मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में 11 बड़े फैसलों को मंजूरी मिली। बिजली भुगतान व्यवस्था, बस्तर फाइटर्स, निजी विश्वविद्यालय, GST, Ease of Doing Business, NRDA OTS योजना और राजनांदगांव ऑडिटोरियम सहित सभी महत्वपूर्ण निर्णय विस्तार से पढ़ें।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास, निवेश, शिक्षा, उद्योग, बिजली, कर व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के इन फैसलों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाना है, वहीं उद्योगों, निवेशकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने, उद्योगों को प्रोत्साहित करने और जनहित से जुड़े मामलों में तेज़ी से सुधार लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बिजली भुगतान व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) की जगह आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
सरकार का कहना है कि इससे एनटीपीसी सहित अन्य केंद्रीय बिजली कंपनियों से बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहेगी। साथ ही भुगतान सुरक्षा की व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। खास बात यह है कि इस बदलाव से राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
बस्तर फाइटर्स के नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के भर्ती एवं सेवा शर्तों से जुड़े नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को भी मंजूरी दी। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा तथा बल के संचालन में आवश्यक सुधार होंगे।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना होगी और व्यवस्थित
बैठक में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई। नए संशोधन के तहत विन्यास निधि की जगह रक्षित निधि का प्रावधान किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
साथ ही विश्वविद्यालयों में आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं को यूजीसी एवं संबंधित नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप विकसित करना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।
वैट और जीएसटी व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (VAT) संशोधन विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। जीएसटी लागू होने के बाद वैट से जुड़े अपील मामलों में लगातार कमी आई है। ऐसे में अलग से वाणिज्यिक कर अधिकरण की आवश्यकता नहीं रहने पर उसे समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। लंबित मामलों को अब राजस्व मंडल को स्थानांतरित किया जाएगा।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य कर कानूनों को अधिक सरल बनाना, अनुपालन प्रक्रिया को आसान करना तथा निर्यातकों एवं उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है।
उद्योगों और निवेशकों के लिए सरकार का बड़ा कदम
राज्य में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई। सरकार ने बताया कि इस विधेयक को तैयार करते समय देश के अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का भी अध्ययन किया गया है।
इस संशोधन के बाद निवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, सरल और निवेशक हितैषी बनने की उम्मीद है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ बनाएगा नई पहचान
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। सरकार के अनुसार ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।
विधेयक में डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय पक्ष सत्यापन, जोखिम आधारित निरीक्षण और दोहरे लाइसेंसिंग दायित्व समाप्त करने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे उद्योगों को अनुमति लेने में लगने वाला समय कम होगा और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
NRDA की OTS योजना को मिली मंजूरी
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आवंटित भूखंडों और निर्मित परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी गई।
इस योजना से पात्र आवंटितियों को बकाया राशि के नियमितीकरण का अवसर मिलेगा। वहीं जो लोग परियोजना विकसित नहीं करना चाहते, वे निर्धारित समय में भूमि वापस भी कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे मुकदमेबाजी कम होगी और नवा रायपुर में निवेश गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
पर्यावरण कानूनों को बनाया जाएगा अधिक सरल
कैबिनेट ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
इस संशोधन के तहत छोटे उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही अपील और दंड निर्धारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
किरायेदारी विवादों के समाधान पर भी जोर
बैठक में छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य खाली मकानों को किराये पर उपलब्ध कराने को बढ़ावा देना और मकान मालिक तथा किरायेदार के बीच होने वाले विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
इस संशोधन में दोनों पक्षों के अधिकार और दायित्व स्पष्ट किए गए हैं। साथ ही संपत्ति प्रबंधक, किराया प्राप्ति, अधिकरण अध्यक्ष की पदावधि और न्यायालय शुल्क से जुड़े प्रावधानों को भी अद्यतन किया गया है।
राजनांदगांव को मिलेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आवंटन को भी मंजूरी दी। इस परियोजना से भविष्य में बड़े सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सरकारी आयोजनों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
प्रदेश के विकास की दिशा में अहम कदम
कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार एक साथ कई क्षेत्रों—बिजली, शिक्षा, उद्योग, निवेश, पर्यावरण, कर व्यवस्था, आवास और अधोसंरचना—में सुधार लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ने, रोजगार के नए अवसर सृजित होने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आने की संभावना मजबूत होगी।
