कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉल पर बातचीत कर बधाई दी। जानिए उनकी उपलब्धि और मुख्यमंत्री की शुभकामनाओं से जुड़ी पूरी खबर।
रायपुर/राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ की बेटी और राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर ज्ञानेश्वरी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से आत्मीय बातचीत कर उन्हें इस शानदार सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी की यह उपलब्धि केवल एक पदक नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों और विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का संदेश है।
मुख्यमंत्री ने कहा- आपकी मेहनत और समर्पण ने देश का सम्मान बढ़ाया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बातचीत के दौरान ज्ञानेश्वरी यादव को रजत पदक जीतने पर पुनः बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करना आसान नहीं होता। इसके लिए वर्षों तक लगातार अभ्यास, अनुशासन और कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपनी लगन और मेहनत से यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा, “आपकी सफलता छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आपने अपनी मेहनत और समर्पण से प्रदेश का नाम रोशन किया है। आने वाले समय में भी आप इसी तरह नई ऊंचाइयों को छुएंगी और देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाती रहेंगी।”
मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।
रवानगी से पहले हुई थी मुलाकात, सफलता के बाद फिर हुई आत्मीय बातचीत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बातचीत के दौरान पुरानी मुलाकात को भी याद किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले भी ज्ञानेश्वरी यादव से मुलाकात हुई थी और उस समय उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गई थीं।
उन्होंने कहा कि आज उनकी सफलता के बाद उनसे दोबारा बातचीत करना बेहद खुशी का क्षण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपनी मेहनत से उस विश्वास को सही साबित किया है, जो प्रदेशवासियों को उनके ऊपर था। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य निर्धारित कर पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ प्रयास किया जाए तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के पद पर हैं ज्ञानेश्वरी
ज्ञानेश्वरी यादव केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं हैं, बल्कि वह छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। खेल और नौकरी दोनों की जिम्मेदारियों को संतुलित करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह उपलब्धि हासिल की है।
उनकी सफलता उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। ज्ञानेश्वरी ने यह दिखाया है कि मेहनत, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
राजनांदगांव जिले से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस सफलता से जिले सहित पूरे प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को नया उत्साह मिला है।
बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं ज्ञानेश्वरी यादव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशेष रूप से कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और खेल के क्षेत्र में भी लगातार नए मुकाम हासिल कर रही हैं।
ज्ञानेश्वरी की सफलता यह संदेश देती है कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने की दिशा में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
प्रदेशभर में खुशी की लहर, लोगों ने दी बधाई
ज्ञानेश्वरी यादव के रजत पदक जीतने के बाद राजनांदगांव सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
लोगों का कहना है कि ज्ञानेश्वरी ने अपने प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाई है। उनकी सफलता आने वाले समय में प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
संघर्ष से सफलता तक का सफर बनी मिसाल
ज्ञानेश्वरी यादव की यह उपलब्धि अचानक मिली सफलता नहीं है, बल्कि इसके पीछे वर्षों की मेहनत और संघर्ष छिपा है। खेल के प्रति उनका समर्पण, नियमित अभ्यास और अनुशासन ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है।
एक खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतना गौरव का क्षण होता है, लेकिन ज्ञानेश्वरी ने इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ की उम्मीदों को भी नई उड़ान दी है।
उनकी कहानी यह बताती है कि छोटे शहरों और कस्बों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी सही मार्गदर्शन और मेहनत के दम पर विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में ज्ञानेश्वरी यादव का रजत पदक जीतना छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा उन्हें दी गई बधाई ने इस सफलता को और खास बना दिया है।
ज्ञानेश्वरी यादव अब केवल राजनांदगांव या छत्तीसगढ़ की पहचान नहीं हैं, बल्कि वह पूरे देश की उन बेटियों की प्रेरणा बन गई हैं जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। उनकी मेहनत और सफलता आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
