मजबूत करही।
वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली ल मिलत हवय मजबूती
लोक अदालत भारत के वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative Dispute Resolution) प्रणाली के महत्वपूर्ण हिस्सा आय। ए माध्यम ले न्यायालय के बाहर या न्यायालय के सहयोग ले आपसी सहमति के आधार ऊपर विवाद के समाधान निकालाय जाथे।
विशेष लोक अदालत अभियान ले छत्तीसगढ़ मं ए व्यवस्था अउ मजबूत होवत दिखत हवय। न्यायपालिका के मानना हवय कि भविष्य मं ए मॉडल दूसर प्रकार के प्रकरण मन बर घलो कारगर साबित हो सकथे।
न्याय व्यवस्था मं भरोसा बढ़ाय के दिशा मं महत्वपूर्ण पहल
विशेष लोक अदालत अभियान केवल लंबित मामला कम करे के योजना नई, बल्कि आम जनता के न्याय व्यवस्था ऊपर भरोसा मजबूत करे के प्रयास घलो आय। जब लोगन ल समय पर न्याय मिलथे, त न्यायपालिका प्रति विश्वास अउ बढ़थे।
छत्तीसगढ़ मं शुरू होय ए राज्यव्यापी अभियान ले उम्मीद करे जा सकथे कि आने वाला महीना मं हजारों लंबित चेक बाउंस मामला के समाधान होही अउ न्यायालय मन के कामकाज अउ अधिक प्रभावी बनही।
न्यायपालिका, अधिवक्ता, बैंकिंग संस्था अउ आम नागरिक मन के संयुक्त सहयोग ले ए अभियान राज्य मं त्वरित, सरल अउ सुलभ न्याय के दिशा मं एक मजबूत मिसाल बन सकथे
