रायपु र(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। खरीफ फसल के मौसम शुरू होए संग छत्तीसगढ़ के किसान मन अब खेत मं बोनी के तैयारी मं जुट गे हें। ए बखत खाद अउ बीज के उपलब्धता किसान बर सबसे जरूरी जरूरत रहिथे। फेर एही बीच प्रदेश मं खाद के कमी के मुद्दा अब राजनीतिक रंग घलो लेवत दिखत हवय। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ह राज्य सरकार ऊपर खाद वितरण व्यवस्था ला लेके गंभीर सवाल उठावत कहिन कि सरकार ह टोकन सिस्टम त खत्म कर दिस, फेर जेन सोसायटी मन मं किसान खाद लेथे, उहां आज घलो पर्याप्त मात्रा मं खाद उपलब्ध नई हे।
दीपक बैज के मुताबिक सरकार जमीन के हकीकत ले जियादा कागज मं व्यवस्था मजबूत दिखावत हवय, जबकि किसान आज घलो खाद बर एक सोसायटी ले दूसर सोसायटी तक भटकत हें।
“टोकन हटिस, समस्या नई हटिस”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कहिन कि सरकार ह खाद वितरण के टोकन सिस्टम खत्म करे के फैसला त ले लिहिस, फेर ए फैसला के बाद घलो किसान मन के परेशानी कम नई होय हवय।
ओमन कहिन कि टोकन सिस्टम हटाय ले कतको फायदा नई जब सोसायटी मं खादे उपलब्ध नई होय। किसान मन कतार मं लगत हें, फेर जरूरत के हिसाब ले खाद नई मिलत। कई जगह किसान मन ला सीमित मात्रा मं खाद देय जात हवय, जेन ले खेती के काम प्रभावित होवत हवय।
सोसायटी अउ बाजार दुनों जगह संकट
दीपक बैज के कहना हे कि सरकार ह दावा करत हवय कि खाद के पर्याप्त व्यवस्था कर दीस गे हवय, फेर जमीनी स्थिति ए दावा ले अलग दिखत हवय।
ओमन आरोप लगाइन कि सिरिफ सहकारी समिति (सोसायटी) नई, बल्कि खुले बाजार मं घलो किसान मन ला पर्याप्त मात्रा मं खाद नई मिलत। किसान एक दुकान ले दूसर दुकान तक घूमत हें, फेर जरूरत मुताबिक उर्वरक नई मिलत।
उनकर कहना रहिस कि खेती के सही समय मं खाद नई मिले ले उत्पादन ऊपर सीधा असर पड़ सकथे।
“जून आधा बीत गे, किसान अब घलो इंतजार मं”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कहिन कि खरीफ खेती बर जून महीना सबसे महत्वपूर्ण समय माने जाथे। आधा ले जियादा जून बीत गे हवय, फेर अब तक कई इलाका के किसान मन ला खाद नई मिलिस।
ओमन कहिन कि अगर समय मं किसान ला खाद नई मिलही, त बोनी अउ फसल उत्पादन दुनों प्रभावित हो सकथे। ए स्थिति किसान मन बर चिंता के विषय बन गे हवय।
सरकार ऊपर कागजी दावा करे के आरोप
दीपक बैज ह सरकार ऊपर आरोप लगावत कहिन कि सरकार ह खाद भंडारण अउ वितरण के संबंध मं बड़े-बड़े दावा करत हवय, फेर जमीनी स्तर मं किसान मन ला ओकर लाभ नई मिलत।
ओमन कहिन कि अगर सरकार के पास पर्याप्त खाद रहितिस, त किसान मन ला सोसायटी मं घंटों इंतजार नई करना पड़तिस।
उनकर मुताबिक वास्तविक स्थिति जानए बर सरकार ला गांव-गांव जाकर किसान मन के बात सुनना चाही।
उर्वरक संकट के असर खेती ऊपर
विशेषज्ञ मन के अनुसार खरीफ सीजन मं समय पर खाद उपलब्ध होना बेहद जरूरी होथे। धान सहित कई फसल मन के बेहतर उत्पादन बर शुरुआती समय मं उर्वरक के उपयोग महत्वपूर्ण माने जाथे।
अगर किसान समय मं खाद नई डाल पाहीं, त फसल के बढ़वार प्रभावित हो सकथे अउ उत्पादन कम होए के संभावना रहिथे।
एही कारण ले किसान मन समय रहते खाद उपलब्ध कराय के मांग करत हें।
किसान मन के बढ़त चिंता
प्रदेश के कई इलाका ले किसान मन के खाद बर परेशान होए के खबर लगातार सामने आवत रहिथे। कतको जगह किसान बिहान लेच सोसायटी पहुंच जाथें, फेर पर्याप्त स्टॉक नई रहे के कारण खाली हाथ लौटना पड़थे।
किसान मन के कहना हे कि खेती के मौसम मं खाद के कमी ले उनकर पूरा खेती के योजना प्रभावित होवत हवय।
सरकार ले समाधान के उम्मीद
किसान संगठन अउ कृषि विशेषज्ञ मन के मानना हे कि खाद के मांग बढ़े के समय वितरण व्यवस्था अउ मजबूत होए के जरूरत रहिथे।
ए समय किसान मन के सबसे बड़ी अपेक्षा ए हवय कि सोसायटी अउ खुले बाजार दुनों जगह पर्याप्त मात्रा मं खाद उपलब्ध होवय, ताकि खेती समय मं पूरा हो सकय।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ह खाद संकट ला लेके सरकार ऊपर गंभीर सवाल उठावत कहिन कि टोकन सिस्टम हटाए के बावजूद किसान मन के समस्या खत्म नई होय हवय। उनकर आरोप हे कि प्रदेश के कई सोसायटी अउ बाजार मं अब घलो पर्याप्त मात्रा मं उर्वरक उपलब्ध नई हे, जेन ले किसान मन खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय मं परेशानी झेलत हें।
फिलहाल खाद उपलब्धता के मुद्दा प्रदेश मं राजनीतिक अउ कृषि, दूनों दृष्टिकोण ले चर्चा के विषय बने हवय। किसान मन उम्मीद करत हें कि समय रहते उर्वरक के पर्याप्त व्यवस्था होही, ताकि खरीफ सीजन के खेती बिना बाधा के पूरा हो सकय।
