सावन माह में राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम (कुरियारी) में प्रतिदिन शिवलिंग पूजन, सवा लाख पार्थिव शिवलिंग महायज्ञ, भंडारा और धार्मिक अनुष्ठानों में हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। 23 अगस्त को संत सम्मान समारोह और विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होगा।
(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसी कड़ी में राम मिलेंगे आश्रम, तेंदुआ धाम (कुरियारी) इन दिनों शिवभक्तों की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सुबह से लेकर देर शाम तक यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। दूर-दराज के गांवों और शहरों से आने वाले श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं तथा धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
आश्रम का वातावरण इन दिनों पूरी तरह भक्तिमय नजर आता है। शिव मंत्रों का उच्चारण, घंटियों की मधुर ध्वनि, हर-हर महादेव के जयघोष और भजनों की गूंज से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई देता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां पहुंचकर उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति होती है।
प्रतिदिन हो रहा भगवान शिव का विशेष पूजन

सावन माह के दौरान आश्रम में प्रतिदिन सुबह और शाम भगवान शिव के शिवलिंग का विधिवत पूजन-अर्चन किया जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ का अभिषेक दूध, दही, शहद, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और विभिन्न पूजन सामग्रियों से किया जाता है।
पूजन के दौरान श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, शांति और देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना करते हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं।
सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन बना आकर्षण का केंद्र

राम मिलेंगे आश्रम में आयोजित सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन इस वर्ष का सबसे विशेष धार्मिक आयोजन माना जा रहा है। पार्थिव शिवलिंग पूजन को सनातन परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इस विशेष अनुष्ठान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्वयं भाग लेकर पार्थिव शिवलिंग बनाते हैं और विधि-विधान से उनका पूजन करते हैं। आश्रम परिसर में श्रद्धा और भक्ति का ऐसा वातावरण बनता है, जिसे देखने के लिए भी लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था
आश्रम प्रबंधन की ओर से सावन माह के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है। पूजा-अर्चना के बाद आने वाले सभी भक्तों को प्रसाद और भोजन वितरित किया जाता है।
भंडारे में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं रखा जाता। सभी श्रद्धालु एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं, जो भारतीय संस्कृति की समानता, सेवा और सद्भाव की परंपरा को भी दर्शाता है। श्रद्धालुओं ने आश्रम की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आत्मीयता के साथ स्वागत किया जाता है।
सावन में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या

जैसे-जैसे सावन आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। सुबह की आरती से लेकर शाम की महाआरती तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संख्या में भक्त दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। धार्मिक आयोजनों के कारण पूरे क्षेत्र का वातावरण आध्यात्मिक उल्लास से भर गया है।
23 अगस्त को होगा विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन

आश्रम में 23 अगस्त को विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार—
- दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा।
- इसके बाद दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक संत सम्मान समारोह आयोजित होगा।
- इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से अनेक संत-महात्माओं और धर्मप्रेमियों के शामिल होने की संभावना है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, सेवा और संस्कारों को बढ़ावा देने का भी माध्यम बनेगा।
सनातन संस्कृति को सशक्त बना रहे ऐसे आयोजन
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि सावन जैसे पवित्र अवसरों पर आयोजित सामूहिक पूजा, भंडारा और संत समागम समाज को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करते हैं। इससे नई पीढ़ी को भी सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
राम मिलेंगे आश्रम में आयोजित कार्यक्रम भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जहां केवल पूजा-अर्चना ही नहीं बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं से की गई सहभागिता की अपील
आश्रम प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान शिव की आराधना करें, धार्मिक आयोजनों में भाग लें और 23 अगस्त को आयोजित विशेष कार्यक्रम एवं संत सम्मान समारोह में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।
सावन के इस पावन अवसर पर राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम श्रद्धा, भक्ति और सेवा का ऐसा केंद्र बन चुका है, जहां हर दिन उमड़ रही भक्तों की भीड़ भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत कर रही है।
