कोरबा के एनसीडीसी स्कूल म सूबेदार, उप निरीक्षक अउ प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के बखत स्कूल गेट म दण्ड करैत (कॉमन वुल्फ स्नेक) दिखाय देइस। वन विभाग के रेस्क्यू टीम तुरंत पहुंचके सांप ल सुरक्षित पकड़िस अउ जंगल म छोड़ दिस। पढ़व पूरा खबर छत्तीसगढ़ी म।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। कोरबा शहर के एनसीडीसी स्कूल म रविवार के दिन सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग अउ प्लाटून कमांडर (प्रारंभिक) भर्ती परीक्षा चलत रहिस। एही बखत स्कूल परिसर के मुख्य गेट लगे एक सांप दिखाय देय ले परीक्षार्थी, अभिभावक अउ स्कूल प्रबंधन के बीच कुछ देर बर अफरा-तफरी के माहौल बन गे। हालांकि स्कूल प्रबंधन के सतर्कता अउ वन विभाग के त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति जल्दी सामान्य होगे अउ परीक्षा बिना किसी बाधा के संपन्न होइस।
जानकारी के मुताबिक, परीक्षा शुरू होए के पहिली बड़ी संख्या म अभ्यर्थी एनसीडीसी स्कूल पहुंचत रहिन। एही दौरान स्कूल के प्रवेश द्वार लगे एक सांप रेंगत दिखिस। परीक्षा देय बर आए छात्र-छात्रा मन अउ उंकर संग आए परिजन सांप ल देखके घबरा गइन। मामला के गंभीरता ल समझत स्कूल प्रबंधन तुरंत वन विभाग के रेस्क्यू टीम ल सूचना दीस।
सूचना मिलतेच वन विभाग के रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी अपन टीम संग कुछे देर म स्कूल पहुंच गइन। टीम ह सावधानी बरतत सांप के पहचान करिस। जांच के बाद पता चलिस कि वो कॉमन वुल्फ स्नेक (दण्ड करैत) हवय, जऊन कि दिखे म भले जहरीला करैत जइसने लगथे, फेर असल म ए एक विषहीन सांप आय अउ मनखे बर सामान्य हालत म खतरा नइ होवय।
रेस्क्यू टीम ह बिना सांप ल नुकसान पहुंचाए सुरक्षित ढंग ले पकड़िस। रेस्क्यू के दौरान स्कूल परिसर म मौजूद लोगन ल सुरक्षित दूरी बनाए रखे के सलाह घलो दी गई। सांप ल पकड़ लेवई के बाद स्कूल म मौजूद परीक्षार्थी अउ स्कूल स्टाफ मन राहत के सांस लिहिन। कुछ देर बर बने तनाव के माहौल रहिस, फेर वन विभाग के समय पर पहुंचके कार्रवाई करे ले कोई अनहोनी नइ होइस।
रेस्क्यू पूरा होए के बाद वन विभाग के टीम ह सांप ल ओकर प्राकृतिक रहवास म वापस छोड़ दीस, ताकि वन्यजीव संरक्षण के नियम के पालन हो सके अउ सांप घलो सुरक्षित रहय। विभाग के मुताबिक, बरसात के मौसम म जंगल, झाड़ी अउ बिल म पानी भर जाए के कारण कई किसिम के सांप भोजन अउ सुरक्षित जगह के तलाश म आबादी वाले इलाका म पहुंच जाथें। एखर से लोग मन ल घबराए के बजाय सतर्क रहना चाही।
वन विभाग के अधिकारी मन आम नागरिक मन ले अपील करिन कि अगर कहीं सांप दिखे, त खुद पकड़इया के कोशिश कतको नई करंव। एखर जानकारी तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम ल देवव। कई बेर विषहीन सांप मन ल घलो लोग गलती ले जहरीला समझके मार डारथें, जबकि वो पर्यावरण के संतुलन बनाए रखे म महत्वपूर्ण भूमिका निभाथें।
विशेषज्ञ मन के मुताबिक, दण्ड करैत या कॉमन वुल्फ स्नेक ह मुख्य रूप ले चूहा, छिपकली जइसने छोटे जीव-जंतु मन ल खाथे, जऊन खेती अउ मानव बस्ती बर फायदेमंद माने जाथे। एखर कारण ए किसिम के सांप मन के संरक्षण घलो जरूरी आय।
एनसीडीसी स्कूल म परीक्षा के दौरान घटी ए घटना एक बार फेर ये बात ल साबित करथे कि आपात स्थिति म संबंधित विभाग के त्वरित कार्रवाई कतका जरूरी होथे। स्कूल प्रबंधन, वन विभाग अउ रेस्क्यू टीम के सजगता के चलते एक संभावित खतरा समय रहते टर गे अउ परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल म संपन्न हो सकिस।
बरसात के मौसम म अइसने घटना मन बढ़ जाथें, एखर से नागरिक मन ल सतर्क रहके वन्यजीव मन के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाना चाही। सांप दिखे के स्थिति म घबराहट फैलाए के बजाय संबंधित विभाग ल सूचना देना ही सबसे सुरक्षित अउ जिम्मेदार कदम होथे।
