मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर घर-घर तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखने की अपील की। पढ़ें पूरी खबर।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे देश में देशभक्ति का उत्साह चरम पर है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने आधिकारिक निवास में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत पूरे सम्मान और गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगा फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी नागरिकों से अपने-अपने घरों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर इस राष्ट्रीय पर्व को उत्साहपूर्वक मनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की अस्मिता, स्वाभिमान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है। जब भी तिरंगा शान से लहराता है तो प्रत्येक भारतीय का हृदय गर्व, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना से भर उठता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और शहीदों को स्मरण करने का भी दिन है, जिनके त्याग और बलिदान से देश को आजादी मिली।
‘हर घर तिरंगा’ बना जन-जन का अभियान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज एक राष्ट्रीय जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान ने देश के करोड़ों नागरिकों को राष्ट्रध्वज के प्रति भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज गांवों से लेकर महानगरों तक, सरकारी भवनों से लेकर निजी घरों तक और स्कूलों से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक हर जगह तिरंगा सम्मान के साथ लहराता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल ध्वज फहराना नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक मजबूत करना है। जब पूरा देश एक साथ तिरंगे के सम्मान में खड़ा होता है तो यह भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता की अनूठी तस्वीर प्रस्तुत करता है।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखने का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने परिवार के बच्चों और युवाओं को देश के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अवश्य बताएं ताकि नई पीढ़ी अपने राष्ट्रनायकों के संघर्ष और बलिदान को समझ सके।
उन्होंने कहा कि हमें उन सभी महान विभूतियों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए जिन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्रहित में समर्पित कर दिया। उनका त्याग ही आज के भारत की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
तिरंगे के सम्मान की जिम्मेदारी हर नागरिक की
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है। तिरंगा हमारे लोकतंत्र, स्वतंत्रता, समानता और अखंडता का प्रतीक है। इसलिए इसे फहराते समय राष्ट्रीय ध्वज संहिता के नियमों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि तिरंगा फहराने के साथ-साथ उसकी गरिमा और सम्मान बनाए रखें। स्वतंत्रता दिवस के बाद भी राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना हर भारतीय के मन में बनी रहनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ में दिखा देशभक्ति का उत्साह
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायत भवनों, सार्वजनिक स्थलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जगह-जगह सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रभात फेरियों और देशभक्ति गीतों ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने पूरे उत्साह के साथ अपने घरों पर तिरंगा फहराया। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर इस अभियान में भागीदारी निभाई। अनेक स्थानों पर तिरंगा यात्रा और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने स्वतंत्रता दिवस को और अधिक यादगार बना दिया।
राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए राष्ट्रहित में कार्य करता है, तभी विकास की गति तेज होती है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान इसी जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, शिक्षा और विकास जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दें। यही स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम होगा।
युवाओं से किया राष्ट्रप्रेम को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से युवाओं से कहा कि वे देश की प्रगति में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और आने वाले वर्षों में राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर होगी। इसलिए युवाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहकर देश के विकास, नवाचार और सामाजिक उत्थान में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल राष्ट्रीय पर्वों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन, कार्यशैली और सामाजिक व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए।
राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक बना तिरंगा
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तिरंगा हमें हमेशा यह प्रेरणा देता है कि हम जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के नागरिक इसी भावना के साथ राज्य और देश की प्रगति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते रहेंगे।
उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया कि स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर राष्ट्रध्वज के सम्मान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को सदैव याद रखें तथा देश को मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ें।
