कोरबा के कटघोरा थाना म पदस्थ दू आरक्षक ऊपर रिश्वत लेय के आरोप सही पाए के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी ह तत्काल निलंबित कर दीस। जानव प्रारंभिक जांच, पूरा मामला अउ पुलिस विभाग के कार्रवाई के बारे म विस्तार ले पढ़व।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला ले भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े कार्रवाई के खबर सामने आइस हे। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ तिवारी ह कटघोरा थाना म पदस्थ दू आरक्षक ऊपर रिश्वत लेय के गंभीर आरोप के बाद तत्काल प्रभाव ले निलंबन के आदेश जारी कर दीस। प्रारंभिक जांच म शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाए के बाद विभागीय कार्रवाई करे गे हे।
ए कार्रवाई ले साफ संकेत मिलथे कि पुलिस विभाग अब भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता अउ जनता संग गलत व्यवहार करे वाले कर्मचारी मन ऊपर कतको नरमी नइ बरतही। एसपी के ए फैसला ला विभाग के भीतर अनुशासन मजबूत करे के दिशा म महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हे।
शिकायत ले खुलिस मामला
जानकारी के मुताबिक, 4 अगस्त 2026 के एक आवेदक ह पुलिस अधीक्षक कार्यालय म शपथपत्र देके शिकायत दर्ज कराइस। शिकायत म आरोप लगाए गे रहिस कि कटघोरा थाना म पदस्थ आरक्षक क्रमांक 747 प्रदीप राठौर अउ आरक्षक क्रमांक 529 रामभवन पटेल ह एक मामला म कार्रवाई करे के नाम ऊपर शिकायतकर्ता ले अवैध रूप ले रुपिया लेय रहिन।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के बदला म पैसा मांगे गीस अउ रुपिया लेय के बाद मामला म मदद करे के भरोसा दे गे रहिस। मामला गंभीर दिखे के बाद एसपी कार्यालय ह तुरंत जांच के निर्देश जारी कर दीस।
एसडीओपी कटघोरा ला सौंपी गे जांच
शिकायत मिलतेच पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ह पूरा मामला के प्रारंभिक जांच के जिम्मेदारी एसडीओपी कटघोरा ला सौंप दीस। जांच अधिकारी ह शिकायतकर्ता के बयान, उपलब्ध दस्तावेज अउ संबंधित जानकारी के आधार ऊपर जांच शुरू करिस।
जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मी मन के भूमिका, व्यवहार अउ विभागीय नियम के पालन के संबंध म जानकारी जुटाए गे। जांच के बाद तैयार प्रतिवेदन म कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आइन।
प्रारंभिक जांच म सही पाए गीस आरोप
एसडीओपी कटघोरा के जांच प्रतिवेदन म शिकायत के तथ्य प्रथम दृष्टया सही पाए गीस। जांच म सामने आइस कि दूनों आरक्षक मन अपन सरकारी जिम्मेदारी निभाय के दौरान गंभीर लापरवाही बरतिन।
रिपोर्ट म ए घलो उल्लेख करे गे हे कि दूनों कर्मचारी के कार्यशैली संदिग्ध रहिस, अनुशासन के पालन म कमी दिखिस अउ कई मामला म स्वेच्छाचारिता के व्यवहार सामने आइस। जांच अधिकारी ह ए घलो बताए कि संबंधित कर्मचारी मन के आचरण पुलिस रेगुलेशन अउ विभागीय नियम के अनुरूप नइ रहिस।
विभागीय प्रतिवेदन म ए बात के घलो जिक्र करे गे कि अपेक्षित सुधार के संकेत नइ मिले, जेकर चलते कड़ी कार्रवाई जरूरी समझे गीस।
एसपी सिद्धार्थ तिवारी के तत्काल निलंबन आदेश
प्रारंभिक जांच म आरोप सही पाए जाए के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ह दूनों आरक्षक ऊपर तत्काल प्रभाव ले निलंबन के आदेश जारी कर दीस।
निलंबित कर्मचारी मन म—
- आरक्षक क्रमांक 747 प्रदीप राठौर
- आरक्षक क्रमांक 529 रामभवन पटेल
शामिल हवंय।
विभागीय आदेश अनुसार निलंबन अवधि के दौरान दूनों के मुख्यालय पुलिस लाइन कोरबा निर्धारित करे गे हे। ए अवधि म नियमानुसार ओमन ला जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) घलो देय जाही।
विभागीय जांच अब घलो जारी रहिही
पुलिस विभाग के मुताबिक, निलंबन के कार्रवाई प्रारंभिक जांच के आधार ऊपर करे गे हे। मामला के विस्तृत विभागीय जांच अब घलो जारी रहिही। जांच पूरा होए के बाद उपलब्ध साक्ष्य अउ विभागीय नियम के अनुसार आगे के कार्रवाई करे जाही।
अगर विभागीय जांच म आरोप पूरी तरह सिद्ध होथे, त संबंधित कर्मचारी मन ऊपर अउ घलो कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकथे।
भ्रष्टाचार ऊपर जीरो टॉलरेंस के संकेत
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के ए कार्रवाई ला विभाग म भ्रष्टाचार ऊपर जीरो टॉलरेंस नीति के रूप म देखे जा रहे हे। आम जनता के बीच पुलिस के भरोसा बनाए रखे बर ए किसिम के कार्रवाई जरूरी माने जाथे।
विशेषज्ञ मन के माने अनुसार, जऊन कर्मचारी जनता ले अवैध वसूली या रिश्वत लेय जइसने गतिविधि म शामिल होथें, ओमन ऊपर समय रहते कार्रवाई होए ले पूरा विभाग के छवि मजबूत होथे अउ ईमानदारी ले काम करे वाले अधिकारी-कर्मचारी मन के मनोबल घलो बढ़थे।
जनता के भरोसा मजबूत करे के प्रयास
कोरबा जिला पुलिस लगातार कानून व्यवस्था मजबूत करे संग-संग पुलिस व्यवस्था म पारदर्शिता लाए के प्रयास करत हे। ए कार्रवाई ले आम नागरिक मन ला ए संदेश मिलिस कि शिकायत करे के बाद निष्पक्ष जांच हो सकथे अउ दोषी पाए जाए के स्थिति म विभाग कड़ा कदम उठाए बर तैयार हे।
यदि कोई नागरिक खुद ला भ्रष्टाचार या अवैध वसूली के शिकार महसूस करथे, त वो विभागीय अधिकारी मन तक अपन शिकायत पहुंचा सकथे। ए तरह के शिकायत मन ऊपर गंभीरता ले जांच करे जावत हे।
