रायगढ़ जिला के बाकारूमा-लैलूंगा 23 किलोमीटर सड़क निर्माण मं भू-अर्जन के दिक्कत अब दूर होवत दिखत हे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के पहल ले 72.50 करोड़ के एडीबी परियोजना के अटके काम ला नई गति मिलत हे, जेन ले हजारों ग्रामीण मन ला राहत मिलही।
रायगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ मं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगुवाई मं सरकार लगातार सुशासन, पारदर्शिता अऊ तेज विकास के संकल्प के संग काम करत हे। सरकार के प्राथमिकता मं गांव-गांव तक मजबूत सड़क, बेहतर आवागमन अऊ बुनियादी सुविधा पहुंचाना शामिल हे। एही कड़ी मं रायगढ़ जिला के बाकारूमा ले लैलूंगा तक 23 किलोमीटर लंबा सड़क निर्माण के अटके काम अब फिर ले गति पकड़त दिखत हे।
ये सड़क के निर्माण एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) लोन-3 परियोजना के तहत लगभग 72 करोड़ 50 लाख रुपये के लागत ले करवाय गे हे। सड़क बन जाने ले क्षेत्र के हजारों ग्रामीण मन ला सीधा फायदा मिलत हे। गांव ले शहर तक पहुंचना आसान होही, किसान मन अपन उपज जल्दी बाजार पहुंचा सकहीं अऊ विद्यार्थी, मरीज अऊ व्यापारी मन ला भी राहत मिलही।
भू-अर्जन के दिक्कत ले रुक गे रहिस काम
जानकारी के मुताबिक सड़क निर्माण के दौरान ग्राम राजपुर मं करीब 600 मीटर के हिस्सा मं जमीन अधिग्रहण (भू-अर्जन) के भुगतान पूरा नई हो पाए रहिस। भुगतान नई मिले के कारण संबंधित जमीन मालिक मन निर्माण कार्य के विरोध करत रहिन, जेन ले सड़क के काम अधूरा रहि गे रहिस।
लंबा समय ले ये समस्या बने रहे, जेन ले सड़क निर्माण प्रभावित होवत रहिस अऊ आसपास के गांव के लोगन ला भी परेशानी झेलना पड़त रहिस।
सरकार के पहल ले निकलत हे समाधान
प्रदेश सरकार के हस्तक्षेप अऊ प्रशासनिक पहल के बाद अब भू-अर्जन संबंधी समस्या के समाधान के दिशा मं तेजी ले काम होवत हे। प्रशासन अऊ संबंधित विभाग प्रभावित जमीन मालिक मन संग लगातार चर्चा करत हें ताकि सब्बो जरूरी प्रक्रिया पूरा करके सड़क निर्माण फिर ले बिना रुकावट आगे बढ़ सके।
सरकार के कहना हे कि विकास कार्य मं आने वाला हर बाधा ला बातचीत अऊ कानून के दायरा मं रहिके दूर करे जाही, ताकि जनता ला समय मं सुविधा मिल सके।
ग्रामीण मन बर जीवनरेखा साबित होही सड़क
बाकारूमा-लैलूंगा मार्ग क्षेत्र के कई गांव मन ला जोड़थे। ये सड़क सिरिफ एक रास्ता नई, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवार बर जीवनरेखा के रूप मं देखे जाथे।
सड़क पूरा हो जाही त—
- गांव ले जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान होही।
- मरीज मन ला अस्पताल पहुंचाय मं कम समय लगही।
- स्कूली अऊ कॉलेज के विद्यार्थी मन ला आवागमन मं राहत मिलही।
- किसान मन अपन धान, सब्जी अऊ दूसर कृषि उपज ला बाजार तक जल्दी पहुंचा सकहीं।
- व्यापार अऊ छोटे कारोबार ला बढ़ावा मिलही।
- बरसात के समय आवागमन मं होने वाली दिक्कत कम होही।
क्षेत्र के विकास ला मिलही नई रफ्तार
सड़क संपर्क मजबूत होय ले सिरिफ यात्रा आसान नई होवय, बल्कि पूरा इलाका के आर्थिक गतिविधि मं भी बढ़ोतरी होथे। बेहतर सड़क बने ले परिवहन लागत कम होथे, रोजगार के अवसर बढ़थे अऊ निवेश के संभावना घलो मजबूत होथे।
विशेषज्ञ मन के मानना हे कि ग्रामीण सड़क नेटवर्क मजबूत होय ले शिक्षा, स्वास्थ्य अऊ कृषि के विकास मं सीधा असर पड़थे। एही कारण ले सरकार लगातार अधोसंरचना विकास ला प्राथमिकता देत हे।
एडीबी परियोजना ले बदलत हे ग्रामीण संपर्क
एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग ले चलत ये परियोजना के उद्देश्य ग्रामीण अऊ दूरस्थ इलाका मन ला बेहतर सड़क सुविधा देना हे। प्रदेश के कई जिला मं ए प्रकार के सड़क निर्माण परियोजना चलत हें, जेन ले ग्रामीण संपर्क मजबूत होवत हे अऊ विकास के गति तेज होवत हे।
बाकारूमा-लैलूंगा मार्ग घलो एही महत्वाकांक्षी योजना के हिस्सा आय अऊ ये सड़क पूरा होय के बाद रायगढ़ जिला के ग्रामीण अंचल ला बड़ा फायदा मिलही।
जनता के उम्मीद अब सड़क पूरा होय मं
स्थानीय ग्रामीण मन के कहना हे कि सड़क निर्माण पूरा हो जाही त रोजाना के सफर आसान हो जाही। खासकर बरसात के दिन मं आवागमन के जेन दिक्कत होथे, ओखर ले काफी राहत मिलही। किसान, छात्र, व्यापारी अऊ मरीज – सब्बो वर्ग के लोगन ला ये परियोजना के लाभ मिलही।
अब प्रशासन भू-अर्जन के बाकी प्रक्रिया ला जल्द पूरा करके निर्माण कार्य ला तेजी ले पूरा करे के दिशा मं काम करत हे। अगर सब कुछ योजना अनुसार चलिस, त आने वाला समय मं बाकारूमा-लैलूंगा सड़क क्षेत्र के विकास के नई पहचान बन सकथे।
प्रदेश सरकार के पहल अऊ प्रशासनिक सक्रियता ले बाकारूमा-लैलूंगा सड़क निर्माण मं अटके काम फिर ले आगे बढ़े के उम्मीद जागे हे। भू-अर्जन संबंधी समस्या के समाधान निकलत दिखत हे, जेन ले 72.50 करोड़ रुपये के ये महत्वपूर्ण परियोजना जल्द पूरा हो सके। सड़क बन जाने के बाद रायगढ़ जिला के ग्रामीण इलाका मं आवागमन, व्यापार, शिक्षा अऊ स्वास्थ्य सुविधा मं बड़ा सुधार देखने ला मिल सकथे। विकास के ये कदम आने वाला समय मं हजारों ग्रामीण परिवार बर नई संभावनाएं लेकर आ सकथे।
