छत्तीसगढ़ सरकार ने नांदघाट-मुंगेली सड़क को टू-लेन से फोरलेन बनाने के लिए 21.81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। अब 137.81 करोड़ रुपये की लागत से 36.40 किमी लंबी फोरलेन सड़क बनेगी, जिससे मुंगेली, लोरमी, पंडरिया और मध्यप्रदेश तक आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।
छत्तीसगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) सरकार ने सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बेमेतरा जिले के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक प्रस्तावित सड़क परियोजना को बड़ा विस्तार दिया है। पहले इस मार्ग का निर्माण टू-लेन सड़क के रूप में किया जाना था, लेकिन अब इसे फोरलेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन ने 21 करोड़ 81 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत कर दी है।
इस अतिरिक्त स्वीकृति के बाद अब इस परियोजना की कुल लागत 137 करोड़ 81 लाख रुपये हो गई है। इस राशि से 36.40 किलोमीटर लंबे नांदघाट-मुंगेली मार्ग का फोरलेन निर्माण किया जाएगा। लंबे समय से इस सड़क के चौड़ीकरण की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।
पहले 116 करोड़ हुए थे स्वीकृत
राज्य शासन ने वर्ष 2024 में केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) योजना के अंतर्गत नांदघाट-मुंगेली मार्ग के टू-लेन निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। परियोजना का उद्देश्य सड़क की गुणवत्ता में सुधार करना और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत बनाना था।
हालांकि, सड़क पर बढ़ते यातायात और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे फोरलेन बनाने की मांग लगातार उठ रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर परियोजना की समीक्षा की गई और इसे टू-लेन से फोरलेन में अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया।
अतिरिक्त राशि से फोरलेन निर्माण का रास्ता साफ
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुरूप राज्य शासन ने 21 करोड़ 81 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत कर दी है। पहले से स्वीकृत 116 करोड़ रुपये और नई मंजूरी को मिलाकर अब परियोजना पर कुल 137 करोड़ 81 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस निर्णय के साथ नांदघाट और मुंगेली के बीच आधुनिक मानकों के अनुरूप चौड़ी सड़क का निर्माण संभव हो सकेगा, जिससे आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले यातायात का दबाव भी आसानी से संभाला जा सकेगा।
36.40 किलोमीटर लंबी सड़क बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
परियोजना के तहत बनने वाली 36.40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति देने का माध्यम बनेगी।
बेहतर सड़क होने से लोगों को कम समय में यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी और भारी वाहनों के आवागमन में आने वाली दिक्कतें भी काफी हद तक दूर होंगी।
वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
नांदघाट-मुंगेली मार्ग लंबे समय से क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल रहा है। इस मार्ग का उपयोग रोजाना हजारों लोग करते हैं। स्थानीय नागरिक, व्यापारी, किसान और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग लंबे समय से इस सड़क को फोरलेन बनाने की मांग कर रहे थे।
राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त बजट मंजूर किए जाने के बाद अब यह मांग पूरी होने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है।
मुंगेली, लोरमी और पंडरिया को मिलेगा सीधा लाभ
फोरलेन सड़क बनने के बाद सबसे अधिक लाभ मुंगेली, लोरमी और पंडरिया क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। इन इलाकों से रायपुर आने-जाने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
इसके अलावा पंडरिया के रास्ते मध्यप्रदेश जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। परिवहन में लगने वाला समय कम होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
व्यापार और परिवहन को मिलेगी नई गति

बेहतर सड़क नेटवर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला माना जाता है। नांदघाट-मुंगेली फोरलेन बनने के बाद कृषि उपज, औद्योगिक सामग्री और अन्य व्यापारिक वस्तुओं का परिवहन पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान होगा।
स्थानीय व्यापारियों को बाजार तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी, वहीं परिवहन लागत और यात्रा समय में भी कमी आने की संभावना है। इसका सकारात्मक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा।
सड़क सुरक्षा में भी होगा सुधार
फोरलेन सड़क बनने का सबसे बड़ा लाभ सड़क सुरक्षा के रूप में भी सामने आएगा। चौड़ी सड़क होने से ओवरटेकिंग अधिक सुरक्षित होगी, वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
विशेष रूप से रात के समय और भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान बेहतर सड़क संरचना यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगी।
सरकार का फोकस बेहतर कनेक्टिविटी पर
राज्य सरकार लगातार सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है। विभिन्न जिलों को आधुनिक सड़क सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
नांदघाट-मुंगेली फोरलेन परियोजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा और लोगों को गुणवत्तापूर्ण सड़क सुविधा मिल सकेगी।
क्षेत्र के विकास को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं होतीं, बल्कि वे किसी भी क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की गति तय करती हैं। नांदघाट-मुंगेली फोरलेन बनने से भविष्य में निवेश, व्यापार, परिवहन और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होने की संभावना बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों के लिए यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण योजना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र के समग्र विकास की मजबूत नींव साबित हो सकती है।
