कोयला मजदूर पंचायत (एचएमएस) की नई केंद्रीय कार्यकारिणी का गठन। रेशम लाल यादव अध्यक्ष और विनय सिंह लगातार दूसरी बार केंद्रीय महामंत्री चुने गए। जानिए नई टीम की प्राथमिकताएं, श्रमिक हितों के लिए संगठन की रणनीति और पूरी खबर।
बिलासपुर/कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के कोयला उपक्रमों में कार्यरत श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण के लिए सक्रिय कोयला मजदूर पंचायत (एचएमएस) ने अपनी नई केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की घोषणा कर दी है। संगठन ने अनुभवी और लंबे समय से श्रमिक आंदोलन से जुड़े नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए भविष्य की रणनीति स्पष्ट कर दी है।
नई कार्यकारिणी में गेवरा क्षेत्र के पूर्व कर्मचारी रेशम लाल यादव को केंद्रीय अध्यक्ष चुना गया है, जबकि सोहागपुर क्षेत्र के विद्युत पर्यवेक्षक विनय सिंह को लगातार दूसरी बार केंद्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन का मानना है कि अनुभवी नेतृत्व के माध्यम से श्रमिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान और प्रबंधन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब कोयला उद्योग लगातार उत्पादन लक्ष्य, तकनीकी बदलाव, सुरक्षा मानकों और श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों से गुजर रहा है। ऐसे में नई कार्यकारिणी से श्रमिकों को काफी उम्मीदें हैं।
कार्यवाहक अध्यक्षों की भी हुई नियुक्ति
संगठन ने अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
- रामेश्वर दुबे (चिरमिरी क्षेत्र) को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया।
- हरी यादव (बैकुंठपुर क्षेत्र) को भी कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
संगठन का कहना है कि इन नियुक्तियों से विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर श्रमिकों की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
सीएमडी एसईसीएल को भेजी गई आधिकारिक सूचना
केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि नई केंद्रीय कार्यकारिणी के गठन की आधिकारिक सूचना एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को भेज दी गई है।
उन्होंने बताया कि संगठन के सभी निर्वाचित पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य अब संरक्षित कर्मचारी (Protected Workmen) के रूप में मान्यता प्राप्त करेंगे। इससे संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन और श्रमिकों के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि संगठन पूरी पारदर्शिता के साथ अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करेगा और श्रमिकों की आवाज को उचित मंच तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
नई टीम ने जताई श्रमिकों के प्रति प्रतिबद्धता
नवनिर्वाचित अध्यक्ष रेशम लाल यादव और केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि संगठन की नई कार्यकारिणी पूरी प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ कोयला श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि संगठन की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं—
- श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- उचित वेतनमान और भत्तों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देना।
- सेवा शर्तों में पारदर्शिता बनाए रखना।
- श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना।
- औद्योगिक संबंधों को बेहतर बनाना।
- श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कराना।
नेतृत्व ने कहा कि संगठन किसी भी कर्मचारी की समस्या को नजरअंदाज नहीं करेगा और प्रत्येक वैधानिक मुद्दे पर मजबूती से अपनी बात रखेगा।
प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर संवाद पर रहेगा जोर
नई कार्यकारिणी ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य केवल मांगें उठाना नहीं बल्कि प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच स्वस्थ एवं सकारात्मक औद्योगिक संबंध स्थापित करना भी है।
संगठन का मानना है कि बेहतर संवाद और आपसी विश्वास के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों की भी प्रभावी रक्षा की जा सकती है।
नई टीम ने कहा कि जहां आवश्यक होगा वहां श्रमिकों की आवाज बुलंद की जाएगी, वहीं संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की भी पूरी कोशिश की जाएगी।
सभी संबंधित विभागों को भेजी गई कार्यकारिणी की जानकारी
संगठन ने नई केंद्रीय कार्यकारिणी के गठन की सूचना केवल एसईसीएल प्रबंधन तक सीमित नहीं रखी है, बल्कि इससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण विभागों को भी आधिकारिक पत्र भेजा गया है।
इनमें प्रमुख रूप से—
- रजिस्ट्रार, व्यावसायिक संघ, रायपुर
- निदेशक (एचआर), कोल इंडिया लिमिटेड
- उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय)
- एसईसीएल के सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक
को नई कार्यकारिणी की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
इस प्रक्रिया के बाद संगठन की नई टीम आधिकारिक रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
कोयला उद्योग में ट्रेड यूनियनों की भूमिका क्यों है महत्वपूर्ण
देश के कोयला उद्योग में ट्रेड यूनियनें केवल कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि कार्यस्थल की सुरक्षा, श्रम कानूनों के पालन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, आवास, चिकित्सा, पदोन्नति, सेवा शर्तों और औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
एसईसीएल जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम में हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में एक मजबूत और सक्रिय कर्मचारी संगठन कर्मचारियों तथा प्रबंधन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बनता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संगठन सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें तो इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और उत्पादन क्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
श्रमिकों की नई उम्मीदें
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद कोयला क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को उम्मीद है कि संगठन उनके लंबित मामलों, सेवा संबंधी समस्याओं, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, कार्यस्थल की सुविधाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएगा।
विशेष रूप से बदलते औद्योगिक वातावरण और आधुनिक तकनीकों के दौर में कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा को लेकर संगठन की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नई टीम ने भी भरोसा दिलाया है कि वह संगठन की परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए श्रमिकों के विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेगी।
