छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगरीय निकायों को एल्डरमैन निधि की पहली किस्त के रूप में 9.44 करोड़ रुपये जारी किए। जानें किन नगर निगमों, नगर पालिकाओं और विकास कार्यों को मिलेगा लाभ।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के नगरीय निकायों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित एल्डरमैन निधि की पहली किस्त के रूप में 9 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपये जारी कर दिए हैं। यह राशि इस वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित कुल निधि का 50 प्रतिशत है। राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद यह राशि संबंधित नगरीय निकायों को जारी की गई।
सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग स्थानीय स्तर पर आवश्यक जनहित एवं विकास कार्यों के लिए किया जाएगा, जिससे शहरों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर शहरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
प्रदेशभर के नगरीय निकायों को मिलेगा लाभ
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी राशि का लाभ प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को मिलेगा। विभागीय जानकारी के अनुसार, 10 नगर निगमों को 2 करोड़ 7 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके अलावा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए भी उनकी श्रेणी एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राशि जारी की गई है।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नगरीय निकाय अपने क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकताओं के अनुरूप छोटे एवं मध्यम स्तर के विकास कार्यों को समय पर पूरा कर सके।
क्या है एल्डरमैन निधि?
एल्डरमैन निधि एक ऐसी वित्तीय व्यवस्था है जिसके माध्यम से नगरीय निकायों में मनोनीत एल्डरमैन स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। इस निधि का उपयोग आम जनता से जुड़े छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्यों पर किया जाता है।
इन कार्यों में शामिल हो सकते हैं—
- वार्डों में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण
- पेयजल व्यवस्था में सुधार
- स्ट्रीट लाइटों की स्थापना एवं मरम्मत
- सार्वजनिक भवनों का रखरखाव
- उद्यान एवं सामुदायिक स्थलों का विकास
- स्वच्छता और सौंदर्यीकरण संबंधी कार्य
- नागरिक सुविधाओं का विस्तार
इस प्रकार की निधि स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
प्रदेश के कई नगरीय निकायों में लंबे समय से छोटी-छोटी विकास योजनाएं बजट के अभाव में लंबित थीं। पहली किस्त जारी होने के बाद अब इन कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारी भी मानते हैं कि निधि उपलब्ध होने से वार्ड स्तर की कई आवश्यक परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति मिल सकेगी। विशेष रूप से ऐसे कार्य जिनका सीधा संबंध नागरिक सुविधाओं से है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
सरकार की प्राथमिकता में शहरी विकास
छत्तीसगढ़ सरकार लगातार शहरी क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। इसी सोच के तहत विभिन्न नगरीय निकायों को समय-समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्य प्रभावित न हों।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव का फोकस
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव लगातार विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि समय पर संबंधित निकायों तक पहुंचे और उसका उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप किया जाए।
विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि निधि का उपयोग पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जिन परियोजनाओं का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाए।
स्थानीय निकायों की बढ़ेगी कार्यक्षमता
विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय निकायों को समय पर वित्तीय संसाधन मिलने से उनकी कार्यक्षमता बढ़ती है। इससे छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार उच्च स्तर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लेकर विकास कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
इस व्यवस्था से नागरिकों की शिकायतों का समाधान भी अपेक्षाकृत कम समय में संभव हो पाता है। यही कारण है कि एल्डरमैन निधि जैसी योजनाओं को स्थानीय प्रशासन के लिए उपयोगी माना जाता है।
नागरिकों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ
इस निधि से होने वाले कार्यों का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। बेहतर सड़कें, साफ-सुथरी नालियां, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्वच्छ सार्वजनिक स्थल और मजबूत नागरिक सुविधाएं लोगों के दैनिक जीवन को आसान बनाएंगी।
विशेष रूप से बरसात के मौसम में जलभराव, खराब सड़कों और जल निकासी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने वाले कार्यों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। इसके अलावा पार्कों और सार्वजनिक स्थलों के विकास से शहरों की सुंदरता और नागरिक सुविधाओं में भी सुधार होगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा जोर
नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निधि के उपयोग की नियमित निगरानी की जाएगी। संबंधित निकायों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही राशि खर्च करनी होगी तथा विकास कार्यों की प्रगति का विवरण भी विभाग को उपलब्ध कराना होगा।
सरकार का उद्देश्य केवल राशि जारी करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक रुपये का उपयोग जनहित में हो और उसका प्रत्यक्ष लाभ नागरिकों तक पहुंचे।
आगे भी जारी रहेगी विकास की प्रक्रिया
पहली किस्त जारी होने के बाद अब दूसरी किस्त भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी की जाएगी। यदि विकास कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाते हैं तो आने वाले महीनों में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
शहरी विकास को गति देने की दिशा में राज्य सरकार का यह निर्णय स्थानीय निकायों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों को भी बेहतर और सुविधाजनक शहरी वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
