रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकार निशा द्विवेदी की पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का विमोचन किया। जानिए महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में आए बदलाव, मुख्यमंत्री का पूरा संबोधन और पुस्तक की खास बातें।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव अब एक पुस्तक के रूप में भी सामने आए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में वरिष्ठ पत्रकार निशा द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का विधिवत विमोचन किया। दो भागों में प्रकाशित इस पुस्तक में राज्य की उन महिलाओं की प्रेरक कहानियों को संकलित किया गया है, जिन्होंने महतारी वंदन योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता के माध्यम से अपने परिवार, बच्चों और स्वयं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास और बदलती सामाजिक-आर्थिक स्थिति का जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाना होता है। महतारी वंदन योजना इसी सोच का परिणाम है।
महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, बढ़ा आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग मिलने से उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि जब किसी महिला के हाथ में अपनी आय का साधन आता है तो वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य के बारे में बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से लाभान्वित अनेक महिलाएं प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं, पौष्टिक भोजन, घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति और भविष्य के लिए बचत करने में कर रही हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।
पुस्तक में दर्ज हैं बदलाव की सच्ची कहानियां
‘महतारी वंदन अभिनंदन’ पुस्तक के दोनों भागों में प्रदेश के विभिन्न जिलों की महिलाओं के अनुभवों को स्थान दिया गया है। इनमें यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार छोटी-सी आर्थिक सहायता ने कई परिवारों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने का काम किया।
पुस्तक में ऐसी महिलाओं की प्रेरक यात्राएं शामिल हैं जिन्होंने योजना से मिली राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा जारी रखने, स्वास्थ्य उपचार कराने, घरेलू जरूरतें पूरी करने, स्वरोजगार शुरू करने और बचत की आदत विकसित करने में किया। इन अनुभवों से यह भी स्पष्ट होता है कि आर्थिक सहायता केवल वित्तीय सहयोग नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का माध्यम भी बन सकती है।
सामाजिक प्रभाव का महत्वपूर्ण दस्तावेज
मुख्यमंत्री साय ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह महतारी वंदन योजना के सामाजिक प्रभाव को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का मूल्यांकन केवल आंकड़ों से नहीं किया जा सकता, बल्कि उन लोगों के जीवन में आए बदलावों से किया जाना चाहिए जिन्हें इन योजनाओं का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक में संकलित अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे और यह बताएंगे कि जब सरकार की योजनाएं सही पात्र तक पहुंचती हैं तो उनका प्रभाव समाज के हर वर्ग पर सकारात्मक रूप से दिखाई देता है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें परिवार एवं समाज में अधिक सम्मानजनक भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाना है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना किसी भी राज्य के समग्र विकास की आधारशिला है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो उसका सीधा लाभ बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य और समाज की प्रगति पर भी दिखाई देता है।
पत्रकारिता और जनकल्याण के बीच सेतु बनी पुस्तक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुस्तक की लेखिका वरिष्ठ पत्रकार निशा द्विवेदी के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलावों को दस्तावेजी स्वरूप देना अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसी पुस्तकें केवल घटनाओं का संग्रह नहीं होतीं, बल्कि वे आने वाले समय के लिए सामाजिक परिवर्तन का प्रमाण भी बनती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों को सामने लाना भी है। इस दृष्टि से ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ एक सराहनीय प्रयास है।
योजना का उद्देश्य केवल सहायता नहीं, सम्मान भी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। योजना का लाभ मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस योजना का सकारात्मक प्रभाव और व्यापक रूप से दिखाई देगा तथा महिलाओं के जीवन स्तर में निरंतर सुधार होगा।
‘महतारी वंदन अभिनंदन’ पुस्तक का विमोचन केवल एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह उन लाखों महिलाओं के संघर्ष, सपनों और सफलता की कहानियों को सम्मान देने का अवसर भी बना, जिन्होंने सरकारी योजना का लाभ लेकर अपने जीवन में बदलाव की नई इबारत लिखी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी तथा ऐसी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
