मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में 500 करोड़ रुपये के AI मिशन, BEML मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, WAMIS डिजिटल सिस्टम, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन और ADB के 15 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी मिली। पढ़ें सभी बड़े फैसलों की विस्तृत रिपोर्ट।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता मं मंत्रालय महानदी भवन मं आयोजित मंत्रिपरिषद के बैठक मं राज्य के विकास, रोजगार, डिजिटल तकनीक, अधोसंरचना अऊ भविष्य के जरूरत ल ध्यान मं रखके कई महत्वपूर्ण फैसला ले जाए गिन। ए फैसला मन सिरिफ सरकारी कामकाज तक सीमित नइ हवंय, बल्कि आने वाला समय मं लाखों युवा, किसान, छात्र, सरकारी कर्मचारी, उद्योग अऊ ग्रामीण इलाका मन ल सीधा फायदा पहुंचाही।
कैबिनेट के बैठक मं 500 करोड़ रुपए के छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के भारी मशीन निर्माण संयंत्र, लोक निर्माण विभाग मं डिजिटल WAMIS सिस्टम, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना मं बड़े बदलाव, अऊ ADB ले 15 करोड़ रुपए के अनुदान जइसने कई अहम प्रस्ताव मन ल मंजूरी देय गीस।
राज्य सरकार के मुताबिक, ए फैसला मन छत्तीसगढ़ ल तकनीकी रूप ले मजबूत, औद्योगिक रूप ले आत्मनिर्भर अऊ ग्रामीण विकास के दिशा मं नई गति देवय।
500 करोड़ के AI मिशन ले बदलही छत्तीसगढ़ के डिजिटल भविष्य
कैबिनेट के सबसे बड़े फैसला मं ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ ल मंजूरी देय गीस। लगभग 500 करोड़ रुपए के लागत वाले ए मिशन अगले 5 साल तक लागू रहिही।
सरकार के उद्देश्य हवय कि AI के मदद ले शासन के कामकाज ल आसान, तेज अऊ पारदर्शी बनाय जाए। ए मिशन भारत सरकार के IndiaAI Mission के अनुरूप तैयार करे गे हवय।
योजना के तहत राज्य भर मं—
- 100 AI डेटा लैब स्थापित करे जाही।
- 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोले जाही।
- 300 ले जियादा AI स्टार्टअप मन ल सहायता देय जाही।
- करीब 6 लाख विद्यार्थी मन ल AI के प्रशिक्षण मिलही।
- 1.5 लाख सरकारी कर्मचारी मन घलो नई तकनीक मं प्रशिक्षित होही।
- शासन के कामकाज बर 50 ले अधिक AI आधारित डिजिटल सेवा विकसित करे जाही।
विशेषज्ञ मन के मानना हे कि ए मिशन लागू होय के बाद छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी डिजिटल राज्य मन मं अपन मजबूत पहचान बना सकथे।
BEML के भारी मशीन निर्माण संयंत्र ले खुलही रोजगार के हजारों अवसर
कैबिनेट ह भारत सरकार के प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ल रियायती दर मं जमीन आबंटित करे के मंजूरी देय हवय।
ए संयंत्र छत्तीसगढ़ के पहिली Heavy Earth Moving Equipment Manufacturing Unit होही।
खनन, सड़क निर्माण, रेलवे अऊ अधोसंरचना विकास मं उपयोग होय वाले भारी मशीन मन के निर्माण अब राज्य के भीतर हो सकही।
सरकार के मुताबिक ए निवेश ले—
- स्थानीय युवा मन बर रोजगार के नए अवसर बनही।
- राज्य मं बड़े औद्योगिक निवेश आही।
- MSME सेक्टर ल प्रत्यक्ष अऊ अप्रत्यक्ष फायदा मिलही।
- स्थानीय उद्योग अऊ सप्लाई चेन मजबूत होही।
- छत्तीसगढ़ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मं राष्ट्रीय स्तर मं नई पहचान बनाही।
औद्योगिक विशेषज्ञ मन के अनुसार ए फैसला राज्य के आर्थिक विकास बर मील के पत्थर साबित हो सकथे।
लोक निर्माण विभाग मं अब पूरी प्रक्रिया होही डिजिटल
सरकार ह लोक निर्माण विभाग (PWD) मं वर्क्स एण्ड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करे के पहिली चरण ल मंजूरी देय हवय।
सी-डैक (C-DAC), पुणे के विकसित ए डिजिटल सिस्टम ले निर्माण कार्य के पूरा प्रक्रिया एके प्लेटफॉर्म मं संचालित होही।
अब—
- कार्य स्वीकृति
- ई-प्राक्कलन
- ई-प्रोक्योरमेंट
- ई-मेजरमेंट बुक (e-MB)
- बिल भुगतान
- लेखा प्रबंधन
- गुणवत्ता निगरानी
जइसने काम ऑनलाइन अऊ पारदर्शी तरीका ले होही।
ए सिस्टम लागू होय के बाद भ्रष्टाचार के संभावना कम होही, भुगतान जल्दी होही अऊ अधिकारी मन रियल टाइम मं काम के निगरानी कर सकहीं।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना मं राहत भरे बदलाव
ग्रामीण इलाका के विकास ल गति देय बर सरकार ह मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना मं कई महत्वपूर्ण संशोधन करे हवय।
अब ग्रामीण गलियन मं सीसी सड़क अऊ नाली निर्माण ल घलो योजना मं शामिल करे गीस।
सबले बड़ा राहत ए हवय कि सड़क निर्माण ले पहिली मनरेगा ले मिट्टी कार्य कराय के अनिवार्यता समाप्त कर देय गीस।
एखर अलावा—
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ले बाहर रहिगे सड़क मन घलो अब योजना के दायरा मं आही।
- जरूरत पड़ने मं NABARD, खनिज न्यास, पर्यावरण एवं अधोसंरचना विकास मद सहित दूसर वित्तीय स्रोत ले धन उपलब्ध कराय जाही।
- प्रशासनिक विभाग सीधे कार्य स्वीकृत कर सकही।
- समीक्षा बर राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनही।
सरकार के मानना हे कि ए बदलाव ले ग्रामीण सड़क विकास मं तेजी आही अऊ गांव-गांव तक बेहतर संपर्क स्थापित होही।
ADB देही 15 करोड़ के अनुदान, ‘अंजोर विजन 2047’ ल मिलही नई दिशा
कैबिनेट ह वित्त विभाग के प्रस्ताव ल मंजूरी देय हवय, जेन तहत Asian Development Bank (ADB) ले 15 करोड़ रुपए के पूर्ण अनुदान (Grant) प्राप्त होही।
ए राशि ‘Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’ परियोजना बर उपयोग करे जाही।
तीन साल तक चलईया ए परियोजना मं राज्य सरकार ल एक रुपिया घलो खर्च नइ करना पड़ही।
योजना के माध्यम ले—
- सार्वजनिक वित्त प्रबंधन मजबूत होही।
- PPP मॉडल ल बढ़ावा मिलही।
- ग्रीन फाइनेंस अऊ ब्लेंडेड फाइनेंस विकसित होही।
- सार्वजनिक उपक्रम मन के कार्यक्षमता बढ़ही।
- जलवायु अनुकूल परियोजना तैयार होही।
- छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य अनुसार नई परियोजना मन के रोडमैप तैयार होही।
परियोजना के सफल संचालन बर अलग ले Project Management Unit (PMU) घलो गठित करे जाही।
