महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पढ़ें पूरी खबर।
रायपुर। ((वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। इस चर्चित मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोलते हुए मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग दोहराई है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने प्रेस को जारी अपने बयान में कहा कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप केवल एक सट्टेबाजी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के कथित अवैध वित्तीय नेटवर्क और राजनीतिक संरक्षण से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका कहना है कि सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से अब कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जिनसे पूरे मामले की परतें खुलेंगी।
डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में महादेव ऐप का नेटवर्क तेजी से फैला और इस पूरे प्रकरण को लेकर समय-समय पर कई सवाल उठते रहे। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न एजेंसियों द्वारा जांच शुरू की गई, तब भी कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताकर खारिज करने की कोशिश की। अब जबकि मामले का प्रमुख आरोपी विदेशी जमीन पर गिरफ्तार हुआ है, तब कांग्रेस नेतृत्व को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की जनता लंबे समय से यह जानना चाहती है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का संचालन किन लोगों के संरक्षण में हुआ और इस कथित नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन का लाभ आखिर किसे मिला। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जांच एजेंसियां पूरे मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे कर सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी दोषी को उसके पद, प्रभाव या राजनीतिक पहचान के आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है। भाजपा का कहना है कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता ही जनता का विश्वास बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इस मामले में लगाए जा रहे आरोपों पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, बल्कि जनता उन सवालों के जवाब चाहती है जो लंबे समय से इस मामले को लेकर उठते रहे हैं।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित विभिन्न जांच एजेंसियां कथित मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध सट्टेबाजी और वित्तीय अनियमितताओं के पहलुओं की जांच कर रही हैं। इस प्रकरण में कई राज्यों तक फैले आर्थिक लेन-देन और डिजिटल नेटवर्क की भी जांच की जा चुकी है। ऐसे में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। भाजपा इस मुद्दे को कांग्रेस सरकार की जवाबदेही से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस पहले भी ऐसे आरोपों को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बता चुकी है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आधिकारिक बयान इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकते हैं।
फिलहाल सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होती है तो जांच में नए तथ्यों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, राजनीतिक दल भी इस घटनाक्रम को लेकर लगातार अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसा घोषित न किया जाए।
