रायगढ़ के लैलूंगा थाना क्षेत्र के छापरपानी म 35 वर्षीय महिला अउ 10 माह के बच्ची के हत्या मामला पुलिस ह सुलझाय के दावा करे हे। 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, हत्या अउ दुष्कर्म के धाराओं म कार्रवाई।
रायगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी म 35 वर्षीय महिला अउ ओकर 10 माह के मासूम बेटी के हत्या के बहुचर्चित अंधे कत्ल के मामला ल रायगढ़ पुलिस सुलझाय के दावा करे हे। पुलिस के मुताबिक, मामले म 65 वर्षीय आरोपी भिखारीराम नागवंशी, निवासी ग्राम कोड़ासिया, ल गिरफ्तार करके न्यायिक रिमांड म भेज दे गे हे। पुलिस जांच म आरोपी के खिलाफ हत्या अउ दुष्कर्म के आरोप म कार्रवाई करे गे हे।
घटना के गंभीरता ल देखत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह खुद मामला के लगातार मॉनिटरिंग करत रहिन। उनकर निर्देशन म लैलूंगा थाना पुलिस गांव म कैंप लगाके ग्रामीण मन ले जानकारी जुटाइस। साथ म घटनास्थल ले वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाय बर एफएसएल अउ डॉग स्क्वॉड के मदद लेय गे। कई दिन के जांच, पूछताछ अउ मिले सुराग के आधार म पुलिस आरोपी तक पहुंचिस।
16 जुलाई के सामने आइस घटना
पुलिस ले मिले जानकारी के मुताबिक, 16 जुलाई 2026 के ग्राम छापरपानी के एक महिला लैलूंगा थाना म रिपोर्ट दर्ज कराइस। रिपोर्ट के अनुसार, ओकर 35 वर्षीय मौसेरी बहन अपन 10 माह के बेटी संग गांव के प्रहलाद बेहरा के खेत म बने बोर मकान म रहत रहिस।
बताय गे हे कि महिला के पति के पहिलीच निधन हो चुके रहिस अउ ओकर मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं रहत रहिस। 16 जुलाई के बिहान महिला गंभीर रूप ले घायल हालत म मिलिस, जबकि ओकर 10 माह के बेटी के घटनास्थल म ही मौत हो चुके रहिस। महिला के सिर अउ चेहरा म गंभीर चोट के निशान मिलिस। बाद म इलाज के दौरान महिला के भी मौत हो गे।
घटना के सूचना मिलतेच पुलिस विभाग म हड़कंप मच गे। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, लैलूंगा थाना पुलिस, एफएसएल टीम अउ डॉग स्क्वॉड घटनास्थल पहुंचिन। टीम घटना स्थल के बारीकी ले जांच करके कई महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाइस।
सुनसान जगह होय के कारण जांच रहिस चुनौतीपूर्ण
घटना के जगह गांव के भीड़भाड़ वाला इलाका म नहीं, बल्कि खेत म बने एक सुनसान मकान म रहिस। घटना के समय कोनो प्रत्यक्षदर्शी भी सामने नहीं आइस। महिला के कोनो खास विवाद के जानकारी भी पुलिस ल शुरू म नहीं मिल पाइस। ए कारण पुलिस के सामने आरोपी तक पहुंचना एक चुनौतीपूर्ण काम रहिस।
मामला म लैलूंगा थाना म अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 230/2026 दर्ज करके भारतीय न्याय संहिता (BNS) के धारा 103(1) के तहत हत्या के अपराध म जांच शुरू करे गे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन म थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व म पुलिस टीम गांव छापरपानी म लगातार कैंप लगाइस। पुलिस कर्मचारी गांव के अलग-अलग लोगन ले पूछताछ करिन अउ घटना के दिन के गतिविधि के जानकारी जुटाइन।
मुखबिर के सूचना ले पुलिस ल मिलिस अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ल मुखबिर मन के माध्यम ले ग्राम कोड़ासिया निवासी भिखारीराम नागवंशी (65 वर्ष) के संबंध म महत्वपूर्ण जानकारी मिलिस। पुलिस के संदेह आरोपी ऊपर गहरात गिस, काबर पूछताछ के दौरान ओकर हाथ म चोट के निशान भी देखे गे रहिस।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ल पूछताछ बर बुलाय गे, फेर शुरू म वो घटना म अपन कोनो भूमिका होय ले इंकार करत रहिस। पुलिस टीम ह वैज्ञानिक अउ मनोवैज्ञानिक तरीका ले पूछताछ जारी रखिस। लगातार पूछताछ के बाद आरोपी टूट गे अउ पुलिस के मुताबिक, अपन अपराध स्वीकार कर लिहिस।
हालांकि, आरोपी के कथन अउ पुलिस ले जुटाय गे साक्ष्य के अंतिम कानूनी परीक्षण न्यायालयीन प्रक्रिया म होही।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ह घटना के बारे म का बताइस?
पुलिस के अनुसार, आरोपी ह 15 जुलाई के रात प्रहलाद बेहरा के खेत म बने बोर मकान पहुंचिस। ओ समय महिला अपन 10 माह के बेटी संग वहां सोवत रहिस।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ह महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करे के कोशिश करिस। महिला के विरोध करे के बाद आरोपी ह वहां रखे ईंट ले महिला के सिर अउ चेहरा म हमला करिस। गंभीर रूप ले घायल होके महिला बेहोश हो गे। पुलिस के अनुसार, एकर बाद आरोपी ह महिला के साथ दुष्कर्म करिस।
घटना के दौरान महिला के पास मौजूद 10 माह के बच्ची के रोए के आवाज सुनाई देय के बाद आरोपी ह बच्ची के भी हत्या कर दिस। घटना के बाद आरोपी खेत के रास्ता ले अपन ठिकाना पहुंचिस अउ घटना के समय पहिने कपड़ा बदल के अलग जगह छिपा दिस।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के निशानदेही ऊपर घटना के समय पहिने गे धोती ल बरामद कर लेय गे हे। पुलिस ह कपड़ा समेत अन्य साक्ष्य ल जांच प्रक्रिया म शामिल करे हे।
हत्या अउ दुष्कर्म के धाराओं म कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ महिला अउ ओकर मासूम बेटी के हत्या के साथ दुष्कर्म के आरोप म कार्रवाई करे गे हे। मामले म दुष्कर्म से संबंधित धारा 64 अउ 66 BNS भी जोड़े गे हे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ल न्यायालय म पेश करे गे, जहां ले ओकर ल न्यायिक रिमांड म भेज दे गे हे। अब आगे के कानूनी प्रक्रिया न्यायालय म चलही।
