छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था मं बड़े बदलाव करे बर एक्शन मोड मं हे। 700 सहायक प्राध्यापक के भर्ती, स्नातक कॉलेज मन मं नियमित प्राचार्य, अतिथि प्राध्यापक मन बर राहत, ग्रामीण छात्र मन बर अंग्रेजी कोर्स अऊ PG मं NEP लागू करे जइसने कई महत्वपूर्ण फैसला लेगे हें। पढ़व पूरा खबर।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ मं उच्च शिक्षा व्यवस्था ला मजबूत बनाय अऊ प्रदेश के युवा मन ला बेहतर शिक्षा संग रोजगार के अवसर उपलब्ध कराय बर राज्य सरकार अब पूरा एक्शन मोड मं आ गे हे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के मार्गदर्शन मं उच्च शिक्षा विभाग मं सालों ले लंबित प्रशासनिक मामला मन ला निपटाय अऊ शिक्षा व्यवस्था ला आधुनिक रूप देय बर तेजी ले काम शुरू हो गे हे।
एही कड़ी मं मंत्रालय मं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के अध्यक्षता मं उच्च शिक्षा विभाग के समीक्षा बैठक आयोजित होइस। बैठक मं विभाग के सचिव, आयुक्त अऊ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहिन। समीक्षा के दौरान उच्च शिक्षा के गुणवत्ता बढ़ाय, रिक्त पद भराय, प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करे अऊ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) ला प्रभावी ढंग ले लागू करे संबंधी कई दूरगामी फैसला लेगे गइन।
700 सहायक प्राध्यापक के भर्ती प्रक्रिया अब होही शुरू
बैठक के सबसे महत्वपूर्ण फैसला मं प्रदेश भर के सरकारी महाविद्यालय मन मं खाली पड़े 700 सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के पद ऊपर सीधी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करे के निर्देश देय गे हें।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा साफ कहिन कि भर्ती प्रक्रिया मं कोनो प्रकार के देरी या लापरवाही स्वीकार नइ होही। अधिकारी मन ला निर्देश दे गे हे कि भर्ती के पूरा प्रक्रिया समय सीमा भीतर पूरा करे जावय, ताकि कॉलेज मन मं शिक्षण व्यवस्था मजबूत हो सके।
ए भर्ती CGPSC के माध्यम ले होही अऊ वर्तमान मं दस्तावेज सत्यापन के प्रक्रिया घलो तेजी ले पूरा करे जाही।
दूसर रिक्त पद मन बर घलो भेजे जाही प्रस्ताव
सिरिफ 700 पद तक सीमित नइ, बल्कि उच्च शिक्षा विभाग मं जऊन दूसर पद खाली हें, ओमन ला भराय बर घलो शासन ला जल्द नवा प्रस्ताव भेजे जाही।
सरकार के उद्देश्य हे कि प्रदेश के कोनो घलो सरकारी महाविद्यालय मं शिक्षक के कमी के कारण पढ़ई प्रभावित नई होवय।
31 जुलाई तक सब्बो स्नातक कॉलेज ला मिलही नियमित प्राचार्य
बैठक मं कॉलेज प्रशासन ला मजबूत बनाय ऊपर विशेष जोर दे गे।
मंत्री टंकराम वर्मा अधिकारी मन ला कड़े शब्द मं निर्देश देत कहिन कि 31 जुलाई 2026 तक स्नातक प्राचार्य मन के पदोन्नति प्रक्रिया हर हाल मं पूरा करे जावय।
उनकर कहना रहिस कि नवा शिक्षा सत्र मं प्रदेश के कोनो घलो सरकारी स्नातक महाविद्यालय बिना नियमित प्राचार्य के संचालित नई होना चाही। नियमित प्राचार्य ले कॉलेज प्रशासन मं पारदर्शिता, जवाबदेही अऊ शिक्षा के गुणवत्ता मं सुधार आही।
सहायक प्राध्यापक मन के पदोन्नति के रास्ता अब साफ
समीक्षा बैठक मं लंबे समय ले पदोन्नति के इंतजार करत सहायक प्राध्यापक मन बर घलो राहत भरा फैसला ले गे।
साल 2019 के पहिली नियुक्त सहायक प्राध्यापक मन ला 1990 के नियम अनुसार प्राध्यापक पद मं पदोन्नति देय जाही। ए फैसला ले ओमन के वरिष्ठता सुरक्षित रही अऊ पदोन्नति मं कोनो नुकसान नइ होही।
एखर संगे वरिष्ठ अऊ प्रवर श्रेणी वेतनमान के सूची घलो लगभग तैयार हो चुके हे, जेनला जल्द जारी करे के निर्देश दे गे हें।
अतिथि प्राध्यापक मन के मांग ऊपर घलो सरकार गंभीर
प्रदेश भर के अतिथि प्राध्यापक मन लंबे समय ले सेवा शर्त अऊ सुविधा मं सुधार के मांग करत आथें।
बैठक मं ए विषय ऊपर घलो गंभीर चर्चा होइस। मंत्री कहिन कि अतिथि प्राध्यापक मन के जायज मांग मन ला ध्यान मं रखत गठित समिति के रिपोर्ट ऊपर जल्द फैसला ले जाही।
सरकार के ए कदम ले हजारों अतिथि प्राध्यापक मन ला राहत मिल सके हे।
सहायक ग्रेड-3 अऊ चतुर्थ श्रेणी के भर्ती अब पारदर्शी ढंग ले
कॉलेज अऊ विश्वविद्यालय मन मं सहायक ग्रेड-3 अऊ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भर्ती अब राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम ले करे जाही।
सरकार के मुताबिक ए व्यवस्था ले भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शी, निष्पक्ष अऊ समयबद्ध होही।
ग्रामीण अऊ आदिवासी छात्र मन बर अंग्रेजी सीखाय के खास पहल
उच्च शिक्षा विभाग अब ग्रामीण अऊ आदिवासी इलाका के छात्र मन ला राष्ट्रीय अऊ अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धा बर तैयार करे मं जुट गे हे।
एही उद्देश्य ले प्रदेश भर के महाविद्यालय मन मं “90 घंटा – 90 दिन” के विशेष अंग्रेजी संप्रेषण (English Communication) कोर्स शुरू करे जाही।
सरकार के मानना हे कि ए कोर्स ले ग्रामीण अऊ वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थी मन के आत्मविश्वास बढ़ही अऊ रोजगार अऊ प्रतियोगी परीक्षा मं फायदा मिलही।
शैक्षणिक कैलेंडर के कड़ाई ले पालन कराय जाही
बैठक मं फैसला लेगे हे कि प्रदेश भर के विश्वविद्यालय अऊ कॉलेज मन शासन के तय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार नियमित पढ़ई, परीक्षा अऊ परिणाम जारी करहीं।
ए व्यवस्था ले छात्र मन के पढ़ई मं अनावश्यक देरी कम होही अऊ पूरा सत्र समय मं पूरा होही।
वित्तीय गड़बड़ी ऊपर सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा विभागीय वित्तीय अनुशासन ऊपर घलो कड़ा संदेश देइन।
अब कोनो घलो कॉलेज ला बजट जारी करे के पहिली प्रशासनिक स्वीकृति जरूरी होही। नया महाविद्यालय मन बर बजट वितरण मं समानता रखे जाही, ताकि कोनो संस्था ला कम या जादा राशि मिले के शिकायत नई होवय।
सरकार साफ कर दिस हे कि वित्तीय अनियमितता बर विभाग मं अब कोनो जगह नइ हे।
PG स्तर तक लागू होही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)
छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) ला पूरी तरह लागू करे दिशा मं लगातार आगे बढ़त हे।
चार साल के स्नातक पाठ्यक्रम लागू होय के बाद अब स्नातकोत्तर (PG) स्तर मं घलो NEP लागू करे के तैयारी अंतिम चरण मं हे।
जानकारी मुताबिक, NEP के 5वां अऊ 6वां सेमेस्टर बर केंद्रीय अध्ययन मंडल के सूची तैयार करके स्वीकृति बर भेज दे गे हे।
प्रशासनिक पारदर्शिता बर नवा व्यवस्था
बैठक मं प्रशासनिक सुधार संबंधी घलो महत्वपूर्ण फैसला लेगे गइन।
अब अपर संचालक अऊ प्राचार्य के पद ला अलग-अलग जिम्मेदारी देय जाही। एखर संगे कॉलेज प्राचार्य मन के कार्यकाल के ऑडिट करे बर लेखा उत्तीर्ण कर्मचारी मन के विशेष सेवा लेय जाही।
सरकार के मानना हे कि ए व्यवस्था ले लंबित जांच अऊ ऑडिट मामला मन के जल्द निपटारा होही।
उच्च शिक्षा के गुणवत्ता बढ़ाय सरकार के प्राथमिकता
समीक्षा बैठक ले साफ होगे हे कि छत्तीसगढ़ सरकार अब उच्च शिक्षा व्यवस्था मं व्यापक सुधार करे बर गंभीर हे। भर्ती प्रक्रिया, पदोन्नति, प्रशासनिक पारदर्शिता, अंग्रेजी संप्रेषण प्रशिक्षण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विस्तार अऊ वित्तीय अनुशासन जइसने फैसला मन ले प्रदेश के लाखों विद्यार्थी अऊ हजारों शिक्षक-कर्मचारी मन ला सीधे लाभ मिलही।
विशेषज्ञ मन के मुताबिक, ए फैसला लागू होय के बाद सरकारी महाविद्यालय मन के शिक्षा व्यवस्था मं गुणवत्ता बढ़ही, शिक्षक के कमी दूर होही अऊ विद्यार्थी मन ला बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकही।
रायपुर। छत्तीसगढ़ मं उच्च शिक्षा व्यवस्था ला मजबूत बनाय अऊ प्रदेश के युवा मन ला बेहतर शिक्षा संग रोजगार के अवसर उपलब्ध कराय बर राज्य सरकार अब पूरा एक्शन मोड मं आ गे हे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के मार्गदर्शन मं उच्च शिक्षा विभाग मं सालों ले लंबित प्रशासनिक मामला मन ला निपटाय अऊ शिक्षा व्यवस्था ला आधुनिक रूप देय बर तेजी ले काम शुरू हो गे हे।
एही कड़ी मं मंत्रालय मं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के अध्यक्षता मं उच्च शिक्षा विभाग के समीक्षा बैठक आयोजित होइस। बैठक मं विभाग के सचिव, आयुक्त अऊ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहिन। समीक्षा के दौरान उच्च शिक्षा के गुणवत्ता बढ़ाय, रिक्त पद भराय, प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करे अऊ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) ला प्रभावी ढंग ले लागू करे संबंधी कई दूरगामी फैसला लेगे गइन।
700 सहायक प्राध्यापक के भर्ती प्रक्रिया अब होही शुरू
बैठक के सबसे महत्वपूर्ण फैसला मं प्रदेश भर के सरकारी महाविद्यालय मन मं खाली पड़े 700 सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के पद ऊपर सीधी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करे के निर्देश देय गे हें।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा साफ कहिन कि भर्ती प्रक्रिया मं कोनो प्रकार के देरी या लापरवाही स्वीकार नइ होही। अधिकारी मन ला निर्देश दे गे हे कि भर्ती के पूरा प्रक्रिया समय सीमा भीतर पूरा करे जावय, ताकि कॉलेज मन मं शिक्षण व्यवस्था मजबूत हो सके।
ए भर्ती CGPSC के माध्यम ले होही अऊ वर्तमान मं दस्तावेज सत्यापन के प्रक्रिया घलो तेजी ले पूरा करे जाही।
दूसर रिक्त पद मन बर घलो भेजे जाही प्रस्ताव
सिरिफ 700 पद तक सीमित नइ, बल्कि उच्च शिक्षा विभाग मं जऊन दूसर पद खाली हें, ओमन ला भराय बर घलो शासन ला जल्द नवा प्रस्ताव भेजे जाही।
सरकार के उद्देश्य हे कि प्रदेश के कोनो घलो सरकारी महाविद्यालय मं शिक्षक के कमी के कारण पढ़ई प्रभावित नई होवय।
31 जुलाई तक सब्बो स्नातक कॉलेज ला मिलही नियमित प्राचार्य
बैठक मं कॉलेज प्रशासन ला मजबूत बनाय ऊपर विशेष जोर दे गे।
मंत्री टंकराम वर्मा अधिकारी मन ला कड़े शब्द मं निर्देश देत कहिन कि 31 जुलाई 2026 तक स्नातक प्राचार्य मन के पदोन्नति प्रक्रिया हर हाल मं पूरा करे जावय।
उनकर कहना रहिस कि नवा शिक्षा सत्र मं प्रदेश के कोनो घलो सरकारी स्नातक महाविद्यालय बिना नियमित प्राचार्य के संचालित नई होना चाही। नियमित प्राचार्य ले कॉलेज प्रशासन मं पारदर्शिता, जवाबदेही अऊ शिक्षा के गुणवत्ता मं सुधार आही।
सहायक प्राध्यापक मन के पदोन्नति के रास्ता अब साफ
समीक्षा बैठक मं लंबे समय ले पदोन्नति के इंतजार करत सहायक प्राध्यापक मन बर घलो राहत भरा फैसला ले गे।
साल 2019 के पहिली नियुक्त सहायक प्राध्यापक मन ला 1990 के नियम अनुसार प्राध्यापक पद मं पदोन्नति देय जाही। ए फैसला ले ओमन के वरिष्ठता सुरक्षित रही अऊ पदोन्नति मं कोनो नुकसान नइ होही।
एखर संगे वरिष्ठ अऊ प्रवर श्रेणी वेतनमान के सूची घलो लगभग तैयार हो चुके हे, जेनला जल्द जारी करे के निर्देश दे गे हें।
अतिथि प्राध्यापक मन के मांग ऊपर घलो सरकार गंभीर
प्रदेश भर के अतिथि प्राध्यापक मन लंबे समय ले सेवा शर्त अऊ सुविधा मं सुधार के मांग करत आथें।
बैठक मं ए विषय ऊपर घलो गंभीर चर्चा होइस। मंत्री कहिन कि अतिथि प्राध्यापक मन के जायज मांग मन ला ध्यान मं रखत गठित समिति के रिपोर्ट ऊपर जल्द फैसला ले जाही।
सरकार के ए कदम ले हजारों अतिथि प्राध्यापक मन ला राहत मिल सके हे।
सहायक ग्रेड-3 अऊ चतुर्थ श्रेणी के भर्ती अब पारदर्शी ढंग ले
कॉलेज अऊ विश्वविद्यालय मन मं सहायक ग्रेड-3 अऊ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भर्ती अब राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम ले करे जाही।
सरकार के मुताबिक ए व्यवस्था ले भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शी, निष्पक्ष अऊ समयबद्ध होही।
ग्रामीण अऊ आदिवासी छात्र मन बर अंग्रेजी सीखाय के खास पहल
उच्च शिक्षा विभाग अब ग्रामीण अऊ आदिवासी इलाका के छात्र मन ला राष्ट्रीय अऊ अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धा बर तैयार करे मं जुट गे हे।
एही उद्देश्य ले प्रदेश भर के महाविद्यालय मन मं “90 घंटा – 90 दिन” के विशेष अंग्रेजी संप्रेषण (English Communication) कोर्स शुरू करे जाही।
सरकार के मानना हे कि ए कोर्स ले ग्रामीण अऊ वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थी मन के आत्मविश्वास बढ़ही अऊ रोजगार अऊ प्रतियोगी परीक्षा मं फायदा मिलही।
शैक्षणिक कैलेंडर के कड़ाई ले पालन कराय जाही
बैठक मं फैसला लेगे हे कि प्रदेश भर के विश्वविद्यालय अऊ कॉलेज मन शासन के तय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार नियमित पढ़ई, परीक्षा अऊ परिणाम जारी करहीं।
ए व्यवस्था ले छात्र मन के पढ़ई मं अनावश्यक देरी कम होही अऊ पूरा सत्र समय मं पूरा होही।
वित्तीय गड़बड़ी ऊपर सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा विभागीय वित्तीय अनुशासन ऊपर घलो कड़ा संदेश देइन।
अब कोनो घलो कॉलेज ला बजट जारी करे के पहिली प्रशासनिक स्वीकृति जरूरी होही। नया महाविद्यालय मन बर बजट वितरण मं समानता रखे जाही, ताकि कोनो संस्था ला कम या जादा राशि मिले के शिकायत नई होवय।
सरकार साफ कर दिस हे कि वित्तीय अनियमितता बर विभाग मं अब कोनो जगह नइ हे।
PG स्तर तक लागू होही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)
छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) ला पूरी तरह लागू करे दिशा मं लगातार आगे बढ़त हे।
चार साल के स्नातक पाठ्यक्रम लागू होय के बाद अब स्नातकोत्तर (PG) स्तर मं घलो NEP लागू करे के तैयारी अंतिम चरण मं हे।
जानकारी मुताबिक, NEP के 5वां अऊ 6वां सेमेस्टर बर केंद्रीय अध्ययन मंडल के सूची तैयार करके स्वीकृति बर भेज दे गे हे।
प्रशासनिक पारदर्शिता बर नवा व्यवस्था
बैठक मं प्रशासनिक सुधार संबंधी घलो महत्वपूर्ण फैसला लेगे गइन।
अब अपर संचालक अऊ प्राचार्य के पद ला अलग-अलग जिम्मेदारी देय जाही। एखर संगे कॉलेज प्राचार्य मन के कार्यकाल के ऑडिट करे बर लेखा उत्तीर्ण कर्मचारी मन के विशेष सेवा लेय जाही।
सरकार के मानना हे कि ए व्यवस्था ले लंबित जांच अऊ ऑडिट मामला मन के जल्द निपटारा होही।
उच्च शिक्षा के गुणवत्ता बढ़ाय सरकार के प्राथमिकता
समीक्षा बैठक ले साफ होगे हे कि छत्तीसगढ़ सरकार अब उच्च शिक्षा व्यवस्था मं व्यापक सुधार करे बर गंभीर हे। भर्ती प्रक्रिया, पदोन्नति, प्रशासनिक पारदर्शिता, अंग्रेजी संप्रेषण प्रशिक्षण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विस्तार अऊ वित्तीय अनुशासन जइसने फैसला मन ले प्रदेश के लाखों विद्यार्थी अऊ हजारों शिक्षक-कर्मचारी मन ला सीधे लाभ मिलही।
विशेषज्ञ मन के मुताबिक, ए फैसला लागू होय के बाद सरकारी महाविद्यालय मन के शिक्षा व्यवस्था मं गुणवत्ता बढ़ही, शिक्षक के कमी दूर होही अऊ विद्यार्थी मन ला बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकही।
