भिलाई-दुर्ग के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (सेजेस) मं तीन दिन के भीतर कक्षा 9वीं-ए के 8 छात्रा के अचानक तबीयत बिगड़ गे। जिला शिक्षा विभाग जांच मं जुटे हवय। विशेषज्ञ टीम काउंसलिंग करत हवय, जबकि स्कूल प्रबंधन अफवाह ले बचाय के अपील करे हवय।
भिलाई/दुर्ग (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । दुर्ग जिला के खम्हरिया स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (सेजेस) मं बीते कुछ दिन ले घटत एक रहस्यमयी घटना ह छात्र-छात्रा, अभिभावक अउ शिक्षा विभाग सबके चिंता बढ़ा दे हवय। सिरिफ तीन दिन के भीतर कक्षा 9वीं-ए (डे-शिफ्ट) के कुल 8 छात्रा के अचानक तबीयत बिगड़ जाए के मामला सामने आइस। प्रभावित छात्रा मन अचानक जोर-जोर ले चीखे-चिल्लाय लगथें, ओमन के हाथ-पांव अकड़ जाथे, आंखी ले आंसू बहना शुरू हो जाथे अउ कुछ देर बाद बेहोश हो जाथें। घटना के कारण अभी तक स्पष्ट नई होय हवय, फेर जिला शिक्षा विभाग पूरा मामला के गंभीरता ले जांच करत हवय।
9 जुलाई ले शुरू होइस घटना के सिलसिला
जानकारी के मुताबिक ए घटना के पहिली मामला 9 जुलाई के दिन सामने आइस। ओ दिन कक्षा 9वीं-ए के पांच छात्रा एके संग प्रभावित हो गिन। छात्रा मन चक्कर आना, शरीर अकड़ जाना, बोले मं परेशानी होना अउ बेहोश हो जाए जइसन लक्षण देखाइन। स्कूल प्रबंधन ह बिना देरी करे प्रभावित छात्रा मन ला इलाज बर शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भेजिस।
डॉक्टर मन के प्राथमिक इलाज के बाद छात्रा मन के हालत सामान्य हो गे। मेडिकल जांच कराय गीस, फेर अधिकांश रिपोर्ट मं कोनो गंभीर शारीरिक बीमारी के पुष्टि नई होइस।
11 जुलाई अउ फेर सोमवार ला सामने आइस अइसने मामला
पहिली घटना के बाद मामला शांत होय के बजाय फेर सामने आइस। 11 जुलाई के दिन दू छात्रा मं फेर अइसने लक्षण दिखाई दीस। एखर बाद सोमवार ला घलो दू छात्रा अचानक चीखे-चिल्लाय लगिन अउ कुछ देर बाद बेहोश हो गिन। लगातार घटना दोहराय के कारण स्कूल परिसर मं चिंता के माहौल बन गे।
जांच दौरान एक छात्रा मं सिकल सेल (सिकलिंग) संबंधी समस्या के जानकारी जरूर मिलिस, फेर बाकी छात्रा मन के मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आए हवंय। ए कारण ले मामला अब स्वास्थ्य विशेषज्ञ अउ मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ दूनों बर अध्ययन के विषय बन गे हवय।
सिरिफ एके कक्षा अउ डे-शिफ्ट तक सीमित हे मामला
स्कूल के प्राचार्य सुनीता दीवान बताइन कि अब तक जेन मामला सामने आए हवंय, ओमन सिरिफ कक्षा 9वीं-ए के डे-शिफ्ट तक सीमित हवंय। बिहान के शिफ्ट मं पढ़ई करे वाला छात्र-छात्रा, दूसर कक्षा के विद्यार्थी या शिक्षक मन मं अइसने कोनो शिकायत सामने नई आइस।
प्राचार्य के मुताबिक शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट मं गंभीर शारीरिक कारण नई मिले हवय। एखर चलते प्राथमिक रूप ले ए मामला मनोवैज्ञानिक या सामूहिक तनाव ले जुड़े होय के संभावना जताय जात हवय। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरा होय के बादे सामने आही।
शिक्षा विभाग शुरू करिस विस्तृत जांच
घटना के जानकारी मिलतेच जिला शिक्षा विभाग सक्रिय हो गे हवय। पूरा मामला के विस्तृत जांच शुरू कर दी गे हवय। छात्रा मन के मानसिक स्थिति समझे बर मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ मन के टीम ला घलो स्कूल बुलाय गे हवय, जेन मन छात्रा संग व्यक्तिगत अउ समूह स्तर मं काउंसलिंग करत हवंय।
विशेषज्ञ मन के प्रयास हे कि छात्रा मन ऊपर कोनो मानसिक दबाव, परीक्षा के तनाव, सामाजिक कारण या दूसर मनोवैज्ञानिक प्रभाव त नई पड़त हवय, एखर सही जानकारी सामने आ सकय।
एहतियात बर बदल दे गे कक्षा
स्कूल प्रबंधन ह ए मामला ला गंभीरता ले लेत तत्काल कुछ एहतियाती कदम घलो उठाए हवंय। प्रभावित छात्रा मन जिहां पढ़त रहिन, 9वीं-ए के पूरा क्लासरूम बदल दे गे हवय। प्रबंधन के कहना हवय कि ए फैसला छात्रा मन के आत्मविश्वास बनाए रखे अउ कोनो प्रकार के डर ला कम करे बर ले गे हवय।
स्कूल प्रशासन ह अभिभावक मन ले घलो अपील करे हवय कि बिना पुष्टि के फैलत अफवाह मन ऊपर भरोसा नई करंय। बच्चा मन के मनोबल बनाए रखे, ओमन संग सकारात्मक व्यवहार करंय अउ जांच पूरा होय तक स्कूल प्रशासन के सहयोग करंय।
सोशल मीडिया मं अलग-अलग दावा, प्रशासन आधिकारिक आंकड़ा ऊपर कायम
घटना के बाद सोशल मीडिया मं कई तरह के पोस्ट वायरल होवत हवंय, जिहां प्रभावित छात्रा मन के संख्या आठ ले जियादा बताए जात हवय। हालांकि जिला प्रशासन अउ स्कूल प्रबंधन साफ करे हवय कि अब तक आधिकारिक रूप ले 8 छात्रा प्रभावित होय के पुष्टि होय हवय। प्रशासन ह आम जनता ले अपील करे हवय कि सिरिफ आधिकारिक जानकारी ऊपर भरोसा करंय।
विशेषज्ञ मन का कहिथें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मन के मुताबिक अइसने घटना कई बार सामूहिक मानसिक तनाव (Mass Psychogenic Illness), परीक्षा के दबाव, भावनात्मक तनाव, पर्यावरणीय कारण या दूसर मनो-सामाजिक परिस्थिति के चलते घलो देखे जाथे। हालांकि ए मामला मं अभी जांच जारी हवय, एसे बिना अंतिम रिपोर्ट के कोनो निष्कर्ष निकालना उचित नई होही।
बच्चा मन के मानसिक स्वास्थ्य ऊपर देय बर परही विशेष ध्यान
ए घटना ह एक बार फेर ए बात ला सामने लानिस कि स्कूल मं सिरिफ पढ़ईच नई, बल्कि छात्र-छात्रा मन के मानसिक स्वास्थ्य ऊपर घलो बराबर ध्यान देय के जरूरत हवय। विशेषज्ञ मन मानथें कि समय-समय मं काउंसलिंग, तनाव प्रबंधन अउ खुला संवाद ले अइसने स्थिति के संभावना ला काफी हद तक कम करे जा सकत हवय।
फिलहाल स्कूल मं पढ़ई नियमित रूप ले जारी हवय। जिला शिक्षा विभाग के जांच रिपोर्ट के इंतजार करे जात हवय। रिपोर्ट सामने आए के बादे घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाही।
