अंबिकापुर(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत पलका गांव निवासी 48 वर्षीय पूरन राम पोर्ते कथित रूप से सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से लौटते समय लापता हो गए हैं। परिवार के अनुसार वे शासन की ओर से आयोजित यात्रा में शामिल होकर गुजरात गए थे, लेकिन वापसी के दौरान 26 जून को महाराष्ट्र के जलगांव रेलवे स्टेशन से उनके लापता होने की जानकारी मिली। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है और अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
परिजनों का कहना है कि यात्रा सरकारी संरक्षण में आयोजित की गई थी, ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की भी थी। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द पूरन राम पोर्ते का पता लगाने की मांग की है।
वापसी यात्रा के दौरान हुआ संपर्क टूटने का दावा
परिवार के अनुसार पूरन राम पोर्ते सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के लिए निर्धारित दल के साथ गए थे। यात्रा पूरी होने के बाद जब सभी श्रद्धालु वापस लौट रहे थे, तभी 26 जून को महाराष्ट्र के जलगांव रेलवे स्टेशन के आसपास उनका संपर्क टूट गया।
परिजनों का कहना है कि इसके बाद से न तो उनसे कोई फोन पर बात हो सकी और न ही उनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी मिल सकी। काफी तलाश के बावजूद अब तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
परिवार की बढ़ती चिंता, हर दिन भारी
पूरन राम पोर्ते के लापता होने के बाद उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। घर के सदस्य लगातार रिश्तेदारों, परिचितों और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि समय बीतने के साथ उनकी चिंता और बढ़ रही है। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां जल्द प्रभावी कार्रवाई कर पूरन राम का सुरक्षित पता लगाएंगी।
यात्रा प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि यात्रा शासन के संरक्षण में आयोजित की गई थी तो यात्रियों की उपस्थिति, आवाजाही और सुरक्षा की बेहतर निगरानी होनी चाहिए थी।
उनका कहना है कि यदि किसी यात्री का समूह से संपर्क टूटता है तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचनी चाहिए और तत्काल खोजबीन शुरू होनी चाहिए। परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
परिजनों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से आग्रह किया है कि महाराष्ट्र पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर खोज अभियान तेज किया जाए।
उनका कहना है कि यदि रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, यात्रियों की सूची और अन्य उपलब्ध सूचनाओं की समय पर जांच की जाए तो लापता व्यक्ति का सुराग मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

लापता मामलों में शुरुआती समय होता है महत्वपूर्ण
लापता व्यक्तियों से जुड़े मामलों में शुरुआती समय को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती घंटों और दिनों में जुटाए गए साक्ष्य, सीसीटीवी रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मोबाइल लोकेशन जैसी जानकारियां जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ऐसे मामलों में विभिन्न राज्यों की पुलिस और रेलवे एजेंसियों के बीच समन्वय भी बेहद आवश्यक होता है ताकि खोज अभियान प्रभावी ढंग से चलाया जा सके।
यात्राओं में सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ती चर्चा
यह घटना एक बार फिर संगठित धार्मिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ यात्रा करने पर उनकी उपस्थिति, स्वास्थ्य, संपर्क और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समूह यात्राओं में प्रत्येक यात्री का पंजीकरण, नियमित उपस्थिति, संपर्क विवरण और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली प्रभावी होने से इस प्रकार की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी जताई चिंता
पलका गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरन राम पोर्ते लंबे समय से गांव में रह रहे हैं और उनके अचानक लापता होने की खबर से सभी चिंतित हैं।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खोजबीन में तेजी लाई जाए और परिवार को समय-समय पर जांच की प्रगति से अवगत कराया जाए।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक पूरन राम पोर्ते के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्हें आखिरी बार किस परिस्थिति में देखा गया था। मामले में संबंधित एजेंसियों की ओर से आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
परिवार की एक ही उम्मीद—सुरक्षित वापसी
पूरन राम पोर्ते के परिजनों की सबसे बड़ी इच्छा यही है कि वे सकुशल घर लौट आएं। परिवार का कहना है कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि खोज अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
परिजनों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को पूरन राम पोर्ते के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिले तो तत्काल स्थानीय पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।
सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से लौटते समय सरगुजा के श्रद्धालु पूरन राम पोर्ते का लापता होना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है। यह घटना धार्मिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय को और मजबूत बनाने की आवश्यकता की भी याद दिलाती है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण है कि संबंधित एजेंसियां समन्वित ढंग से खोज अभियान चलाएं और मामले की हर पहलू से जांच करें। परिवार और ग्रामीणों की उम्मीद अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई है।
