कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र में पत्नी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एक युवक ने अपने ही मित्र पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसे पीड़ित ने तालाब में कूदकर जान बचाई। आरोपी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
छत्तीसगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) के कोरबा जिले में दोस्ती को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते जानलेवा हमले में बदल गया। आरोप है कि पत्नी पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने से नाराज एक युवक ने अपने ही मित्र पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरा पीड़ित युवक किसी तरह अपनी जान बचाने के लिए करीब 100 मीटर दूर स्थित डबरीनुमा तालाब तक भागा और उसमें छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।
घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से झुलसे युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि आरोपी भी आग की चपेट में आने से घायल हो गया। सूचना मिलते ही रजगामार पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
रजगामार पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम बुंदेली की घटना
यह पूरी घटना कोरबा जिले के रजगामार पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बुंदेली की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार आरोपी और पीड़ित पहले से एक-दूसरे के अच्छे मित्र थे। दोनों के बीच अक्सर मेलजोल रहता था, लेकिन हाल ही में आरोपी की पत्नी को लेकर की गई कथित टिप्पणी ने दोनों के रिश्ते में दरार पैदा कर दी।
बताया जा रहा है कि पत्नी पर की गई टिप्पणी को लेकर आरोपी काफी समय से नाराज था। इसी नाराजगी ने आखिरकार हिंसक रूप ले लिया और उसने अपने ही दोस्त को सबक सिखाने की ठान ली।
पेट्रोल डालकर लगा दी आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी ने पहले अपने मित्र के साथ विवाद किया। विवाद बढ़ने के बाद उसने अपने पास रखा पेट्रोल पीड़ित युवक के ऊपर उड़ेल दिया और आग लगा दी। देखते ही देखते युवक आग की लपटों से घिर गया।
अचानक हुए इस हमले से आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए। पीड़ित दर्द से चीखता हुआ अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा।
100 मीटर दूर तालाब में कूदकर बचाई जान
आग की लपटों से घिरे युवक ने हिम्मत नहीं हारी। उसने करीब 100 मीटर दूर स्थित एक डबरीनुमा तालाब की ओर दौड़ लगाई और सीधे उसमें छलांग लगा दी। पानी में उतरते ही आग काफी हद तक बुझ गई, जिससे उसकी जान बच सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि युवक समय रहते तालाब तक नहीं पहुंचता तो यह घटना और भी भयावह रूप ले सकती थी। आग से बुरी तरह झुलसने के बावजूद उसने अपनी सूझबूझ और साहस से खुद को बचा लिया।
परिजन पहुंचे, अस्पताल में कराया भर्ती
तालाब से बाहर निकलने के बाद पीड़ित के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। युवक की हालत गंभीर देखते हुए उसे तत्काल कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
डॉक्टरों के अनुसार युवक के शरीर का बड़ा हिस्सा आग से प्रभावित हुआ है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
आरोपी भी झुलसा, आग लगाते समय खुद आया चपेट में
घटना का एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि जिस समय आरोपी ने पेट्रोल डालकर आग लगाई, उसी दौरान वह भी आग की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि उसके एक हाथ में गंभीर जलन आई है।
पुलिस ने आरोपी का भी प्राथमिक उपचार कराया, जिसके बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
घटना के दूसरे दिन दर्ज हुई शिकायत
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से रजगामार पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही चौकी प्रभारी विनोद सिंह अपनी टीम के साथ तत्काल ग्राम बुंदेली पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस कर रही मामले की विस्तृत जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटना के समय मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना पूरी तरह पूर्व नियोजित थी या फिर अचानक हुए विवाद के दौरान आरोपी ने यह कदम उठाया। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गुस्से में उठाया गया एक कदम बना गंभीर अपराध
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्तिगत विवाद और पारिवारिक सम्मान से जुड़े मामलों में कई बार लोग आवेश में ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिनके परिणाम बेहद गंभीर होते हैं। गुस्से में लिया गया एक गलत फैसला न केवल किसी की जिंदगी बदल देता है, बल्कि आरोपी का भविष्य भी कानूनी दायरे में फंस जाता है।
यह घटना भी इस बात का उदाहरण है कि क्षणिक आवेश में किया गया हिंसक कृत्य दो परिवारों के लिए भारी संकट बन सकता है।
इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
ग्राम बुंदेली सहित आसपास के क्षेत्रों में इस घटना की व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि दोनों युवक पहले अच्छे मित्र थे, इसलिए इस तरह की घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते पीड़ित तालाब तक नहीं पहुंचता, तो यह मामला हत्या में बदल सकता था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीड़ित का इलाज जारी है।
