रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम म श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ह ‘सनातन बोर्ड’ बनाए के जरूरत बताए। मंदिर व्यवस्था, सनातन संस्कृति अऊ धार्मिक प्रबंधन ऊपर रखिन अपन विचार।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम म इन दिन मन आध्यात्मिक माहौल बने हवय। प्रसिद्ध कथावाचक अऊ आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर लगातार तीसरा दिन श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम ले श्रद्धालु मन ला धर्म, संस्कृति अऊ आध्यात्मिक जीवन के संदेश देत हवंय। कथा म रोज हजारों श्रद्धालु शामिल होवत हवंय, जिहां भक्ति, श्रद्धा अऊ आध्यात्मिक वातावरण देखे ला मिलत हवय।
कथा के दौरान मीडिया ले बातचीत म देवकीनंदन ठाकुर ह कई समसामयिक अऊ धार्मिक विषय मन ऊपर अपन राय रखिन। मंदिर प्रबंधन अऊ धार्मिक संस्थामन के व्यवस्था के संदर्भ म बोलत ओमन ‘सनातन बोर्ड’ बनाए के आवश्यकता ऊपर जोर दिन। ओमन के मुताबिक, देश म सनातन संस्कृति अऊ मंदिर मन के बेहतर प्रबंधन बर एक स्वतंत्र अऊ सुव्यवस्थित संस्था के गठन जरूरी हवय।
देवकीनंदन ठाकुर के कहना रहिस कि भारत के धार्मिक परंपरा अऊ सनातन संस्कृति के संरक्षण बर संस्थागत व्यवस्था मजबूत होना चाही। ओमन तर्क देत कहिन कि जइसने कुछ धार्मिक समुदाय बर अलग-अलग बोर्ड काम करथें, वइसनेच सनातन परंपरा अऊ मंदिर प्रबंधन बर घलो एक स्वतंत्र बोर्ड के व्यवस्था होय के जरूरत हवय।
मीडिया संग चर्चा के दौरान ओमन मंदिर मन के वित्तीय प्रबंधन ऊपर अपन चिंता जताइन। ओमन कहिन कि आजादी के बाद ले मंदिर मन के धन के उपयोग ला लेके समय-समय म सवाल उठत रहिस। देवकीनंदन ठाकुर के मुताबिक, यदि स्वतंत्रता के शुरुआती दौर म ही अइसने एक संस्था के गठन होगे रहित, जिहां देश के प्रमुख धार्मिक विद्वान अऊ आध्यात्मिक गुरु मन शामिल रहित, त मंदिर प्रबंधन अऊ धार्मिक व्यवस्था अउ मजबूत हो सकत रहिस।
ओमन अपन विचार रखते कहिन कि अइसने संस्था म चारों शंकराचार्य, पांच वैष्णवाचार्य अऊ प्रमुख धार्मिक गुरु मन के प्रतिनिधित्व होय, ताकि मंदिर मन के संचालन, संरक्षण अऊ धार्मिक गतिविधि मन के संबंध म सामूहिक रूप ले निर्णय लिए जा सके। ओमन के अनुसार, ए प्रकार के व्यवस्था ले सनातन संस्कृति के संरक्षण अऊ धार्मिक संस्थामन के पारदर्शी संचालन म मदद मिल सकथे।
हालांकि, देवकीनंदन ठाकुर के ए विचार ओमन के व्यक्तिगत सार्वजनिक मत के रूप म सामने आए हवंय। ‘सनातन बोर्ड’ के गठन के संबंध म फिलहाल सरकार के ओर ले कऊनो आधिकारिक घोषणा या निर्णय सामने नई आए हवय।
रायपुर म आयोजित श्रीमद्भागवत कथा म कथा वाचन के दौरान देवकीनंदन ठाकुर लगातार सनातन संस्कृति, भारतीय जीवन मूल्य, नैतिकता अऊ आध्यात्मिक चेतना ऊपर विस्तार ले प्रवचन देत हवंय। कथा म शामिल श्रद्धालु मन भगवान श्रीकृष्ण के लीला, भक्ति अऊ धर्म के महत्व के प्रसंग मन ला बड़े ध्यान ले सुनत हवंय।
कार्यक्रम स्थल म रोज बड़ी संख्या म श्रद्धालु पहुंचत हवंय। कथा के साथ-साथ भजन, आरती अऊ धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन घलो होवत हवय। श्रद्धालु मन के मुताबिक, ए कथा म शामिल होके ओमन ला आध्यात्मिक शांति अऊ सकारात्मक ऊर्जा के अनुभव होवत हवय।
धार्मिक विशेषज्ञ मन के अनुसार, भारत म मंदिर प्रबंधन, धार्मिक संस्थामन के संचालन अऊ सांस्कृतिक संरक्षण ऊपर समय-समय म अलग-अलग मत सामने आवत रहिथे। अइसने विषय मन ऊपर सार्वजनिक चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था के हिस्सा आय। ए प्रकार के सुझाव ऊपर अंतिम निर्णय सरकार अऊ संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम लेच हो सकथे।
रायपुर म चलत श्रीमद्भागवत कथा अब धार्मिक आयोजन के संग-संग समसामयिक विषय मन के चर्चा के कारण घलो सुर्खी म बने हवय। श्रद्धालु मन कथा के माध्यम ले आध्यात्मिक संदेश ग्रहण करत हवंय, जबकि देवकीनंदन ठाकुर के बयान के बाद ‘सनातन बोर्ड’ के विषय म घलो अलग-अलग स्तर म चर्चा तेज होगे हवय।
