नारायणपुर, (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)
छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर में शांति, विकास और विश्वास के नए अध्याय को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को नारायणपुर प्रवास के दौरान पुनर्वास केंद्र पहुंचकर हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा से जुड़े युवाओं से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप भी उनके साथ मौजूद रहे।
पुनर्वास केंद्र में पहुंचे दोनों मंत्रियों ने युवाओं के साथ सहज और आत्मीय वातावरण में संवाद किया। उन्होंने युवाओं से उनके वर्तमान जीवन, पुनर्वास केंद्र में मिल रही सुविधाओं, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसरों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान सरकार की मंशा साफ दिखाई दी कि जो युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें हर संभव सहयोग और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।
सम्मानजनक जीवन सरकार की प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से बातचीत के दौरान यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, बैंक खाता तथा अन्य आवश्यक शासकीय दस्तावेज उपलब्ध हो पाए हैं या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि पुनर्वासित युवक-युवतियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के मिले।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को हिंसा के रास्ते से वापस लाना नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने, आत्मनिर्भर बनने और समाज में नई पहचान स्थापित करने का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि जब किसी युवा को शिक्षा, रोजगार और सम्मान मिलता है, तभी समाज में स्थायी शांति की नींव मजबूत होती है।
पूर्व साथियों को भी मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान
संवाद के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से एक महत्वपूर्ण अपील भी की। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले उनके साथ हिंसा के रास्ते पर थे और वर्तमान में जेल में बंद हैं, उनसे मिलकर उन्हें भी सरकार की पुनर्वास नीति के बारे में जानकारी दें।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने अनुभव साझा करें और उन्हें समझाएं कि समाज की मुख्यधारा में लौटकर सम्मानपूर्वक जीवन जीना ही बेहतर विकल्प है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि अधिक से अधिक युवा विकास और शांति का रास्ता अपनाएंगे तो बस्तर का भविष्य और अधिक उज्ज्वल बनेगा।
कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
पुनर्वास केंद्र में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने वहां संचालित विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। विशेष रूप से महिलाओं द्वारा मोटर वाहन ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की।
उन्होंने कहा कि आज के समय में कौशल विकास केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार भी है। सरकार चाहती है कि पुनर्वासित युवा और महिलाएं अपने कौशल के बल पर आर्थिक रूप से सशक्त बनें और समाज में नई पहचान स्थापित करें।
युवाओं ने रखी सिंचाई की मांग
चर्चा के दौरान पुनर्वासित युवाओं ने खेती से जुड़ी अपनी समस्याएं भी उप मुख्यमंत्री के सामने रखीं। युवाओं ने बताया कि खेती को बेहतर बनाने के लिए उनके खेतों में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और इसके लिए बोरवेल की आवश्यकता है।
इस पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के खेतों का सर्वे कराया जाए और जहां आवश्यकता हो वहां सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत किए बिना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति नहीं दी जा सकती। सरकार किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बस्तर में विकास और विश्वास का नया संदेश
नारायणपुर के पुनर्वास केंद्र का यह दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार की उस सोच का प्रतीक रहा जिसमें संवाद, विश्वास और विकास को हिंसा का सबसे प्रभावी विकल्प माना जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में बस्तर संभाग में पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से कई युवा मुख्यधारा में लौटे हैं। सरकार शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए उन्हें नया जीवन देने का प्रयास कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुनर्वास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन इसी तरह जारी रहा तो क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
शांति और विकास ही बस्तर का भविष्य
अपने संबोधन के अंत में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर की असली पहचान उसकी संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और मेहनतकश लोग हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है, जबकि विकास, शिक्षा और रोजगार ही स्थायी बदलाव का मार्ग हैं।
उन्होंने पुनर्वासित युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन में आगे बढ़ें, समाज के लिए प्रेरणा बनें और अन्य युवाओं को भी सकारात्मक दिशा दिखाएं। सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उन्हें आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
नारायणपुर में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि सरकार केवल सुरक्षा के मोर्चे पर ही नहीं बल्कि विश्वास निर्माण, सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से भी बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
