बागबान महिला समिति द्वारा टॉप एंड टाउन होटल में सावन उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। अध्यक्ष श्रीमती गीता महंत के नेतृत्व में महिलाओं ने पूजा-अर्चना, समूह नृत्य, एकल नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पढ़ें पूरी खबर।
(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) सावन का महीना भारतीय संस्कृति, परंपराओं और उत्सवों का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को एक मंच पर लाकर आपसी प्रेम, सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना होता है। इसी कड़ी में बागबान महिला समिति द्वारा शहर के टॉप एंड टाउन होटल में रंगारंग सावन उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समिति की अध्यक्ष श्रीमती गीता महंत के नेतृत्व में किया गया, जिसमें समिति की बड़ी संख्या में महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह सावन के रंगों से सराबोर नजर आया। हरे रंग की पारंपरिक वेशभूषा, मेहंदी से सजे हाथ, पारंपरिक आभूषण और लोकगीतों की मधुर धुनों ने पूरे आयोजन को आकर्षक और यादगार बना दिया। महिलाओं के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
मंगल प्रवेश के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
सावन उत्सव की शुरुआत महिलाओं के पारंपरिक स्वागत और एंट्री से हुई। सभी प्रतिभागियों का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने सावन के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और समाज के कल्याण की कामना की।
पूजा के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। शिव भजनों और मंगल गीतों ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उपस्थित महिलाओं ने एक-दूसरे को सावन की शुभकामनाएं देते हुए इस पर्व की महत्ता पर भी चर्चा की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
धार्मिक कार्यक्रम के बाद सांस्कृतिक गतिविधियों का दौर शुरू हुआ। महिलाओं ने पासिंग द पार्सल जैसी मनोरंजक गतिविधि में उत्साह के साथ भाग लिया। इस खेल ने उपस्थित सभी सदस्यों के बीच हंसी-खुशी और आपसी अपनापन बढ़ाने का काम किया।
इसके बाद समूह नृत्य (ग्रुप डांस) की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। विभिन्न गीतों पर महिलाओं ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। पारंपरिक और आधुनिक संगीत के समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वहीं एकल नृत्य प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रत्येक प्रस्तुति में आत्मविश्वास, कला और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। उपस्थित महिलाओं ने प्रतिभागियों का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
महिलाओं के लिए बना यादगार अवसर

सावन उत्सव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह महिलाओं के लिए एक ऐसा अवसर बना जहां वे अपने दैनिक जीवन की व्यस्तताओं से कुछ समय निकालकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कर सकीं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने आपसी संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सामाजिक एकजुटता को भी बढ़ावा दिया।
समिति की अध्यक्ष श्रीमती गीता महंत ने कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं को सामाजिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी सदस्यों के सहयोग और सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
आयोजन की जिम्मेदारी निभाई निशा महंत ने
कार्यक्रम के सफल संचालन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निशा महंत ने संभाली। उन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम स्थल की सजावट से लेकर विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों के संचालन तक सभी व्यवस्थाएं सुविचारित तरीके से की गईं।
समिति की सदस्याओं ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि हर गतिविधि को बेहद व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया गया, जिससे सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम का भरपूर आनंद लेने का अवसर मिला।
सावन उत्सव ने दिया संस्कृति और एकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि भारतीय त्योहार केवल परंपराओं को निभाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे, सहयोग और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का भी सशक्त माध्यम हैं। महिलाओं ने सावन के महत्व पर चर्चा करते हुए नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस आयोजन ने यह साबित किया कि सामाजिक संगठन केवल सेवा कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्साह और उमंग के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के सामूहिक उत्साह, हंसी-खुशी और यादगार पलों के साथ हुआ। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और भविष्य में भी इसी तरह के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।
बागबान महिला समिति का यह सावन उत्सव सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में शामिल प्रत्येक महिला अपने साथ नई ऊर्जा, नई यादें और आपसी स्नेह का संदेश लेकर लौटी।
