बीजापुर के कुटरू बफर एरिया में सड़क किनारे तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। राहगीरों ने तेंदुए का वीडियो बनाया। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाई, मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया और ट्रैप कैमरों से निगरानी शुरू कर दी।
बीजापुर(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के कुटरू बफर एरिया में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सड़क किनारे एक खूंखार तेंदुआ दिखाई दिया। कुटरू-मंगापेटा मार्ग से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों और राहगीरों की नजर अचानक सड़क के किनारे बैठे तेंदुए पर पड़ी। कुछ लोगों ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित दूरी से अपने मोबाइल कैमरे में उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो इलाके में तेजी से वायरल होने लगा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल या सुनसान इलाकों की ओर न जाएं तथा अकेले आवागमन से बचें।
कुटरू बफर एरिया में पहली बार नहीं दिखा वन्यजीव
वन अधिकारियों के अनुसार कुटरू बफर एरिया घने जंगलों से घिरा हुआ है और यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से काफी समृद्ध माना जाता है। यहां पहले भी भालू, जंगली सुअर, हिरण और तेंदुए जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी दर्ज की जाती रही है। हालांकि इस बार तेंदुए का सड़क के बिल्कुल किनारे दिखाई देना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश, जंगलों में प्राकृतिक परिस्थितियों में बदलाव या भोजन एवं पानी की तलाश में वन्यजीव कभी-कभी आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में घबराने की बजाय सतर्कता बरतना सबसे जरूरी होता है।
राहगीरों ने मोबाइल में कैद किया वीडियो
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेंदुआ कुछ देर तक सड़क किनारे शांत अवस्था में बैठा रहा। इस दौरान वहां से गुजर रहे लोगों ने दूर से उसका वीडियो रिकॉर्ड किया। हालांकि किसी भी व्यक्ति ने उसके करीब जाने या उसे परेशान करने की कोशिश नहीं की। कुछ ही देर बाद तेंदुआ जंगल की ओर बढ़ गया।
वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग को तत्काल सूचना दी गई, जिसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सघन निगरानी शुरू कर दी।
वन विभाग ने गांवों में कराई मुनादी
घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को बताया गया कि वे सुबह और शाम के समय जंगल की ओर अकेले न जाएं। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने और जंगल के भीतर चराने से बचने की सलाह दी गई है।
विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी को दोबारा तेंदुआ दिखाई दे तो वह स्वयं कोई जोखिम न उठाए, बल्कि तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दे।
ट्रैप कैमरों से हो रही निगरानी
वन विभाग ने तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए हैं। साथ ही वनकर्मियों की गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि तेंदुए की आवाजाही का सही पता लगाया जा सके।
वन अधिकारियों का कहना है कि ट्रैप कैमरों से यह जानकारी मिलेगी कि तेंदुआ किस दिशा में जा रहा है, वह अकेला है या उसके साथ अन्य वन्यजीव भी मौजूद हैं। इसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उपनिदेशक संदीप बल्गा ने क्या कहा
इंद्रावती क्षेत्र के उपनिदेशक संदीप बल्गा ने बताया कि तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलते ही विभाग की गश्ती टीम को तुरंत मौके पर भेज दिया गया है। आसपास के गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और ट्रैप कैमरों के माध्यम से तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यदि आवश्यक हुआ तो अतिरिक्त टीमों को भी तैनात किया जाएगा।
ग्रामीणों के लिए जारी की गई जरूरी सलाह
वन विभाग ने लोगों से कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की अपील की है—
- सुबह और शाम जंगल या सुनसान रास्तों पर अकेले न जाएं।
- बच्चों को जंगल या खेतों की ओर अकेले न भेजें।
- मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास जाने या वीडियो बनाने के लिए जोखिम न लें।
- किसी भी वन्यजीव को उकसाने, पत्थर मारने या पीछा करने की कोशिश न करें।
- तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकना बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ के कई वन क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच संपर्क की घटनाएं बढ़ रही हैं। जंगलों के आसपास बढ़ती मानवीय गतिविधियां, सड़क निर्माण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के कारण वन्यजीव कभी-कभी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं।
ऐसे मामलों में वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय ही किसी भी अप्रिय घटना को रोक सकता है। लोगों की सतर्कता और विभाग की त्वरित कार्रवाई से संभावित खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
वन विभाग के अनुसार फिलहाल किसी व्यक्ति या पशु पर तेंदुए के हमले की सूचना नहीं मिली है। विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी और गश्त जारी रहेगी।
