रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र मं ए बेर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बने ग्रामीण सड़क मन के जर्जर हालत के मुद्दा जोरदार ढंग ले उठिस। खास बात ए रहिस कि सिरिफ विपक्षे नई, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायक मन घलो अपन-अपन विधानसभा क्षेत्र के खराब सड़क मन के स्थिति ल लेकर सरकार ले जवाब मांगिन।
सदन मं विधायक मन कहिन कि गांव के कई सड़क आज अइसन हालत मं पहुंच गे हवंय कि आम जनता ल रोजाना भारी दिक्कत के सामना करना पड़त हे। बरसात के मौसम मं ए समस्या अउ गंभीर हो जाथे, जेन ले आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य अऊ खेती-किसानी के काम घलो प्रभावित होवत हे।
ए मुद्दा ऊपर सरकार के ओर ले पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अऊ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ह जवाब देत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नियम अऊ रखरखाव व्यवस्था के जानकारी देइन।
प्रबोध मिंज के सवाल – सड़क के आयु कतका, मरम्मत कब?
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक प्रबोध मिंज ह लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के पीएमजीएसवाई सड़क मन के खराब हालत के मुद्दा उठाइन।
ओमन सरकार ले पूछिन कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने सड़क मन के निर्धारित आयु (डिजाइन लाइफ) कतका होथे? अऊ जेन सड़क मन अभी जर्जर हो चुके हवंय, ओकर मरम्मत कब तक कराय जाही?
प्रबोध मिंज कहिन कि सड़क विकास के सबसे महत्वपूर्ण आधार आय। अगर गांव के सड़क समय पर ठीक नई होवय, त आम जनता ल हर दिन परेशानी झेलना परथे।
ग्रामीण जनता के बढ़त परेशानी के मुद्दा उठिस
सदन मं कई विधायक मन अपन-अपन क्षेत्र के उदाहरण देत बताइन कि गांव के सड़क मन कई जगह टूट-फूट के कारण चलई लायक नई बांचे हवंय।
बरसात मं सड़क ऊपर गड्ढा, कीचड़ अऊ पानी भर जाय के कारण स्कूली विद्यार्थी, किसान, मरीज अऊ आम नागरिक मन ल भारी कठिनाई होवत हे।
विधायक मन कहिन कि सड़क बनाय के बाद नियमित निगरानी अऊ समय पर मरम्मत नई होय के कारण स्थिति बिगड़त जावत हे।
विजय शर्मा – सड़क के डिजाइन लाइफ पांच बछर तय हे
प्रश्न के जवाब देत पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अऊ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कहिन कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाय जाथे सड़क मन के डिजाइन लाइफ पांच बछर निर्धारित रहिथे।
उनकर मुताबिक ए पांच बछर के अवधि मं संबंधित ठेकेदार के जिम्मेदारी रहिथे कि सड़क के नियमित देखरेख करय अऊ जरूरत पड़य त मरम्मत घलो करवाय।
मंत्री कहिन कि योजना के नियम मुताबिक रखरखाव के जिम्मेदारी ठेकेदार ऊपर तय रहिथे अऊ अगर कहीं शिकायत मिलथे, त संबंधित प्रकरण के जांच करके कार्रवाई करे जाथे।
रखरखाव मं लापरवाही ऊपर उठत सवाल
सदन मं चर्चा के दौरान कई विधायक मन ए सवाल घलो उठाइन कि अगर ठेकेदार के ऊपर रखरखाव के जिम्मेदारी हे, त फेर कई सड़क समय सीमा के भीतर घलो खराब काबर होवत हवंय?
कुछ सदस्य मन कहिन कि कई जगह सड़क निर्माण के गुणवत्ता ऊपर घलो सवाल उठत रहिथे। ए कारण नियमित निरीक्षण अऊ गुणवत्ता नियंत्रण ऊपर अउ जियादा ध्यान देय के जरूरत हे।
ग्रामीण विकास बर मजबूत सड़क सबसे जरूरी
विशेषज्ञ मन के मुताबिक गांव के सड़क सिरिफ आवागमन के साधन नई, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती, व्यापार अऊ रोजगार के आधार घलो आय।
अगर सड़क ठीक रहिथे, त किसान मन अपन उपज समय पर बाजार तक पहुंचा सकथें। मरीज ल अस्पताल ले जाय आसान होथे अऊ विद्यार्थी मन बिना दिक्कत स्कूल पहुंच सकथें।
ए कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने सड़क मन के गुणवत्ता अऊ नियमित रखरखाव ऊपर लगातार निगरानी जरूरी माने जावत हे।
सरकार ले समय पर कार्रवाई के उम्मीद
विधानसभा मं सत्ता पक्ष अऊ विपक्ष दूनों के ओर ले मुद्दा उठाय जाय के बाद अब उम्मीद जताय जावत हे कि जर्जर सड़क मन के मरम्मत अऊ रखरखाव के दिशा मं तेजी ले कार्रवाई होही।
सरकार के मुताबिक योजना के नियम अनुसार जिम्मेदार ठेकेदार मन ले रखरखाव करवाय जावत हे, जबकि विधायक मन के मांग हे कि खराब सड़क मन के सर्वे कराके जल्द मरम्मत कराय जावय, ताकि ग्रामीण जनता ल राहत मिल सके।
ग्रामीण सड़क के गुणवत्ता ऊपर अब रहिही नजर
सदन मं होय चर्चा ले ए साफ होगे हे कि ग्रामीण सड़क के गुणवत्ता अब सरकार अऊ जनप्रतिनिधि दूनों बर महत्वपूर्ण मुद्दा बन गे हे।
अब देखे वाली बात ए होही कि जेन सड़क मन के हालत खराब बताए गे हे, ओकर सुधार बर विभाग कतका जल्दी कार्रवाई करथे। अगर समय पर मरम्मत अऊ निगरानी होही, त गांव के लाखों लोगन ल बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकही अऊ ग्रामीण विकास के गति अउ मजबूत होही।
