बेमेतरा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला मं इंडियन ओवरसीज बैंक के शाखा मं सामने आए करोड़ों रुपिया के घोटाला मामला मं पुलिस ला बड़ी सफलता मिले हवय। पुलिस ले मामले के मुख्य आरोपी अउ बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास ला तमिलनाडु के तंजावुर ले गिरफ्तार करिस। आरोपी ऊपर बैंक के नियम-कायदा ला दरकिनार करके दूसर आरोपी मन के संग मिलके करोड़ों रुपिया के आर्थिक अनियमितता करे के आरोप हवय।
मामला करीब 14 करोड़ 56 लाख 9 हजार 693 रुपिया के घोटाला ले जुड़ा हवय। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मन ले फर्जी दस्तावेज तैयार करके, बिना जरूरी जांच-पड़ताल के ऋण स्वीकृत कराके अउ खातामन ले अनधिकृत रूप ले रकम ट्रांसफर करके बैंक ला करोड़ों रुपिया के नुकसान पहुंचाए के आरोप हवय।
मामले के गंभीरता ला देखत पुलिस ले लंबे समय ले फरार चलत मुख्य आरोपी विनीत दास के तलाश मं टीम लगाय रहिस। आखिरकार पुलिस टीम ला जानकारी मिलिस कि आरोपी तमिलनाडु के तंजावुर मं मौजूद हवय। इसके बाद टीम ले कार्रवाई करत हुए आरोपी ला गिरफ्तार करिस अउ ट्रांजिट रिमांड मं बेमेतरा लाए गे हवय। अब मामले मं आगे के पूछताछ अउ कानूनी कार्रवाई करे जावत हवय।
2022 मं दर्ज करे गे रहिस मामला
इंडियन ओवरसीज बैंक के बेमेतरा शाखा मं हुए ए कथित घोटाला के मामला मं साल 2022 मं अपराध दर्ज करे गे रहिस। बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रज्जू पाटनवार के शिकायत के आधार मं पुलिस ले मामले के जांच शुरू करिस।
शिकायत के बाद पुलिस अउ संबंधित जांच एजेंसी मन ले बैंक के रिकॉर्ड, खातामन मं हुए लेन-देन अउ ऋण स्वीकृति के प्रक्रिया के जांच करे गे। जांच आगे बढ़े के संग बैंक के आंतरिक रिपोर्ट मं सामने आए कई गंभीर अनियमितता मन के जानकारी पुलिस के सामने आइस।
मामला मं आरोप लगिस कि बैंक के तत्कालीन मैनेजर विनीत दास ले बैंक के नियम मन के पालन नई करत दूसर आरोपी मन के संग मिलके आर्थिक गड़बड़ी ला अंजाम दे रहिस। जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज के उपयोग, ऋण स्वीकृति मं नियम के उल्लंघन अउ रकम के अनधिकृत हस्तांतरण जइसने कई बिंदु सामने आए।
फर्जी दस्तावेज अउ अनियमित ऋण स्वीकृति के आरोप
पुलिस के जांच मं बैंक के आंतरिक रिपोर्ट के आधार मं कई गंभीर अनियमितता सामने आए हवय। जांच मं आरोप हवय कि कुछ मामला मं फर्जी जीएसटी नंबर के उपयोग करे गे रहिस। इसके अलावा कुछ ऋण प्रकरण मन मं जरूरी दस्तावेज के सत्यापन बिना ही ऋण स्वीकृत करे गे के बात घलो सामने आए हवय।
बैंकिंग व्यवस्था मं कोनो भी ऋण स्वीकृत करे ले पहिली आवेदक के दस्तावेज, आय, कारोबार अउ पात्रता के जांच करे जाथे। फेर ए मामला मं जांच एजेंसी मन ला अइसन कई मामला मिले, जिहां बैंकिंग प्रक्रिया के पालन मं गंभीर लापरवाही के आरोप लगिस।
आरोप ये घलो हवय कि कुछ खातामन ले बिना अधिकृत अनुमति के रकम दूसर खाता मं ट्रांसफर करे गे। रकम के ए तरह के लेन-देन के चलते बैंक ला भारी आर्थिक नुकसान होए के बात सामने आए हवय।
पुलिस अब ए बात के जांच करत हवय कि घोटाला के रकम आखिर कहां-कहां उपयोग करे गे अउ ए पूरा लेन-देन मं अउ कतका लोगन के भूमिका रहिस।
चार आरोपी पहिली ही हो चुके हवंय गिरफ्तार
ए मामला मं पुलिस ले मुख्य आरोपी विनीत दास के गिरफ्तारी ले पहिली चार आरोपी ला गिरफ्तार कर चुके रहिस। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मन मं कमलेश सिन्हा, जोहन सिन्हा, नागेश वर्मा अउ टीकाराम माथुर शामिल हवंय।
इन आरोपी मन ले पूछताछ अउ जांच के दौरान मिले जानकारी के आधार मं पुलिस ले मामले के मुख्य आरोपी विनीत दास के तलाश जारी रखिस। हालांकि, मामला दर्ज होए के बाद ले विनीत दास फरार चलत रहिस अउ पुलिस ला लगातार ओकर तलाश रहिस।
जांच के दौरान पुलिस टीम ले आरोपी के संभावित ठिकाना मन के जानकारी जुटावत रहिस। आखिरकार पुलिस ला पता चलिस कि विनीत दास तमिलनाडु के तंजावुर मं मौजूद हवय। इसके बाद बेमेतरा पुलिस के टीम ले वहां पहुंचके आरोपी ला गिरफ्तार करिस।
तंजावुर ले पकड़ाइस मुख्य आरोपी
मुख्य आरोपी विनीत दास ला तमिलनाडु के तंजावुर ले गिरफ्तार करे के कार्रवाई दुर्ग रेंज आईजी अभिषेक शांडिल्य अउ बेमेतरा एसपी त्रिलोक बंसल के निर्देशन मं गठित पुलिस टीम ले करिस।
आरोपी ला गिरफ्तार करे के बाद पुलिस ले कानूनी प्रक्रिया पूरा करत हुए ट्रांजिट रिमांड मं बेमेतरा लाए हवय। अब आरोपी ले पूछताछ करके घोटाला के पूरा नेटवर्क, रकम के लेन-देन अउ दूसर संभावित आरोपी मन के भूमिका के बारे मं जानकारी जुटाए जावत हवय।
पुलिस के नजर अब ए बात ऊपर घलो हवय कि बैंक ले निकाले गे रकम के उपयोग कहां करे गे, रकम के कोनो हिस्सा दूसर खाता मं ट्रांसफर करे गे रहिस का, अउ ए पूरा मामला मं अउ कतका लोगन के सीधा या अप्रत्यक्ष रूप ले भूमिका रहिस।
बैंकिंग सिस्टम के अनियमितता ऊपर उठे सवाल
ए मामला सिर्फ एक बैंक शाखा मं हुए आर्थिक गड़बड़ी तक सीमित नई हवय, बल्कि ए ले बैंकिंग प्रक्रिया मं नियम-कायदा अउ आंतरिक निगरानी के महत्व ऊपर घलो सवाल उठत हवय।
बैंक मं करोड़ों रुपिया के ऋण स्वीकृति अउ खातामन ले रकम ट्रांसफर जइसने प्रक्रिया मं कई स्तर के जांच अउ मंजूरी जरूरी होथे। अइसन मं अगर फर्जी दस्तावेज या बिना सत्यापन के ऋण स्वीकृत होए के आरोप सही साबित होथे, त ये बैंक के आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था मं गंभीर चूक के संकेत हो सकथे।
हालांकि, पुलिस जांच अउ न्यायालयीन प्रक्रिया पूरा होए के बाद ही ए आरोप मन के अंतिम स्थिति स्पष्ट होही। फिलहाल पुलिस ले उपलब्ध दस्तावेज अउ सबूत के आधार मं जांच ला आगू बढ़ावत हवय।
पुलिस टीम के कार्रवाई मं महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्य आरोपी ला तमिलनाडु ले गिरफ्तार करे मं बेमेतरा पुलिस टीम के महत्वपूर्ण भूमिका रहिस। कार्रवाई मं सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला समेत पुलिस टीम के योगदान रहिस।
पुलिस के लगातार प्रयास के बाद लंबे समय ले फरार बताए जा रहे मुख्य आरोपी ला गिरफ्तार करे मं सफलता मिले हवय। अब पूछताछ के बाद मामला मं अउ कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आए के संभावना जताए जावत हवय।
