बिलासपुर के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कड़ार सेवार में जर्जर सड़क के विरोध में कांग्रेस ने गड्ढों में भरे बारिश के पानी में जाल डालकर अनोखा प्रदर्शन किया। जानिए ग्रामीणों की परेशानी, कांग्रेस की मांग और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट।
बिलासपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कड़ार सेवार मं बरसों ले खराब पड़े सड़क के मुद्दा एक बार फेर सुर्खी मं आ गे हवय। सड़क के जर्जर हालत ले परेशान गांव के लोगन संग कांग्रेस नेता अउ कार्यकर्ता मन ए बार विरोध जताय बर एकदम अलग तरीका अपनाइन। सड़क मं बने गहरे गड्ढा मं भर गे बरसाती पानी ल तालाब के रूप देवत, ओमन जाल डाल के प्रतीकात्मक रूप ले मछरी पकड़ई के प्रदर्शन करिन।
ए प्रदर्शन के मकसद सिरिफ विरोध करना नई, बल्कि प्रशासन अउ जिम्मेदार जनप्रतिनिधि मन के ध्यान ए गंभीर समस्या ऊपर खींचना रहिस। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता मन कहिन कि जब सड़क गड्ढा ले भर जाही अउ ओही गड्ढा मं मछरी पालन के हालत बन जाही, त समझे के बात हवय कि विकास के दावा जमीन मं कतका कमजोर पड़ गे हवय।
ग्रामीण मन के कहना हवय कि कड़ार सेवार गांव के ए सड़क इलाका के प्रमुख संपर्क मार्ग आय। रोजाना सैकड़ों ग्रामीण, किसान, मजदूर, छात्र-छात्रा अउ छोटे व्यापारी एही रास्ता ले आना-जाना करथें। फेर कई साल ले सड़क के मरम्मत नई होय के कारण एखर हालत लगातार बिगड़त गे हवय। बरसात के दिन मं सड़क मं बने बड़े-बड़े गड्ढा पानी ले भर जाथें, जेन ले वाहन चलाना त दूर, पैदल निकलना घलो खतरा ले खाली नई रहय।
ग्रामीण मन बताथें कि बरसात सुरू होतेच सड़क तालाब जइसने दिखे लगथे। गड्ढा कतका गहिरा हवय, ए बात के अंदाजा लगाना मुस्किल हो जाथे। ए कारण ले अक्सर दुपहिया वाहन चालक मन फिसल जाथें अउ दुर्घटना के शिकार हो जाथें। कई बार स्कूली लइका मन घलो गिरके चोटिल हो चुके हवंय।
गांव के बुजुर्ग मन के कहना हवय कि सड़क के खराब हालत के जानकारी कई बार संबंधित विभाग अउ जनप्रतिनिधि मन ल दे गे हवय, फेर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नई होइस। चुनाव के समय सड़क बनाय के वादा त जरूर होथे, फेर चुनाव बीततेच ए वादा कागज तक सीमित रह जाथे।
कांग्रेस कार्यकर्ता मन प्रदर्शन के दौरान गड्ढा मं जाल डालके मछरी पकड़ई के प्रतीकात्मक अभिनय करिन। ए दृश्य देखे बर गांव के बड़ी संख्या मं लोगन जुटिन। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी घलो होइस अउ प्रशासन ले तत्काल सड़क मरम्मत करवाय के मांग रखे गीस।
कांग्रेस नेता मन आरोप लगाइन कि क्षेत्र के विकास के बड़े-बड़े दावा करे जावत हवय, फेर जमीनी हकीकत एकदम अलग दिखत हवय। अगर सड़क समय रहते बन गे रहितिस त आज गांव के लोगन ल ए परेशानी झेलना नई पड़तिस। ओमन कहिन कि सड़क सिरिफ सुविधा नई, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती-किसानी अउ रोजगार संग सीधे जुड़े बुनियादी जरूरत आय।
बरसात के मौसम मं ए सड़क ले एम्बुलेंस गुजरना घलो कई बेर मुश्किल हो जाथे। अगर गांव मं कोई मरीज के हालत गंभीर हो जावय, त समय पर अस्पताल पहुंचाय मं दिक्कत हो सकथे। किसान मन ल अपन उपज बाजार तक ले जाए मं अतिरिक्त समय अउ खर्चा उठाय पड़थे। ए स्थिति ले गांव के आर्थिक गतिविधि ऊपर घलो असर पड़त हवय।
प्रदर्शनकारी मन साफ कहिन कि अगर जल्द ले सड़क के निर्माण या व्यापक मरम्मत के काम सुरू नई करे जाही, त आंदोलन अउ तेज करे जाही। जरूरत पड़िस त ग्रामीण मन संग मिलके बड़े स्तर मं धरना-प्रदर्शन घलो करही।
ग्रामीण मन के उम्मीद हवय कि ए अनोखा प्रदर्शन के बाद जिम्मेदार विभाग के अधिकारी अउ जनप्रतिनिधि जागही अउ सड़क समस्या के स्थायी समाधान बर ठोस कदम उठाही। गांव वाले मन के कहना हवय कि अब आश्वासन नई, बल्कि जमीन मं काम दिखना चाही।
बरसात के बीच जर्जर सड़क के ए तस्वीर सिरिफ कड़ार सेवार गांव के कहानी नई, बल्कि प्रदेश के कई ग्रामीण इलाका के हकीकत ल सामने लाथे। अब देखना ए रहिही कि प्रशासन ए चेतावनी ल गंभीरता ले लेथे या फेर गांव वाले मन ल अउ लंबा इंतजार करना पड़ही।
